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ज़हरीली शराब पर चर्चा... विपक्ष ने कहा सरकार का नौकरशाही पर नियंत्रण नहीं
Dehradun News in Hindi

Deepankar Bhatt | News18 Uttarakhand
Updated: February 12, 2019, 12:16 PM IST
ज़हरीली शराब पर चर्चा... विपक्ष ने कहा सरकार का नौकरशाही पर नियंत्रण नहीं
ज़हरीली शराब के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने सरकार पर तीखा हमला बोला.

सदन में भगवानपुर विधायक ममता राकेश ने कहा कि तेरहवीं के भोज में शराब नहीं परोसी गई थी. शराब की भट्टियां पहले से गांव में चल रही थीं.

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बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदयेश ने ज़हरीली शराब के मुद्दे पर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि कोई भी मंत्री, अधिकारी मौके पर नहीं गया. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नौकरशाही पर सरकार का नियंत्रण नहीं है. नौकरशाही पर लगाम होती, तो ऐसा नहीं होता. उन्होंने विधानसभा स्पीकर से सरकार को निर्देश देने की मांग की. इंदिरा हृदयेश ने पूछा कि कहां है राज्य का आबकारी विभाग? अब कहां से मिल रही शराब की अवैध भट्टियां.

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इससे पहले ज़हरीली शराब के मुद्दे पर सदन में नियम 310 के तहत चर्चा करने की कांग्रेस की मांग को स्पीकर ने मंज़ूर कर लिया. 2013 के बाद पहली बार नियम 310 के तहत चर्चा होगी. आपदा के दौरान हुई थी नियम 310 में चर्चा.

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सदन में भगवानपुर विधायक ममता राकेश ने कहा कि तेरहवीं के भोज में शराब नहीं परोसी गई थी.  शराब की भट्टियां पहले से गांव में चल रही थीं. थानाध्यक्ष झबरेड़ा को पहले ही दी थी जानकारी. पुलिस की लापरवाही से गयी लोगों की जानें. विधानसभा के 5-6 गांवों में हालात खराब हैं. बिंदुखड़ग गांव में अब तक 15 लोगों की मौत हो गई है. विधायक ने अवैध शराब के खिलाफ कड़े नियम बनाने की मांग की.

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सदन में कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि रुड़की अस्पताल में प्रशासन का कोई अधिकारी मौजूद नहीं था. 8 फरवरी के हालात देखते हुए सरकार ने कार्रवाई नहीं की. प्रीतम सिंह ने कहा कि सरकार इस मामले में बिल्कुल असंवेदनशील रही, सूचना के बाद भी कोई नहीं जागा. उन्होंने कहा कि सरकार चाहती तो यह नरसंहार नहीं होता. मुआवज़े के 2 लाख रुपये भी अब तक नहीं दिए गए. प्रीतम सिंह ने मांग की कि सरकार तत्काल प्रभाव से 10 लाख रुपये का मुआवज़ा दे.

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First published: February 12, 2019, 11:58 AM IST
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अपडेटेड: April 09 (08:00 AM)
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स्रोत: जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी, U.S. (www.jhu.edu)
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