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Dehradun News: डेढ़ लेन चौड़ा होगा घाट मोटर मार्ग, CM तीरथ ने की घोषणा

चमोली के नंदप्रयाग से घाट बाजार तक 6 मीटर चौड़ी 19 किलोमीटर लंबी सड़क जाती है.

चमोली के नंदप्रयाग से घाट बाजार तक 6 मीटर चौड़ी 19 किलोमीटर लंबी सड़क जाती है.

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने दस मार्च को सत्ता संभालते ही चमोली के नंद्रप्रयाग घाट क्षेत्र के मार्ग चौड़ीकरण की को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया था. उन्होंने आंदोनकारियों पर लगे मुकदमें वापस करा दिए थे. अब मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मुराद पूरी कर दी है.

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देहरादून. चमोली के नंद्रप्रयाग घाट क्षेत्र की जिस सड़क के चौड़ीकरण की मांग त्रिवेंद्र रावत सरकार को ले डूबी, उसी सड़क को तीरथ रावत सरकार ने तत्काल प्रभाव से डेढ़ लेन चौड़ा करने की घोषणा कर दी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिये जनता सबसे बढ़कर है. जो जनता चाहेगी और जो जनता के हित में होगा वह किया जाएगा. जनहित में हर मुमकिन काम किया जाएगा. चमोली के नंदप्रयाग से घाट बाजार तक 6 मीटर चौड़ी 19 किलोमीटर लंबी सड़क जाती है. इस सड़क से करीब 70 गांवों के ग्रामीण जुड़े हुए हैं. यहां के ग्रामीण दिसंबर 2020 से इस सड़क को डेढ़ लेन अर्थात 9 मीटर चौड़ी करने की मांग कर रहे थे. लेकिन, त्रिवेंद्र रावत सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया. इस साल फरवरी में यहां के ग्रामीणों ने 19 किलोमीटर लंबी ह्यूमन चेन बनाकर भी विरोध जताया था, लेकिन सरकार ने तब भी मांग नहीं मानी.

आक्रोशित ग्रामीण घाट क्षेत्र से कई गाड़ियों में सवार हो एक मार्च को गैरसैंण में शुरू होने वाले बजट सत्र का घेराव करने पहुंचे थे. पुलिस ने इनको दिवालीखाल में ही रोक दिया था. जहां प्रदर्शन के दौरान पुलिस और आंदोलन कारियों में झड़प हुई और पुलिस ने पानी की बौछार करने के साथ ही आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया.

यही वो पहली घटना थी जिसने त्रिवेंद्र रावत सरकार के जाने की उल्टी गिनती की स्पीड बड़ा दी थी. त्रिवेंद्र सरकार ने रातों-रात मजिस्ट्रेट जांच तो बैठा दी लेकिन मार्ग के चौड़ीकरण की तब भी घोषणा नहीं की. उलटे सुबह होते-होते आंदोलनकारियों पर मुकदमे भी ठोक दिए. इससे पूरे प्रदेश में सरकार की खूब आलोचना हुई. और इसके ठीक बाद चार मार्च को गैरसैंण कमिश्नरी की घोषणा ने रही सही कसर पूरी कर दी. पार्टी के अंदर विधायकों और मंत्रियों ने हाईकमान के सामने हल्ला बोल दिया.



मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने दस मार्च को सत्ता संभालते ही इस मार्ग को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया था. उन्होंने आंदोनकारियों पर लगे मुकदमें वापस करा दिए थे.और गुरुवार को मुख्यमंत्री ने नंदप्रयाग घाट के चौड़ीकरण की मांग कर रहे ग्रामीणों की मुराद पूरी कर दी.
दरअसल, ब्लॉक मुख्यालय को जोड़ने वाली ये सड़क तकनीकी रूप से डेढ़ लेन सड़क के मानक पूरा नहीं करती. डेढ़ लेन सड़क के लिए ट्रैफिक लोड कम से कम तीन हजार वाहन प्रतिदिन होना चाहिए. इस सड़क पर ट्रेफिक लोड 350 वाहन प्रतिदिन ही है. मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भले ही इसे डेढ़ लेन करने की घोषणा कर दी हो, लेकिन इससे पहले 30 मार्च को उन्होंने भी इस सड़क के दस किलोमीटर हिस्से को सिंगल लेन चौड़ा करने के आदेश जारी किए थे. इसके लिए बकायदा साढे चार करोड़ की राशि भी जारी की गई लेकिन घाट के आंदोलनकारी इससे संतुष्ट नहीं थे. लिहाजा, गुरुवार को सीएम ने इसे डेढ़ लेन चौड़ा करने की घोषणा कर डाली.
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