अफसर नहीं कर रहे विधानसभा के निर्देशों का पालन, स्पीकर ने दिए कार्रवाई के निर्देश

विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन विधायक काजी निजामुद्दीन की ओर से ये मुद्दा उठाया गया था कि नियम 300 की सूचनाओं पर जवाब सही समय पर नहीं आ रहे हैं. एक महीना गुजर जाता है और जवाब का कहीं पता नहीं रहता. ऐसे में विलंब के लिए दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.

Kishore Kumar Rawat | News18 Uttarakhand
Updated: December 8, 2018, 2:59 PM IST
अफसर नहीं कर रहे विधानसभा के निर्देशों का पालन, स्पीकर ने दिए कार्रवाई के निर्देश
प्रेमचंद अग्रवाल, अध्यक्ष , विधानसभा उत्तराखंड
Kishore Kumar Rawat | News18 Uttarakhand
Updated: December 8, 2018, 2:59 PM IST
उत्तराखंड में अफसरशाही बेलगाम और बेखौफ है. प्रदेश के सरकारी अधिकारी अब सर्वोच्च संस्था यानि विधानसभा के निर्देशों का पालन भी नहीं कर रहे हैं. वे मांगी गई सूचनाओं को देने में कतरा रहे हैं.

उत्तराखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र भले ही ख़त्म हो गया, लेकिन ये सत्र कई सवाल प्रदेश के लिए छोड़ गया है. ये सवाल प्रदेश की आम जनता के दिए गए जनादेश के साथ विधानसभा के सम्मान का भी है. विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सदन में सरकार को निर्देश दिए कि पीठ के निर्देशों का समयबद्ध पालन होना चाहिए. सदन में उठे सवालों का अफसरों की ओर से तय समय में जवाब नहीं देने पर स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने नाराजगी जताई और कहा कि ये गंभीर विषय है. स्पीकर ने नियम 300 की सूचनाओं पर अफसरों की ओर से एक माह में जवाब नहीं देने के मामलों में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए.

बता दें कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन विधायक काजी निजामुद्दीन की ओर से ये मुद्दा उठाया गया था कि नियम 300 की सूचनाओं पर जवाब सही समय पर नहीं आ रहे हैं. एक महीना गुजर जाता है और जवाब का कहीं पता नहीं रहता. ऐसे में विलंब के लिए दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. अफसर लगातार स्पीकर के आदेशों की भी अवहेलना कर रहे हैं.

पीठ की ओर से कई बार ये आदेश दिए जा चुके हैं कि सभी प्रकरणों, सवालों का निर्धारित समय पर उत्तर दिया जाए. ऐसे में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर कार्रवाई की जाए. भविष्य में ये सुनिश्चित किया जाए कि सवालों के जवाब तय समय पर आएं. भविष्य में किसी भी तरह की लापरवाही पर सख्त कदम उठाया जाएगा.

सदन में पीठ की ओर से दिए गए निर्देशों पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने जवाब देते हुए कहा कि इनका पालन किया जाएगा. खैर, जब प्रदेश की अफसरशाही सर्वोच्च संस्था विधानसभा के निर्देशों का पालन करने में लापरवाही बरत रही है तब इससे समझा जा सकता है कि सरकार और जनता के कामों में ये कितनी दिलचस्पी लेते होंगे.

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