सीमांत गांव घेस और हिमनी में स्कूली विद्यार्थियों से सीएम ने की वीडियो चैट

कॉमन सर्विस सेन्टर के संचालक द्वारा बताया गया कि चार ग्रामीणों ने ई-मेडिसन सेवा के तहत सीधे दिल्ली के अपोलो अस्पताल के डॉक्टरों से बात कर चिकित्सकीय परामर्श लिया है.

ETV UP/Uttarakhand
Updated: March 13, 2018, 3:13 PM IST
सीमांत गांव घेस और हिमनी में स्कूली विद्यार्थियों से सीएम ने की वीडियो चैट
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चमोली के सीमान्त गांव घेस और हिमनी के बच्चों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिए बात की.
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Updated: March 13, 2018, 3:13 PM IST
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चमोली के सीमान्त गांव घेस और हिमनी के बच्चों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के  ज़रिए बात की. घेस और हिमनी में इन्टरनेट हाल ही में पहुंचा है. बच्चों को चकित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राजकीय इन्टर कॉलेज घेस और जूनियर हाइस्कूल हिमनी में कक्षाओं में लगे प्रोजेक्टर के माध्यम से बच्चों से बात की.

मुख्यमंत्री ने बच्चों से उनके गांव की समस्याओं के बारे में पूछा. एक बच्चे ने बताया कि बिजली न होने के कारण वे घर पर अपना होम वर्क नहीं कर पाते हैं. जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन महीने के भीतर इस सीमान्त गांव में बिजली आपूर्ति होने लगेगी. मुख्यमंत्री ने इसके लिए ऊर्जा विभााग को निर्देश भी दिए. उल्लेखनीय है कि 2013 की आपदा में इस गांव में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई थी.

बच्चों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने उनसे इन्टरनेट की खूबियों और इसके सकारात्मक उपयोग पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि वे इसकी सहायता से अपने गांव में किसानों की मदद कर सकते है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गांव में शहद उत्पादन की भी प्रचुर सम्भावनाएं है और शीघ्र ही सरकार द्वारा यहां शहद उत्पादन और विपणन के लिये विशेषज्ञ सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.

मुख्यमंत्री की पहल पर घेस और हिमनी के स्कूलों में के-यान पोर्टेबल मल्टीफंक्शनल (बहुउद्देशीय) डिवाइस भेजी गई है. यह डिवाइस इन्टरनेट से कनेक्ट होकर वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा प्रदान करती है. इसके माध्यम से बाहरी केन्द्रों से शिक्षक घेस और हिमनी के बच्चों को पढ़ा सकते हैं.

इस डिवाइस में एनसीईआरटी द्वारा पहले से तैयार की हुई रिकॉर्डेड शिक्षण सामग्री भी मौजूद है, जिसे कक्षाओं के समय या कक्षाओं के बाद आवश्यकतानुसार बच्चों को दिखाया जा सकता है. अवकाश के दिनों में इस डिवाइस और इन्टरनेट के माध्यम से बच्चों को ज्ञानवर्धक मनोरंजन भी प्रदान किया जाएगा.

के-यान डिवाइस क्लास रूम की दीवार को ही प्रोजेक्टर स्क्रीन के रूप में तब्दील कर देती है. इस डिवाइस के माध्यम से दो अलग-अलग गांवों के बच्चे आपस में वीडियो चैट कर सकते हैं. विदेशों से कोई डॉक्टर, शिक्षक या अप्रवासी उत्तराखण्डी अपने गांव को, अपने स्कूल को सम्बोधित कर सकते हैं, उनके उन्नयन में अपना योगदान दे सकते हैं.

Trivendra Rawat

घेस और हिमनी दोनों ही गांव के इन स्कूलों में सोलर पैनल के माध्यक से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है. इसी बिजली से के-यान पोर्टेबल डिवाईस और अन्य आवश्यक उपकरण चार्ज़ भी हो रहे हैं.

घेस गांव जिसके बारे में कहा जाता है कि घेस के आगे नहीं देश. इन्टरनेट पहुंचने के साथ ही गांव में कॉमन सर्विस सेन्टर भी खुल गया है. इन्टरनेट माध्यम से ग्रामीण विभिन्न क्षेत्रों में सूचना प्रोद्यौगिकी की मदद से अपना जीवन स्तर सुधार सकते हैं.

वीडियो कांफ्रेंसिंग में कॉमन सर्विस सेन्टर के संचालक द्वारा बताया गया कि चार ग्रामीणों ने ई-मेडिसन सेवा के तहत सीधे दिल्ली के अपोलो अस्पताल के डॉक्टरों से बात कर चिकित्सकीय परामर्श लिया है. इसी प्रकार कुछ पशुपालकों ने ई-पशु सेवा का लाभ उठाते हुए विशेषज्ञों का परामर्श लिया है. कॉमन सर्विस सेन्टर के लिए लैपटॉप और प्रिन्टर सरकार द्वारा उपलब्ध कराया गया है. यहां से ग्रामीणों को आवश्यक प्रमाण-पत्र, टिकट बुकिंग आदि सुविधा भी प्राप्त होगी.
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