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वैष्णो देवी मंदिर की तर्ज पर बनेगा चारधाम श्राइन बोर्ड, कैबिनेट ने दी मंज़ूरी... 51 मंदिर आएंगे दायरे में

Sunil Navprabhat | News18 Uttarakhand
Updated: November 27, 2019, 5:48 PM IST
वैष्णो देवी मंदिर की तर्ज पर बनेगा चारधाम श्राइन बोर्ड, कैबिनेट ने दी मंज़ूरी... 51 मंदिर आएंगे दायरे में
राज्य कैबिनेट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में उत्तराखंड चारधाम श्राइन बोर्ड विधेयक-2019 को मंजूरी दे दी है. गंगोत्री, यमनोत्री, बद्रीनाथ, केदारनाथ समेत 51 मंदिरों की व्यवस्थाएं अब चारधाम विकास बोर्ड के तहत संचालित होंगी.

कैबिनेट के फ़ैसले के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्रियों को अब बंगले-गाड़ी आदि सुविधाओं का बकाया भुगतान सरकारी दर से 25 फीसदी अधिक के हिसाब से करना होगा.

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देहरादून. उत्तराखंड में अब वैष्णो देवी और त्रिरुपति बालाजी मंदिरों की तर्ज पर ही चारधाम की व्यवस्थाएं संचालित होंगीं. राज्य कैबिनेट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में उत्तराखंड चारधाम श्राइन बोर्ड विधेयक-2019 को मंजूरी दे दी है. गंगोत्री, यमनोत्री, बद्रीनाथ, केदारनाथ समेत 51 मंदिरों की व्यवस्थाएं अब चारधाम विकास बोर्ड के तहत संचालित होंगी. बुधवार को सीएम की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट में 36 में से 35 प्रस्ताव मंज़ूर कर लिए गए.

शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने कैबिनेट के फ़ैसलों की जानकारी दी. कैबिनेट के फ़ैसलों की मुख्य बातें...

हिंदू सीएम होगा तो बनेगा बोर्ड का अध्यक्ष

चारधाम विकास बोर्ड में सीएम अध्यक्ष होंगे, संस्कृति विभाग के मंत्री उपाध्यक्ष होंगे. इसमें शर्त यह है कि सीएम अगर हिंदू हो तो ही अध्यक्ष होंगे वरना सरकार के सीनियर हिंदू मंत्री बोर्ड के अध्यक्ष होंगे.

तीन सांसद और छह विधायक बोर्ड के सदस्य होंगे. चार अन्य सदस्यों को सरकार नामित करेगी. पुजारियों के तीन प्रतिनिधि भी इसमें शामिल होंगे.

वरिष्ठ आईएएस अफ़सर इसके सीईओ और पदेन सचिव होंगे.

टिहरी का सेम मुखेम मंदिर, गुप्तकाशी का विश्वनाथ मंदिर, त्रिजुगीनारायण मंदिर समेत कुल 51 मंदिर बोर्ड के दायरे में होंगे.
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कैलाश खेर को 1.77 करोड़ देने को मंज़ूरी

कैबिनेट ने हरीश रावत सरकार में केदारनाथ पर डॉक्यूमेंट्री बनाने वाले कैलाश खैर प्रोडक्शन के बकाए 1.77 करोड़ रुपये के भुगतान को भी मंज़ूरी दे दी गई.

कैबिनेट ने चैरिटेबिल अस्पताल धर्मावाला को मानचित्र समेत विभिन्न शुल्क के रूप में पड़ने वाले 47 लाख रुपए की छूट दे दी.

अप्रैल 2020 में वेलनेस समिट के आयोजन को मंज़ूरी दी गई है. समिट के लिए 25 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है. इस समिट का प्रधानमंत्री उद्घाटन करेंगे.

19 आईटीआई को मर्ज कर 9 आईटीआई बनाने का फ़ैसला किया गया है.

ऐसे चुकेगी चीनी मिलों की देनदारी

कैबिनेट ने गदरपुर और सितारंगज की बंद पड़ी चीनी मिलों में से सितारगंज चीनी मिल को लंबे समय के लिए लीज़ पर देने का फ़ैसला किया है. गदरपुर चीनी मिल की 45 हेक्टेयर भूमि का उपयोग कर दोनों मिलों की बकाया 110 करोड़ की देनदारी को चुकता करने का फ़ैसला किया है.

बंद पड़े 602 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में अब आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होंगे.

राज्य में करीब पांच हजार बेसिक स्कूलों के भवनों का बैंबो हट की तर्ज पर निर्माण हेागा. ये अधिकांश भवन ज़ोन चार और ज़ोन पांच में आते हैं.

पूर्व मुख्यमंत्रियों को बकाए पर फिर राहत की कोशिश

इसके अलावा एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में बीच का रास्ता निकालते हुए राज्य कैबिनेट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को राहत देने की एक और कोशिश की है. पूर्व मुख्यमंत्रियों को अब बंगले-गाड़ी आदि सुविधाओं का बकाया भुगतान सरकारी दर से 25 फीसदी अधिक के हिसाब से करना होगा.

इस मामले में हाईकोर्ट ने बाज़ार भाव से बकाया भुगतान के निर्देश दिए थे जिसके बाद राज्य सरकार ने अध्यादेश लाकर सारा भुगतान माफ़ करने का फ़ैसला किया था. राज्य सरकार के इस फ़ैसले को फिर चुनौती दी गई थी और यह मामला अभी भी अदालत में विचाराधीन है.

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First published: November 27, 2019, 5:40 PM IST
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