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चार धाम आने वाले श्रद्धालुओं की तादाद कम होने से पुरोहित नाराज, विपक्ष हमलावर; इधर E-Pass की समय-सीमा तय

उत्तराखंड स्थित केदारनाथ धाम. (File Photo)

उत्तराखंड स्थित केदारनाथ धाम. (File Photo)

Char Dham Yatra: उत्तराखंड में चार धाम यात्रा शुरू होने से रौनक लौटी है, लेकिन कांग्रेस ने कहा कि राज्य सरकार अपनी ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है. तीर्थ पुरोहित सरकारी इंतज़ामों से नाराज़ हैं तो भाजपाई भी श्रद्धालुओं को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं.

  • News18Hindi
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    देहरादून. उत्तराखंड में चार धाम यात्रा लम्बे समय बाद शुरू हुई है लेकिन श्रद्धालुओं की सीमित संख्या की बाध्यता से विवाद शुरू हो गया है. विपक्ष का कहना है कि सरकार तीर्थ यात्रियों के लिए पर्याप्त इंतज़ाम और कोर्ट में पुख्ता दलीलें नहीं दे सकी इसलिए अब सीमित संख्या में ही श्रद्धालु पहुंच पा रहे हैं. इधर पुरोहित और पुजारी लोग भी देवस्थानम बोर्ड की व्यवस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं.

    इसी बीच , चार धाम यात्रा के रजिस्ट्रेशन की ज़िम्मेदारी संभाल रहे देवस्थानम बोर्ड ने साफ कर दिया है चूंकि भारी संख्या में रजिस्ट्रेशन करवाए जा रहे हैं इसलिए सीमित संख्या के हिसाब से 15 अक्टूबर तक के लिए ही बुकिंग की जा सकेगी.अदालत में सुनवाई के बाद कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक हर रोज़ केदारनाथ में 800, बद्रीनाथ में 1000, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400 श्रद्धालु ही दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं. इस सीमित संख्या के बारे में कांग्रेस ने कहा कि सरकार बस यात्रा को ही शुरू करवाकर जिम्मेदारी से अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रही है.

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    कांग्रेस और तीर्थ पुरोहित क्यों हैं नाराज़?

    उत्तराखंड में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा है कि सरकार ने कोर्ट में ठीक से पैरवी की होती तो निश्चित ही ज़्यादा से ज़्यादा श्रद्धालुओं के लिए चार धामों के दरवाज़े खुल सकते थे. खबरों की मानें तो गोदियाल ने सरकार पर सीमित संख्या से ही इतिश्री मान लेने का आरोप लगाया. वहीं, पुरोहितों ने देवस्थानम बोर्ड की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए. उनका कहना है कि श्रद्धालुओं को कई परेशानियां पेश आ रही हैं. पुरोहितों, पुजारियों व स्थानीय व्यवसायियों में सरकारी बदइंतज़ामी व सीमित संख्या को लेकर भारी नाराजगी है.

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    चार धाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन सीमित संख्या के नियम के आधार पर किए जा रहे हैं.

    भाजपा कार्यकर्ता भी चाहते हैं, संख्या बढ़े

    कांग्रेस, पुरोहित और व्यवसायी ही नहीं, अब भाजपा के कार्यकर्ता भी सीमित संख्या को लेकर परेशान नज़र आ रहे हैं. एक खबरके मुताबिक़ भाजपा के जिलाध्यक्ष दिनेश उनियाल ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से केदारनाथ में 2500, बद्रीनाथ में 3000, गंगोत्री में 1500 और यमुनोत्री में 1200 श्रद्धालु प्रतिदिन तक संख्या को बढवाने की मांग की. उनियाल ने सीएम को बताया कि किस तरह की व्यवस्थाओं से समस्या को सुलझाया जा सकता है. स्थानीय कारोबार के लिहाज़ से उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि ई पास में खामी पाए जाने पर श्रद्धालुओं को लौटाए जाने के बजाए पास के ही तीर्थ और धार्मिक पर्यटन स्थलों पर डायवर्ट किया जाए.

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    कितना हुआ रजिस्ट्रेशन और कब तक होगा?

    बीते 18 सितंबर से चार धाम यात्रा शुरू होने के बाद बताया जा रहा है कि 70 हज़ार से ज़्यादा तीर्थयात्री देवस्थानम बोर्ड के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं. चूंकि संख्या सीमित रखने के आदेश हैं इसलिए इसी आधार पर सीमित ई पास जारी किए जा रहे हैं. पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर के हवाले से खबरों में कहा गया कि 15 अक्टूबर तक वेबसाइट से बुकिंग की जा सकेगी. लेकिन एक अन्य खबर में यह भी कहा गया है कि बद्रीनाथ के लिए 15 अक्टूबर तक की बुकिंग फुल हो चुकी है.

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