BRO ने 5 दिन में दोबारा तैयार किया भारत-चीन सीमा पर टूटा ब्रिज, CM ने अधिकारियों और इंजीनियरों दी बधाई
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BRO ने 5 दिन में दोबारा तैयार किया भारत-चीन सीमा पर टूटा ब्रिज, CM ने अधिकारियों और इंजीनियरों दी बधाई
भारी भरकम ट्रक के गुजरने से बेली ब्रिज 22 जून को टूट गया था

बीआरओ (BRO) ने मुनस्यारी में केवल पांच दिन में ही अति सामरिक महत्व के बेली ब्रिज (Belly Bridge) को दोबारा बनाकर तैयार कर दिया.

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देहरादून. उत्तराखंड में पिथौरागढ जिले के मुनस्यारी में भारत-चीन सीमा (India-China Border) के पास ओवरलोड ट्रक के गुजरने से भरभराकर ढह गए बेली ब्रिज (Belly Bridge) को सीमा सडक संगठन (बीआरओ) ने केवल पांच दिन में दोबारा बना दिया. सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (CM Trivendra Singh Rawat) ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा करते हुए इसके निर्माण कार्य में दिन रात जुटे रहे बीआरओ के तमाम अधिकारियों और इंजीनियरों को बधाई दी है.

नए पुल की भार वहन करने की क्षमता दोगुनी

सीएम रावत ने कहा कि बीआरओ ने मुनस्यारी में केवल पांच दिन में ही अति सामरिक महत्व के बेली ब्रिज को दोबारा बनाकर उच्चस्तरीय तकनीकी क्षमता का परिचय दिया है. उन्होंने बताया कि नए पुल की भार वहन करने की क्षमता दोगुनी है. मुख्यमंत्री ने ट्विटर पर इस पुल से गुजरती एक भारी भरकम मशीन का वीडियो भी साझा किया है.





22 जून को ट्रक के गुजरने से टूट गया था पुल 

गत 22 जून को भारत-चीन सीमा से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित बेली ब्रिज एक भारी ट्रक के गुजरने के दौरान टूट गया था. चालीस फीट लंबे और 2009 में निर्मित इस बेली ब्रिज की भार सहने की क्षमता 18 टन थी, जबकि उसपर से गुजरने वाले ट्रक और उस पर लदी जेसीबी मशीन का कुल भार 26 टन था. पुल के टूटने से जौहार घाटी के करीब 15 सीमांत गांवों का संपर्क कट गया था.

 
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