BJP MLA यौन शोषण मामला... पार्टी को फ़ज़ीहत का डर, बुलाई कोर ग्रुप की मीटिंग
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BJP MLA यौन शोषण मामला... पार्टी को फ़ज़ीहत का डर, बुलाई कोर ग्रुप की मीटिंग
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगतने कहा कि यदि विधायक दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

पार्टी अध्यक्ष बंशीधर भगत ने बुधवार शाम को विधायक को फोन किया था और बयान दर्ज कराने को कहा था, तब महेश नेगी थाने पहुंचे.

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देहरादून. भाजपा विधायक महेश नेगी के यौन शोषण मामले में ऊपर से भले ही भाजपा सब-कुछ सामान्य दिखाने की कोशिश कर रही हो लेकिन हकीकत ये है कि इस प्रकरण ने पार्टी को टेंशन में डाल दिया है. टेंशन यह कि विधानसभा चुनाव नज़दीक आ रहे हैं और अगर मामले ने तूल पकड़ा तो सरकार और पार्टी की सारी मेहनत पर पानी फिर सकता है. इससे पहले 23 सितंबर से विधानसभा का मॉनसून सत्र भी आहूत हो चुका है. विपक्ष की कोशिश होगी कि वह सदन में इस मामले पर सरकार को घेरे. विधायक को लेकर शुरु हुए सवालों का सिलसिला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. पार्टी की मुश्किल यह है कि वह क्या बोले, क्या न बोले. अब पार्टी ने 22 अगस्त को कोर ग्रुप की मीटिंग बुलाई है जिसमें मुख्य मुददा महेश नेगी का ही रहने वाला है.

पार्टी अध्यक्ष के कहने पर दर्ज कराए बयान 

तीन दिन तक बयान दर्ज कराने से हीलाहवाली कर रहे विधायक महेश नेगी ने बुधवार रात थाने में पहुंचकर बयान दर्ज कराए तो पार्टी ने राहत की सांस ली. बताया जा रहा है कि इसके पीछे भी पार्टी का दबाव था. विधायक के बयान दर्ज कराने से हो रही किरकिरी के बाद पार्टी अध्यक्ष बंशीधर भगत ने बुधवार शाम को विधायक को फोन किया था और बयान दर्ज कराने को कहा था.



भाजपा से जुड़े सूत्रों के अनुसार पार्टी अध्यक्ष ने विधायक को मीडिया को फेस करने को भी कहा था लेकिन विधायक ने कहा कि उनके वकील ने मामले कुछ भी बयानबाजी से बचने को कहा है.
सख़्त हुई पार्टी

हालांकि, शुरुआती दौर में वेट एंड वॉच की बात कहने वाली पार्टी को जल्द इस बात का एहसास भी हो गया कि मामले में चुप्पी साधना पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. इसलिए गुरुवार को पहली बार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के सुरों में थोड़ा तल्खी दिखाई दी.

भगत का कहना था कि यदि विधायक दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. माना जा रहा है कि 22 अगस्त को होने वाली कोर ग्रुप की मीटिंग में पार्टी विधायक पर अपना स्टैंड क्लियर कर सकती है.

बीजेपी और विवाद

दरअसल सत्ताधारी भाजपा जब-जब पीक पर पहुंचती हुई नजर आती है तब-तब कोई न कोई विवाद उसके दामन पर नत्थी हो ही जाता है. इससे पहले उत्तराखंड में सत्ता संभालने के साल भर के भीतर ही पार्टी के महामंत्री संगठन जैसा महत्वपूर्ण पद संभाले संजय कुमार भी यौन शोषण के आरोपों से घिर गए थे. उन पर पार्टी की ही एक महिला कार्यकर्ता ने यौन शोषण का आरोप लगाया था.

पार्टी की इतनी किरकिरी हुई कि संजय कुमार से इस्तीफा मांग लिया गया और पार्टी आज तक संजय की वापसी का साहस नहीं जुटा पा रही है. यह मामला अभी भी कोर्ट में चल रहा है.

इसके बाद 2019 में विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन के वायरल वीडियो और उत्तराखंड के लिए अपशब्द बोले जाने के मामले ने भी खूब तूल पकड़ा था. पार्टी को अंतत: विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन को निष्कासित करना पड़ा था. चैंपियन की आज तक घर वापसी नहीं हो पाई है. ऐसे में अब एक बार फिर विधायक महेश नेगी प्रकरण ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
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