लाइव टीवी

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से मिले मुख्यमंत्री, हर खेत को पानी योजना के मानकों में की राहत की मांग

News18 Uttarakhand
Updated: January 17, 2020, 4:15 PM IST
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से मिले मुख्यमंत्री, हर खेत को पानी योजना के मानकों में की राहत की मांग
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से भेंट की.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय और विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त राज्यों के संदर्भ में पांच प्रतिशत सामुदायिक अंशदान की शर्त को समाप्त किए जाने पर विचार किया जाना चाहिए.

  • Share this:
दिल्ली. मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से भेंट की. भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’ के तहत हर खेत को पानी योजना के अन्तर्गत पर्वतीय राज्यों हेतु मानकों में परिवर्तन या शिथिलीकरण प्रदान किए जाने का आग्रह किया और सरफ़ेस माइनर इरिगेशन स्कीम में नहरों के पुनरोद्धार जीर्णोद्धार, सृदृढ़ीकरण और विस्तारीकरण की योजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान किए जाने का अनुरोध किया.

कार्रवाई का आश्वासन 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में नहर निर्माण की लागत अधिक होने के कारण वर्तमान प्रचलित गाइड लाइन 2.50 लाख रुपये प्रति हैक्टेयर लागत की सीमा को बढ़ाकर 3.50 लाख प्रति हैक्टेयर किए जाने का अनुरोध भी किया.

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने 2021 में हरिद्वार में होने वाले महाकुम्भ के दृष्टिगत हरिद्वार में एक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री से अनुरोध किया. केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री ने इसके लिए प्रस्ताव भेजने को कहा. इस अवसर पर नमामि गंगे की प्रगति पर भी चर्चा हुई. केंद्रीय जल मंत्री ने मुख्यमंत्री के प्रस्तावों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया.

नई योजनाओं के प्रस्ताव 

जल शक्ति मंत्री से मुलाकात में मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’ की 651 लघु सिंचाई योजना की बाकी केंद्र के हिस्से की धनराशि 63.57 करोड़ रुपये की मांग का प्रस्ताव केन्द्र को भेजा गया है. मुख्यमंत्री ने इन निर्माणाधीन योजनाओं को जल्द पूरा करने के लिए यह धनराशि यथाशीघ्र जारी करने का अनुरोध किया.

सीएम ने कहा कि राज्य की 349.39 करोड़ रुपये की 422 लघु सिंचाई  की नई योजनाओं का प्रस्ताव केन्द्रीय जल आयोग, आगरा के माध्यम से भारत सरकार को भेजा गया है. इससे 19,524 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई किए जाने का प्रस्ताव है. उन्होंने इस योजना को स्वीकार करने और वित्त वर्ष 2019-20 में 27.97 करोड़ रुपये केंद्र के अंश के रूप में जारी करने का भी अनुरोध किया.विषम हैं प्रदेश की परिस्थितियां 

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री से ‘जल जीवन मिशन’ पर भी चर्चा की. उन्होंने उत्तराखण्ड राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत सुझाव दिया कि पर्वतीय क्षेत्रों में विषम भौगोलिक परिस्थिति तथा बिखरी आबादी के कारण ग्रामीण पेयजल योजनाओं की लागत अत्यधिक आती है. इसलिए परियोजना की संपूर्ण लागत का पांच प्रतिशत सामुदायिक अंशदान एकत्रित कर पाना व्यवहारिक रूप से बहुत कठिन है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय और विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त राज्यों के संदर्भ में पांच प्रतिशत सामुदायिक अंशदान की शर्त को समाप्त किए जाने पर विचार किया जाना चाहिए. केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र शेखावत ने इन अनुरोधों, प्रस्तावों पर समुचित कार्रवाई का आश्वासन दिया.

ये भी देखें: 

बंशीधर भगत बने उत्तराखंड भाजपा के नए अध्यक्ष... देखिए 6 बार के विधायक का राजनीतिक सफ़र

सैन्य धाम में हथियार बनाने की तैयारी... डिफेंस एक्विपमेंट इंडस्ट्री के लिए पॉलिसी बना रही सरकार

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देहरादून से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 17, 2020, 3:58 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर