देहरादून के बौद्ध मठ में नेपाली बच्चों का उत्पीड़न! छुट्टी मांगने पर पिटाई, नाखून उखाड़ने का आरोप

हरिद्वार में रहने वाले एक नेपाली नागरिक ने न्यूज़ 18 को ये तस्वीरें दी हैं जिनमें बच्चों के शरीर पर चोट के निशान साफ़ देखे जा सकते हैं.
हरिद्वार में रहने वाले एक नेपाली नागरिक ने न्यूज़ 18 को ये तस्वीरें दी हैं जिनमें बच्चों के शरीर पर चोट के निशान साफ़ देखे जा सकते हैं.

हरिद्वार में रहने वाले नेपाली मूल के एक निवासी की शिकायत पर SSP ने दिए बौद्ध मठ में बच्चों के उत्पीड़न की जांच के आदेश दिए हैं. मठ में 60-70 नेपाली बच्चों के रहने की जानकारी मिली है.

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देहरादून. उत्तराखंड की राजधानी के पुरुकुल क्षेत्र में स्थित बौद्ध मठ (Buddhist monastery) में दीक्षा ग्रहण कर रहे नेपाल के बच्चों के उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला सामने आया है. बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार होने की बात हरिद्वार (Haridwar) में रहने वाले नेपाली मूल के एक निवासी ने कही है. उनका कहना है कि करीब 60 से 70 की संख्या में इस मठ में मौजूद छात्रों को पेट भर खाना तक नहीं दिया जा रहा. बच्चों ने इसकी शिकायत की तो उनके साथ मारपीट की गई. बच्चों ने दशहरे की छुट्टी पर घर जाने की इच्छा जताई तो उनकी पिटाई की गई. क्रूरता इतनी कि उनके पैर के नाखून तक उखाड़ने की कोशिश की गई. न्यूज 18 इनमें से किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं करता.

अभिभावकों ने मांगी मदद
हरिद्वार में रहने वाले नेपाली मूल के पुष्पराज पांडेय ने कहा कि लॉकडाउन के बाद से ही बच्चे इस बौद्ध मठ से बाहर नहीं निकले हैं. बच्चों के अभिभावक नेपाल से उनके संपर्क में हैं. अभिभावकों ने बच्चों द्वारा भेजी गई तस्वीरें पुष्पराज को भेजकर बच्चों की मदद करने का आग्रह किया.

पुष्पराज पांडेय ने न्यूज 18 को तस्वीरें भेजकर उत्पीड़न की शिकायत की है. उन्होंने इसके लिए देहरादून स्थित गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रंट के अध्यक्ष सूर्य विक्रम शाही से भी संपर्क किया. आज दोनों लोग मामले में एसएसपी से मुलाकात कर बौद्ध मठ जाएंगे. उन्होंने बताया कि बच्चों से अब संपर्क नहीं हो पा रहा है. उन्होंने आशंका जताई है कि बच्चों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए होंगे.
एसएसपी ने दिए जांच के आदेश


बता दें कि यह बौद्ध मठ पिछले कई सालों से संचालित हो रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले कभी ऐसी शिकायतें सुनने में नहीं आईं. बताया जाता है कि दिसंबर में इस बौद्ध मठ से लोग नेपाल स्थित भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बनी में होने वाले आयोजन में जाते हैं और वहां से पांच से 18 साल के बच्चों को शिक्षा देने के लिए भारत लाते हैं.

देहरादून के SSP अरुण मोहन जोशी का कहना है कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं था. न्यूज़ 18 से जानकारी मिलने के बाद एसएसपी ने तत्काल जांच के आदेश कर दिए हैं. एसएसपी का कहना है कि यदि ऐसा है तो मामला बेहद गंभीर है. उन्होंने संबंधित क्षेत्र के पुलिस अधिकारी को तत्काल मौके पर जाकर मामले की पड़ताल करने के निर्देश दिए हैं.
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