थाईलैंड के उद्योगपतियों से बोले सीएम, प्रमुख निवेश गंतव्य बन रहा है उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि हमारे प्रतिनिधियों और थाईलैंड के उद्योगपतियों के मध्य हुए विचार-विमर्श से नई सशक्त साझेदारी विकसित होगी, जो दोनों ही देशों के लिए लाभकारी होगी.

News18 Uttarakhand
Updated: April 17, 2018, 6:53 PM IST
थाईलैंड के उद्योगपतियों से बोले सीएम, प्रमुख निवेश गंतव्य बन रहा है उत्तराखंड
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को बैंकॉक (थाईलैंड) में उत्तराखण्ड में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में निवेश की सम्भावनाओं से सम्बंधित संगोष्ठी को संबोधित किया.
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Updated: April 17, 2018, 6:53 PM IST
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को बैंकॉक (थाईलैंड) में उत्तराखण्ड में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में निवेश की सम्भावनाओं से सम्बंधित संगोष्ठी को संबोधित किया. इस संगोष्ठी में थाइलैण्ड एवं उत्तराखण्ड के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के प्रतिनिधियों के मध्य खाद्य प्रसंस्करण की सम्भावनाओं पर चर्चा हुई.

मुख्यमंत्री ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था में से एक है और विश्व के शीर्ष तीन निवेश स्थलों में शामिल है. भारत में ब्राण्डेड भोजन की बढ़ती मांग वाले 1.32 बिलियन उपभोक्ता हैं. यहां विश्वस्तरीय बन्दरगाहों की उपलब्धता के साथ ही खाद्य/रसद की आपूर्ति श्रृंखला की बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं.

भारत दूसरा सबसे बडा कृषि योग्य क्षेत्र है, जिसमें 127 विविध कृषि जलवायु वाले क्षेत्र उपलब्ध हैं, जो हमें कई फसलों केला, आम, अमरूद, पपीता और भिण्डी में वैश्विक नेतृत्व प्रदान करता है. भारत का चावल, गेहूं, मछली, फलों एवं सब्जियों के उत्पादन में विश्व स्तर पर दूसरा स्थान है जबकि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है. हमारे बागवानी क्षेत्र ने पिछले 10 वर्षो में 5.50 प्रतिशत की औसत वार्षिक वृद्धि दर्ज की है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड प्रमुख निवेश गन्तव्य के रूप में उभर रहा है, यहां जीवन्त उत्पादक औद्योगिक पारिस्थितिकी तन्त्र उपलब्ध है तथा निवेश अनुकूल नीतियां, उत्कृष्ट जलवायु और सामाजिक बुनियादी सुविधाओं के कारण उत्तराखण्ड निवेश के लिए प्रमुख स्थलों में से एक है. उत्तराखण्ड राज्य की सुगम व्यापारिक स्थितियों के कारण इसकी एक अपनी पहचान है. उद्योगों की स्थापना हेतु ’’एकल खिड़की व्यवस्था’’ के माध्यम से समयबद्व और कठिनाई मुक्त सेवाएं उपलब्ध हैं. उत्तराखण्ड में औद्योगिक विद्युत दरें भारत के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे कम हैं. विकसित स्थलों पर भूमि की पर्याप्त उपलब्धता, नीतियों के साथ-साथ राज्य का ऐतिहासिक औद्योगिक सद्भाव और उत्कृष्ट कानून व्यवस्था ने इसे औद्योगिकी के लिए अनुकूल परिस्थिति प्रदान की है.

उत्तराखण्ड हिमालयी क्षेत्र में स्थित है जिसे वरदान स्वरूप विविध कृषि जलवायु प्राप्त हैं, यहां सामान्य रूप से जैविक खेती की जाती है. राज्य में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना को बेहतर वातावरण प्रदान किए जाने हेतु राज्य सरकार द्वारा विभिन्न नीतिया, योजनाओं एव सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है. प्रदेश में अपेक्षित एवं विकसित अवस्थापना सुविधाओं युक्त दो मेगा फूडपार्क, चार औद्योगिक संकुल, पर्याप्त श्रमशक्ति के साथ-साथ स्थिर राजनैतिक वातावरण विद्यमान है.

trivendra rawat

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की परिस्थितिकी को यथावत रखते हुए राज्य में विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में अन्य छोटे उद्योगों के अलावा ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड, नेस्ले इण्डिया लिमिटेड, पेप्सिको और केएलए इण्डिया पब्लिक लिमिटेड सहित प्रमुख खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में 385 मिलियन डॉलर से भी अधिक का निवेश किया गया है.

उन्होंने आशा व्यक्त की कि हमारे प्रतिनिधियों और थाईलैंड के उद्योगपतियों के मध्य हुए विचार-विमर्श से नई सशक्त साझेदारी विकसित होगी, जो दोनों ही देशों के लिए लाभकारी होगी. मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने बैंकॉक के औद्योगिक आस्थानों नवा नकॉर्न इंडस्ट्रियल एस्टेट का भी भ्रमण किया तथा नवा नकॉर्न पब्लिक कम्पनी के सीईओ/एमडी निपित अरूनवोनजस ने आयुध्य सहित अन्य उद्यमियों से भी उत्तराखण्ड में निवेश के सम्बन्ध में विचार-विमर्श किया.

उत्तराखण्ड में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में निवेश की सम्भावनाओं से सम्बंधित संगोष्ठी में सचिव कृषि डी सेंथिल पाण्डियन ने से राज्य में खाद्य प्रसंस्करण की सम्भावनाओं पर प्रभावी प्रस्तुतीकरण भी दिया.

इस अवसर पर थाइलैण्ड में भारत के राजदूत भगवंत सिंह विश्नोई, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, प्रमुख सचिव मनीषा पंवार, सचिव दिलीप जावलकर, इन्वेस्ट इंडिया की वायस प्रेज़िडेन्ट सुप्रिया रावत, मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार केएस पंवार सहित थाईलैंण्ड और उत्तराखण्ड के अधिकारी और निवेशक उपस्थित थे.
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