कांग्रेस में जारी घमासान के बीच प्रदेश कार्यसमिति में हर गुट को एडजस्ट करने की चुनौती  

प्रीतम सिंह के सामने चुनौती नई प्रदेश कमेटी के ऐलान की है जिसमें हर गुट को एडजस्ट करना सबसे बड़ी चुनौती है.
प्रीतम सिंह के सामने चुनौती नई प्रदेश कमेटी के ऐलान की है जिसमें हर गुट को एडजस्ट करना सबसे बड़ी चुनौती है.

प्रीतम सिंह पार्टी के अंदर की कलह को खत्म करना चाहते हैं लेकिन जब विधायक ही विरोध में हों तो उनके लिए यह काम कितना आसान होगा कह पाना मुश्किल है.

  • Share this:
देहरादून. उत्तराखंड कांग्रेस (Uttarakhand Congress) में जारी घमासान के बीच अब चुनौती नई प्रदेश कार्यसमिति (Pradesh Committee) लाने की है क्योंकि विरोध के बीच हर गुट को एडजस्ट करना प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह (Party President Pritam Singh) के लिए बड़ा चैलेंज है. नेता विपक्ष इंदिरा हृदयेश (Indira Hridyesh) का कहना है कि सीनियर नेताओं को पीसीसी में तव्वजो मिलेगी तो किशोर उपाध्याय (Kishor Upadhyaya) समर्पण को जगह देने की बात कर रहे हैं.

कलह ख़त्म करने की कोशिशें

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह पार्टी के अंदर की कलह को खत्म करना चाहते हैं लेकिन जब विधायक ही विरोध में हों तो प्रीतम सिंह के लिए यह काम कितना आसान होगा कह पाना मुश्किल है. अब उनके सामने अगली चुनौती नई प्रदेश कमेटी के ऐलान की है जिसमें हर गुट को एडजस्ट करना सबसे बड़ी चुनौती है.



इंदिरा और किशोर के मन की बात
प्रदेश कांग्रेस की नई कमेटी में नेता विपक्ष इंदिरा हृदयेश का रोल भी अहम होगा. ऐसे में इंदिरा हर सीनियर नेता के एडजस्टमेंट की बात कर रही हैं. उधर वहीं ढाई साल से प्रदेश कांग्रेस के केंद्र से दूर दिख रहे किशोर उपाध्याय समर्पण के नाम पर अपनों का एडजस्टमेंट चाहते हैं.

प्रीतम सिंह नई कमेटी में किस नेता को कैसे एडजस्ट करेंगे. यह तो कमेटी की घोषणा के बाद ही साफ़ हो पाएगा लेकिन बड़े नेताओं और कुछ विधायकों की नाराज़गी ने साफ कर दिया है कि प्रीतम के लिए नई कमेटी का गठन आसान नहीं होगा.

ये भी देखें: 

हरीश रावत की उपेक्षा को केंद्रीय नेतृत्व तक ले जा सकते हैं प्रदेश नेतृत्व से नाराज़ विधायक

हरीश रावत के बयानों से गरमाई उत्तराखंड की राजनीति

 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज