'अपनी जान देकर कई जानें बचा गईं गौ-माता'... देहरादून में बिजली के खंभे में करंट आने से गाय की मौत
Dehradun News in Hindi

'अपनी जान देकर कई जानें बचा गईं गौ-माता'... देहरादून में बिजली के खंभे में करंट आने से गाय की मौत
जहां गाय को करंट लगा है राशन लेने के लिए लगने वाली लाइनें उससे भी पीछे जाती हैं.

बिजली विभाग इसे नगर निगम की गलती बता रहा है और निगम का कहना है कि हादसा बिजली विभाग की लापरवाही से हुआ है.

  • Share this:
देहरादून. अस्थाई या कार्यकारी राजधानी देहरादून में किसान भवन से थोड़ी दूर बिजली के खंभे में करंट आने से एक गाय की मौत हो गई. गढ़वाली कॉलोनी इलाक़े में सोमवार सुबह जहां यह हादसा हुआ वहां राशन की दुकान है और राशन बंटने के दिनों में वहां तक लोगों की लाइन पहुंच जाती है. गाय की मौत के बाद इलाक़े में दहशत है क्योंकि अगर कोई इंसान खंभे को छूता तो हादसा बड़ा होता. चिंताजनक बात यह भी है कि बिजली विभाग इसे नगर निगम की गलती बता रहा है और स्थानीय पार्षद का कहना है कि हादसा बिजली विभाग की लापरवाही से हुआ है.

दुर्घटना

रायपुर क्षेत्र में पड़ने वाली गढ़वाली कॉलोनी में सतीश जोशी की राशन की दुकान है. आज राशन बांटने का दिन था और सुबह से ही राशन लेने के लिए लोग पहुंचने लगे थे. उनके गाय चरते हुए घर के बाहर निकली और लोहे के खंभे को छूते ही करंट खाकर गिर गई.



आवाज़ सुनकर सतीश जोशी की पत्नी पहुंची और गाय को छुआ तो उन्हें भी करंट लगा. इसके बाद सतीश जोशी कॉलोनी के बाहरी छोर में स्थित बिजली विभाग के दफ़्तर में गए तो भी वहां बैठे कर्मचारियों को यह तय करने में आधे घंटे से ज़्यादा का समय लग गया कि करना क्या है. जोशी परिवार का सदमा इसलिए भी बड़ा है कि जो गाय मारी गई वह अगले महीने मां बनने वाली थी.
नगर निगम की गलती...

हादसे के बाद यूपीसीएल (उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के एसडीओ कपिल देव नौटियाल भी मौके पर पहुंचे. न्यूज़ 18 से बात करते हुए उन्होंने कहा कि बिजली विभाग के खंभे के साथ ही लगे स्ट्रीट लाइट के खंभे की तार लोहे के खंभे पर छू रही थी, जिसकी वजह से उसमें करंट आया और यह हादसा हुआ.

cow died in dehradun, electricity pole, स्थानीय पार्षद का कहना है कि जिस स्ट्रीट लाइट पोल से लोहे के खंभे में करंट आया वह तो इस्तेमाल में ही नहीं है.
स्थानीय पार्षद का कहना है कि जिस स्ट्रीट लाइट पोल से लोहे के खंभे में करंट आया वह तो इस्तेमाल में ही नहीं है.


उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि नगर निगम स्ट्रीट लाइट्स की मेंटेनेंस करता है, इसलिए यह उसकी ज़िम्मेदारी है. हालांकि वह यह भी कहते हैं कि उन्होंने अपनी प्राथमिक रिपोर्ट फ़ाइल कर दी है और हादसे के कारणों की जांच के बाद ही इस मामले में कोई फ़ैसला किया जाएगा.

लापरवाह बिजली विभाग...

स्थानीय पार्षद नरेश रावत बिजली विभाग की बात पर कड़ा ऐतराज़ जताते हैं. वह कहते हैं कि स्ट्रीट लाइट के जिस खंभे से करंट आने की बात कही जा रही है उसमें तो लाइट है ही नहीं. स्ट्रीट लाइट का वह खंभा क्षेत्र के नगर-निगम में आने से पहले का है और चूंकि वह इस्तेमाल में ही नहीं है तो उसकी मेंटनेंस का सवाल ही पैदा नहीं होता.

रावत यह भी कहते हैं कि यह बिजली विभाग बताए कि जब खंभा इस्तेमाल में नहीं था तो उसमें बिजली आपूर्ति क्यों थी. जब उस खंभे की जगह दूसरे खंभे लग गए हैं तो उसे हटाया क्यों नहीं गया. पार्षद ने कहा कि वह पहले भी कई बार बिजली विभाग को कई जगह झूलती तारों, खुले कनेक्शनों की शिकायत कर चुके हैं लेकिन अधिकारियों का रवैया लापरवाही भरा है.

cow died in dehradun, que for rashan, राशन की दुकान पर लाइन में लगे लोग.
राशन की दुकान पर लाइन में लगे लोग.


जान बचा गई गौमाता...

किसी भी दूसरी राशन की दुकान की तरह राशन बंटने के दिनों में सतीश जोशी की राशन की दुकान में भी सुबह के समय भीड़ होती है और आजकल सोशल डिस्टेंसिंग की वजह से लाइनें लंबी हो जाती हैं. जहां गाय को करंट लगा है ये लाइनें उससे भी पीछे जाती हैं. संयोग से हादसे के समय ये लाइन इतनी लंबी नहीं थी.

लेकिन अगर ये लाइन उस खंभे तक पहुंची होती तो इस बात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता कि करंट किसी इंसान को लगता. इसीलिए राशन की दुकान में खड़े लोग यह कह रहे थे कि अपना बलिदान देकर की जानें बचा गईं गौ-माता.

यह भी देखें: 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज