लाइव टीवी

हरक सिंह रावत की वजह से CBI ने की FIR: किशोर उपाध्याय, कानून को अपना काम करने दें: CM

Kishore Kumar Rawat | News18 Uttarakhand
Updated: October 25, 2019, 8:07 PM IST
हरक सिंह रावत की वजह से CBI ने की FIR: किशोर उपाध्याय, कानून को अपना काम करने दें: CM
हरक सिंह रावत और हरीश रावत दोनों पर ही सीबीआई ने केस दर्ज किया है.

कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष किशोर उपाध्यक्ष (Kishor Upadhyaya) को इसमें बीजेपी की अंदरूनी पॉलिटिक्स (Internal Politics) नज़र आती है.

  • Share this:
देहरादून. उत्तराखंड की राजनीति (Uttarakhand Politics) में सीबीआई (CBI) ने हलचल मचा दी है. 2016 के हॉर्स ट्रेडिंग केस (2016 Horse-trading case) में सीबीआई ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत (Harish Rawat), कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत (Harak Singh Rawat) और पत्रकार उमेश कुमार शर्मा (Umesh Kumar Sharma) पर केस क्या दर्ज किया प्रदेश की राजनीति में खींचतान शुरु हो गई. बीजेपी (BJP) ने इसे लेकर कांग्रेस (Congress) पर हमला किया तो अब कांग्रेस भी हरक सिंह रावत को लेकर बीजेपी पर तंज कस रही है. इस बीच सीएम ने कहा कि इस मामले में क़ानून अपना काम करेगा.

ये है मामला 

बता दें कि 2016 में हरक सिंह रावत समेत कांग्रेस के 9 विधायकों ने हरीश रावत सरकार के ख़िलाफ़ बगावत कर दी थी और सरकार गिर गई थी. राज्य के इतिहास के सबसे बड़े पॉलिटिकल ड्रामे के बीच एक न्यूज़ चैनल के हेड उमेश कुमार शर्मा ने विधायकों की ख़रीदने का प्रस्ताव हरीश रावत को दिया और चोरी से इसका वीडियो बना लिया.

इस वीडियो के आधार पर हरक सिंह रावत ने राज्यपाल से हरीश रावत के ख़िलाफ़ सीबीआई जांच की सिफ़ारिश की थी. सीबीआई ने जांच के बाद हरीश रावत के साथ ही हरक सिंह रावत और उमेश कमार शर्मा पर भी केस दर्ज कर लिया है.

कानून को काम करने दें 

कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस मामले में राजनीति को गलत बताया है और कहा है कि सीबीआई ने जांच के बाद इस मामले में एफ़आईआर दर्ज की है, उसे अपना काम करने देना चाहिए. फिर कोर्ट भी इस मामले की निगरानी कर रहा है.

हरक सिंह रावत की इच्छा 
Loading...

उधर कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष किशोर उपाध्यक्ष को इसमें बीजेपी की अंदरूनी पॉलिटिक्स नज़र आती है. उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले में हरीश रावत से ज़्यादा हरक सिंह टार्गेट लगते हैं और इसके पीछे वजह हरक सिंह के सीएम बनने की इच्छा लगती है.

उपाध्याय ने कहा कि राजनीति के लंबे अनुभव और 27 साल से मंत्री बने रहने के बावजूद हरक सीएम नहीं बन सके और शायद ऐसा कुछ इस बार भी हुआ हो, जिसके चलते यह सब हुआ.

ये भी देखें:

पिथौरागढ़ में उपचुनाव की अधिसूचना जारी, 25 नवंबर को मतदान... जानिए कौन हैं टिकट के दावेदार

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देहरादून से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 25, 2019, 8:01 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...