पहाड़ों में चार उद्योगों के लिए ही रहेगी ज़मीन ख़रीदने की छूट, यहां पढ़ें कैबिनेट के फ़ैसले

पिरूल को एकत्र करने पर वन विभाग एक रुपये प्रति किलो के हिसाब से वन पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, महिला मंगल दल आदि को भुगतान करेगा.

Kishore Kumar Rawat | News18 Uttarakhand
Updated: June 5, 2019, 6:48 PM IST
पहाड़ों में चार उद्योगों के लिए ही रहेगी ज़मीन ख़रीदने की छूट, यहां पढ़ें कैबिनेट के फ़ैसले
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाक़ों में चुनींदा उद्योगों के लिए अब जितनी चाही ज़मीन ख़रीदी जा सकती है.
Kishore Kumar Rawat | News18 Uttarakhand
Updated: June 5, 2019, 6:48 PM IST
आचार संहिता हटने के बाद मंगलवार को उत्तराखंड राज्य कैबिनेट की पहली बैठक में बैठक में 2 दर्जन से ज्यादा प्रस्तावों पर चर्चा की गई और भर्ती, ज़मीन ख़रीद में छूट, पिरुल कलेक्शन पर पैसा तय करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. ढाई महीने बाद राज्य कैबिनेट को कोई फ़ैसला लेने की छूट मिली थी. यह भी उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में लोकसभा चुनावों के लिए मतदान पहले चरण में 11 अप्रैल को ही हो गया था. उसके बाद से सरकार ने चुनाव आयोग से कई बार आचार संहिता में छूट देने की मांग की थी ताकि विकास कार्यों संबंधी फ़ैसले लिए जा सकें. सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक ने कैबिनेट फ़ैसलों की जानकारी दी...

कैबिनेट के फ़ैसले 

  • उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में 12.5 एकड़ से अधिक भूमि की खरीद और लीज़ की अनुमति दी जाएगी. कृषि, स्वास्थ्य,  शिक्षा, उद्यान और संबंधी प्रोजेक्ट के लिए यह छूट मिलेगी. मैदानी क्षेत्रों में यह सुविधा किसी क्षेत्र के लिए नहीं दी जाएगी.


  • वेलनेस सेंटर्स पर संविदा फार्मासिस्टों की भर्ती की संख्या बढ़ा दी गई है. पहले के 600 के बजाय अब 2000 पदों पर नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ की जाएगी.

  • राष्ट्रीय पेंशन योजना एनपीएस के तहत नियोक्ता के हिस्से को 10 फ़ीसदी से बढ़ाकर 14 फ़ीसदी कर दिया गया है.

  • दून विशेष क्षेत्र विकास परिषद, साडा, का विलय एमडीडीए में कर दिया गया है. प्राधिकरण में पहले काम कर रहे 149 कर्मचरियों के अलावा 39 पदों को स्वीकृति दी गई है. शेष पदों के लिए मुख्य सचिव के अधीन गठित समिति निर्णय लेगी.

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  • वनाग्नि के मुख्य कारण चीड़ की पत्तियों (पिरूल) को एकत्र करने पर वन विभाग एक रुपये प्रति किलो के हिसाब से वन पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, महिला मंगल दल आदि को भुगतान करेगा.

  • वन क्षेत्राधिकार के अन्तर्गत वन भूमि को 3 श्रेणियों में बांटा गया है. राज्य और केंद्र के रिकॉर्ड में दर्ज अधिसूचित वन भूमि को डीम्ड फ़ॉरेस्ट कहा जाएगा. राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज भूमि को वन भूमि कहा जाएगा. 10 हेक्टेयर से ज़्याद ज़मीन पर जहां वन हो, उसे वन भूमि माना जाएगा.

  • कौलागढ़ में वन विभाग को दी जाने वाली 56.97 हेक्टेयर भूमि में से 28 हेक्टेयर सिंचाई विभाग ने वापस कर दी है. बाकी ज़मीन से 400 परिवारों को बेदखल किया जाना है. इसके सीमांकन करने के लिए राजस्व और वन विभाग की संयुक्त कमेटी बनाई गई है.

  • नगर निगम के अधीन वित्तीय अधिकार नगर विकास विभाग के सचिव की अध्यक्षता के स्थान में जनपद में नगर आयुक्त के अधीन कमेटी को दिए गए हैं.

  • 2016 अर्धकुंभ में लल्लु जी एंड संस और राज्य सरकार के बीच हुए अनुबंध के अनुसार 1,76,50,358 रुपये वापस करने की अनुमति दी गई.

  • केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग और राज्य विद्युत नियामयक आयोग की वर्ष 2017-18 की रिपोर्ट विधानसभा में रखी जाएगी.

  • आरएस टोलिया प्रशासनिक अकादमी के ढांचे में बदलाव किया गया है.

  • उत्तराखण्ड दण्डादेश निलम्बन नियमावली में संशोधन की अनुमति. अब कैदियों को साल में दो बार पेरोल दिया जा सकेगा. कैदी सीधे सरकार को पेरोल के लिए आवेदन कर सकेंगे.

  • उत्तराखंड राजकीय विभाग अधीनस्थ लेखा संवर्ग सेवा नियमावली को मंज़ूरी.

  • उत्तराखण्ड सहकारी समिति एवं पंचायतें तथा स्थानीय निकाय की लेखा परीक्षा कार्मिकों की नियमावली को मंज़ूरी दी गई.


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First published: June 4, 2019, 4:35 PM IST
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