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मानव श्रृंखला में बच्चों के शामिल होने पर बाल अधिकार संरक्षण आयोग का सरकार को नोटिस

Bharti Saklani | News18 Uttarakhand
Updated: November 5, 2019, 8:07 PM IST
मानव श्रृंखला में बच्चों के शामिल होने पर बाल अधिकार संरक्षण आयोग का सरकार को नोटिस
बच्चों को मानव श्रृंखला में लगाए जाने के मामले का बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी कर दिया है.

ऊषा नेगी (Usha Negi) ने कहा कि जन जागरुकता (public awareness) कार्यक्रमों में बच्चों को शामिल करने से पहले अभिभावकों की सहमति लिया जाना आवश्यक है.

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देहरादून. न्यूज़ 18 की ख़बर का दमदार असर हुआ है. बच्चों को मानव श्रृंखला (Children in Human Chain) में लगाए जाने के मामले का बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी कर दिया है. सिंगल यूज़ प्लास्टिक (Single Use Plastic Ban) को बैन करने को लेकर मंगलवार को बनाई गई मानव श्रृंखला में 5000 स्कूली बच्चों को भी शामिल किया गया था. इसके लिए बाकायदा शिक्षा विभाग ने स्कूलों को आदेश (Education Department order) जारी किए थे.  कार्यक्रम में बच्चों को शामिल करने पर बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी (Usha Negi) ने नाराज़गी जताई है.

बाल आयोग से बात करनी चाहिए थी 

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र लिखकर बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने पटना हाइकोर्ट के निर्देशों की याद दिलाई है. इसमें बच्चों के जन-जागरुकता कार्यक्रम में शामिल करने पर अभिभावकों की सहमति लेना आवश्यक बताया गया है.

बाल आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि जागरुकता फैलाने के और भी तरीके हैं. इससे पहले पर मंगलवार दोपहर न्यूज़ 18 से बातचीत में ऊषा नेगी ने था कि स्कूली बच्चों को अपने किसी अभियान में शामिल करने से पहले नगर निगम को शिक्षा विभाग के साथ ही बाल आयोग से भी बात करनी चाहिए थी, अनुमति लेनी चाहिए थी.

ऊषा नेगी ने कहा कि बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरुकता लाने की कोशिश अच्छी बात है लेकिन इसके लिए बेहतर तरीकों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. स्कूलों से बातचीत कर, बेहतर प्रोग्राम बनाकर यह काम किया जा सकता है. इसके लिए बच्चों को सड़क पर उतारने की कतई ज़रूरत नहीं थी.

निर्देशों का पालन करें 

मंगलवार शाम को ही मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ने पटना हाईकोर्ट के फ़ैसले का उदाहरण देते हुए कहा कि जनजागरूकता कार्यक्रमों में बच्चों को शामिल करने से  पहले अभिभावकों की सहमति लिया जाना आवश्यक है.
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बाल अधिकार अध्यक्ष ने यह भी कहा कि अगली बार से इन निर्देशों का पालन करना सुनिश्चित किया जाए. इसके साथ ही बच्चों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी भी स्कूल और प्रशासन को सुनिश्चित करनी चाहिए.

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First published: November 5, 2019, 8:03 PM IST
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