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Uttarakhand: मंत्री सतपाल महाराज ने स्वास्थ्य मंत्री को लिखी चिट्ठी, इन बिंदुओं पर गिनाई कमियां

उत्तराखंड सरकार में मंत्री सतपाल महाराज ने स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर अस्पताल की खामियां गिनाई हैं.

उत्तराखंड सरकार में मंत्री सतपाल महाराज ने स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर अस्पताल की खामियां गिनाई हैं.

Uttarakhand News: पुष्कर धामी सरकार में सतपाल महाराज ने स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत को पत्र लिखकर एक स्वास्थ्य केंद्र की कमियों को उजागर किया है. उन्होंने कहा कि न जनरल सर्जन है, न महिला चिकित्सक, एनेस्थीसिया भी नहीं है.

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देहरादून. कोरोना में अब तक अपने 7 हजार लोगों को गंवा चुका उत्तराखंड में अब भी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीरता नहीं बरती जा रही है. खासकर कोविड की थर्ड वेब के मददेनजर उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग के दावे कितने खोखले हैं. इसकी पोल खोलने का काम किया है. सरकार में ही कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने. महाराज ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और अपने कैबिनेट सहयोगी धन सिंह रावत को एक पत्र लिखा है.

इस पत्र में सतपाल महाराज ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीरोंखाल की दयनीय हालत बयान की है. पत्र में महाराज ने कहा है कि एक बड़ी आबादी इस स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है, लेकिन ये अस्पताल लोगों को बेसिक स्वास्थ्य सेवाएं भी नहीं दे पा रहा है. पत्र में 9 बिंदुओं पर स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान खींचा गया है. पत्र में मंत्री ने लिखा है कि इसके अलावा और भी अनियमितताएं इस हॉस्पिटल में है. कर्मचारियों को कई महीने से सैलरी तक नहीं मिली है. स्वास्थ्य मंत्री को लिखे इस पत्र में सतपाल महाराज ने कहा कि है कि पीपीपी मोड पर संचालित इस हॉस्पिटल को किसी अन्य को सौंपकर चिकित्सा सुविधा बहाल करने की कृपा करें. मामले में विभाग की किरकिरी हुई, तो स्वास्थ्य मंत्री ने तत्काल कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की मौजूदगी में अधिकारियों की मीटिंग बुला दी.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- एक महीने का समय दिया है

स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत का कहना है कि अधिकारियों को व्यवस्था दुरूस्त करने के लिए एक महीने का टाइम दे दिया गया है. यदि एक महीने में व्यवस्थाएं ठीक नहीं हुई तो संबंधित एजेंसी से अनुबंध समाप्त कर दिया जाएगा. दरअसल, सतपाल महाराज के विधानसभा क्षेत्र है चौबटटाखाल और बीरोंखाल इसी विधानसभा का हिस्सा है. पिछले दिनों कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर थे, तो स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल की दयनीय हालात की कहानी बताई. ये एक ग्राउंड हकीकत है कि उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की. भीमताल से निर्देलीय विधायक राम सिंह कैड़ा की भी कुछ ऐसी ही शिकायत है.

इन बिंदुओं पर स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र

-स्वास्थ्य केंद्र में न जनरल सर्जन है, न महिला चिकित्सक, एनेशथीसिया भी नहीं है.
-पैथॉलॉजी लैब तो है, लेकिन खून जांच करने की मशीन नहीं है.
-न ईसीजी मशीन है, न अल्ट्रासाउंड मशीन.
-एक एक्सरे मशीन है वो भी पुरानी है, जिसमें सीआर सिस्टम नहीं है.
-ऑपरेशन थियेटर में उपकरण नहीं हैं, नतीजा ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं.
-सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन पाइप लाइन भी नहीं है.

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