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पीएम मोदी के आरोपों पर गंभीर सीएम रावत, हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे जांच

पीएम मोदी के आरोपों पर गंभीर सीएम रावत, हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे जांच

Photo Courtesy- ETV

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए स्कूटर में ज्यादा पेट्रोल डलवाने के मामले की जांच कराने का फैसला किया है. यह जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए स्कूटर में ज्यादा पेट्रोल डलवाने के मामले की जांच कराने का फैसला किया है. यह जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को देहरादून में कहा था कि उत्तराखंड में तो स्कूटर भी पैसे खाता है. यानी उत्तराखंड में स्कूटर में तेल डलवाने के नाम पर भी घोटाला हुआ है.

प्रधानमंत्री के इस बयान पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बुधवार को मामले की जांच कराने की बात कही है. उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज को मामले की जांच सौंपी जाएगी.

देहरादून में पत्रकारों से बात करते हुए सीएम रावत ने कहा कि पीएम मोदी की ओर से स्कूटर की टंकी में 35 लीटर तेल डलवाने की बात कहकर भ्रष्टाचार की तरफ इशारा किया गया है. इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की जा चुकी है, जिसमें कोई तथ्य सामने नहीं आया था.

आपदा के पैसे के दुरुपयोग का संदेश देश-विदेश में गलत जाता है. प्रधानमंत्री की ओर से यह मामला उठाया गया है इसलिए सरकार चंडीगढ़ हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज एमएस चौहान से इसकी जांच करवाएगी. जांच के लिए 6 महीने का वक्त तय किया गया.

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री ने जिस आपदा घोटाले का जिक्र किया है, उस समय विजय बहुगुणा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री थे. बदले समीकरणों में विजय बहुगुणा भाजपा का दामन थाम चुके हैं. ऐसे में हरीश रावत ने तुरुप का पत्ता चलते हुए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से जांच कराने की बात कही है.

मुख्यमंत्री हरीश रावत के वार पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों की जांच होनी चाहिए. मुख्यमंत्री को ऐसे मामलों में बयानबाजी के बजाए सीबीआई जांच की सिफारिश करनी चाहिए.

भाजपा ने तब भी सीबीआई जांच की मांग की थी. उस समय मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को जांच सौंपकर लीपापोती कर ली थी. अजय भट्ट ने कहा कि तब कहा गया था कि ये सब लिपिकीय त्रुटि है. वहीं अब मुख्यमंत्री न्यायिक जांच का आडंबर कर रहे हैं.

Tags: Harish rawat, देहरादून

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