चार धाम यात्रा: भक्तों को मिली ऑनलाइन पूजा और दर्शन की अनुमति, लेकिन ये रहेंगी शर्तें

अब भक्त भगवान के ऑनलाइन दर्शन कर सकते हैं. (फाइल फोटो)
अब भक्त भगवान के ऑनलाइन दर्शन कर सकते हैं. (फाइल फोटो)

कोरोना संकट (Corona Crisis) के कारण चार धाम यात्रा (Char Dham Yatra) के दौरान भक्तों की एंट्री बंद है. लेकिन उत्तराखंड सरकार (Uttrakhand) ने भगवान के ऑनलाइन दर्शन (Online Darshan) और पूजा-अर्चना की अनुमति दी है.

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देहरादून. कोरोना संकट (Corona Crisis) के कारण चार धाम यात्रा (Char Dham Yatra) के दौरान भक्तों की एंट्री बंद है. लेकिन उत्तराखंड सरकार (Uttrakhand) ने भगवान के ऑनलाइन दर्शन (Online Darshan) और पूजा-अर्चना की अनुमति दी है. अब श्रद्धालू और भक्त भगवान के दर्शन के साथ पूजा भी कर सकेंगे. लेकिन उत्तराखंड सरकार ने यह साफ कर दिया है कि इस दौरान किसी भी मंदिर के गर्भ गृह की कोई फोटो या वीडियो नहीं दिखाई जायेगी. हालांकि चार धाम के लिये ऑनलाइन पूजा का पहले से भी प्रावधान था. कोरोना महामारी के कारण प्रदेश के धार्मिक स्थल पूरी तरह बंद है. इस कारण यहां श्रद्धालुओं के आने की अनुमति नहीं है. लेकिन उत्तराखंड सरकार अब ऑनलाइन पूजा और दर्शन पर ज्यादा जोर दे रही है.

दरअसल, सरकार की इसके पीछे मंशा यह है कि ऑनलाइन पूजा के माध्यम से घर बैठे श्रद्धालु भगवान के दर्शन के साथ पूजा-अर्चना कर सकते हैं. साथ ही इन धार्मिक स्थलों पर कर्मचारियों और पंडा पुरोहित समाज के लोगों की आर्थिक जरूरतों को पूरा किया जा सकता है.

कर्मचारियों की सैलरी और अन्य खर्चे निकल सकेंगे
दरअसल, यहां आने वाले चढ़ावे से कर्मचारियों की सैलरी और अन्य खर्चे निकलते थे. इसके साथ ही चारों धाम में पंडा पुरोहित समाज के लोगों की जीविका चलती थी. ऐसे में ऑनलाइन पूजा के माध्यम से इसका रास्ता निकल सकता है.
खुल गये हैं गंगोत्री, यमुनोत्री और बद्रीनाथ धाम के कपाट


उत्तराखंड में गंगोत्री, यमुनोत्री और बद्रीनाथ धामों के कपाट खुल गए हैं. लेकिन इस दौरान यहां सिर्फ पंडा पुरोहित समाज और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे. सरकार कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए भगवान के दर्शन करने की इजाजत नहीं दे रहा है. लेकिन अब भक्त भगवान के ऑनलाइन दर्शन कर सकते हैं. दर्शन के दौरान लोगों को मंत्रोच्चारण के ऑडियो सुनाई देंगे. इसके साथ ही चारों धामों पर होने वाली हर तरह की पूजा, अभिषेक और प्रसाद के लिए लोग अपनी इच्छानुसार दान कर सकते हैं.

श्रद्धालू नहीं देख सकेंगे गर्भ गृह की वीडियो और फोटो
चार धाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष आचार्य शिव प्रसाद ममगांई ने कहा कि श्रद्धालु इस बार ऑनलाइन माध्यम से दर्शन कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि ऑनलाइन पूजा का मतलब जो संकल्प आपने लिया है, उसकी पूजा होगी. इस दौरान श्रद्धालुओं को मंत्रोच्चारण का ऑडियो सुनाया जाएगा. इसके अलावा मंदिर के बाहर के प्रांगण और बाहर होने वाली आरती दिखाई जाएगी. उन्होंने बताया कि मंदिर के गर्भ गृह की कोई तस्वीर या वीडियो नहीं दिखाई जायेगी.

 

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