सीएम ने की स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा, कहा- दो साल में स्वास्थ्य सुविधाएं हुई हैं बेहतर

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के विभिन्न क्षेत्रों में तय किए गए टार्गेट को पूरा करने के लिए इसी प्रतिबद्धता से आगे भी काम करना होगा.

Kishore Kumar Rawat | News18 Uttarakhand
Updated: August 9, 2019, 7:58 PM IST
सीएम ने की स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा, कहा- दो साल में स्वास्थ्य सुविधाएं हुई हैं बेहतर
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आज चिकित्सा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा कर रहे थे.
Kishore Kumar Rawat | News18 Uttarakhand
Updated: August 9, 2019, 7:58 PM IST
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है कि बीते दो साल में राज्य में स्वास्थ्य सूचकों में काफ़ी सुधार हुआ है. मुख्यमंत्री सचिवालय में चिकित्सा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा कर रहे थे. यह समीक्षा सीएम डैश बोर्ड में निर्धारित केपीआई के आधार पर की गई. ख़ास बात यह है कि मुख्यमंत्री खुद ही इस विभाग के प्रभारी मंत्री हैं. समीक्षा के बाद अब तक की प्रगति को संतोषजनक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के विभिन्न क्षेत्रों में तय किए गए टार्गेट को पूरा करने के लिए इसी प्रतिबद्धता से आगे भी काम करना होगा.

10 किलोमीटर में स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें

समीक्षा बैठक में सीएम ने निर्देश दिए कि उत्तराखण्ड में 10 किलोमीटर की परिधि में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी है. इसके लिए कार्ययोजना बनाकर समयबद्धता से काम किया जाए. संस्थागत प्रसव के प्रतिशत को बढ़ाया जाए. प्रसव के तुरंत बाद नवजात को मां का दूध पिलाए जाने के महत्व को प्रचारित किए जाने की आवश्यकता है. सरकारी अस्पतालों में जीवनरक्षक दवाइयों की उपलब्धता को सुनिश्चित कर लिया जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन ज़िलों मे बालिका लिंगानुपात अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष ध्यान दिया जाए. अस्पतालों में प्रसव सुविधाओं में और सुधार करने की ज़रूरत है. न्यूट्रीशनल रिहेबिलिटेशन सेंटरों (एनआरसी) से वापिस घर जाने वाले कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों को ट्रैक किया जाए.

दवाइयों की कमी न रहे 

मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2022 तक सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में अपग्रेड किया जाना है. आवश्यकता समझे जाने पर स्पेशलिस्ट व सुपर स्पेशलिस्ट डाक्टरों की सेवानिवृत्ति की आयु को बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाए. जीवनरक्षक दवाइयों की कमी न रहे.

बैठक में बताया गया कि उत्तराखण्ड में पिछले वर्षों में अनेक स्वास्थ्य सूचकों में सुधार हुआ है. संस्थागत प्रसव 50 प्रतिशत से बढ़कर 71 प्रतिशत हो गया है. एसआरएस सर्वे के अनुसार मातृत्व मृत्यु दर में 84 अंकों की गिरावट आई है. शिुश मृत्यु दर 38 प्रति हजार से घटकर 32 प्रति हजार जीवित जन्म हो गई है. प्रदेश में टीकाकरण का प्रतिशत 2 वर्षों में 87 प्रतिशत से बढ़कर 99 प्रतिशत हो गया है. राज्य का बालिका लिंगानुपात तीन वर्षों में 906 से बढ़कर 938 हो गया है.
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स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट बनेगा स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट

बताया गया कि सभी ब्लड बैंकों को ई-रक्तकोष से जोड़ दिया गया है. डाक्टरों की संख्या वर्तमान में 2152 है. जल्द ही 314 और डाक्टरों की भर्ती कर ली जाएगी. आईसीयू 8 जिलों में संचालित हैं. अगले वर्ष तक सभी 13 जिलों में शुरु कर दिए जाएंगे. अटल आयुष्मान योजना में 60 प्रतिशत परिवारों द्वारा कार्ड बनवा लिए गए हैं और अभी तक लगभग 64 हजार लोग इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं.

बताया गया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय मेडिकल कॉलेजों में लगभग 90 असिस्टेंट प्रोफेसरों को नियमित नियुक्ति दी गई है. भारत सरकार द्वारा राज्य के तीनों राजकीय मेडिकल कॉलेजों (हल्द्वानी, श्रीनगर व देहरादून) को ईडब्ल्यूएस के तहत एमबीबीएस के लिए कुल 75 सीटों की अतिरिक्त स्वीकृति प्रदान की गई है. राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में स्थित स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट को उच्चीकृत कर स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट बनाया जा रहा है.

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First published: August 9, 2019, 7:56 PM IST
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