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सीएए पर प्रदेश का माहौल खराब करने वाले स्थानीय निवासियों को भी नहीं बख़्शा जाएगा, शरारती तत्वों की जगह जेल में: सीएम
Dehradun News in Hindi

Deepankar Bhatt | News18 Uttarakhand
Updated: January 24, 2020, 1:00 PM IST
सीएए पर प्रदेश का माहौल खराब करने वाले स्थानीय निवासियों को भी नहीं बख़्शा जाएगा, शरारती तत्वों की जगह जेल में: सीएम
हल्द्वानी में आज़ादी के नारे लगने से उत्तराखंड में भी नागरिकता संशोधन कानून को लेकर सरकार ने सख़्त रुख अख़्तियार कर लिया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोध करनेवाले लोग बाहर से आए हैं और उनका इरादा राज्य में अशांति फैलाना है और इनकी जगह राज्य की जेलों में है.

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देहरादून. हल्द्वानी में आज़ादी के नारे लगने से उत्तराखंड में भी नागरिकता संशोधन कानून को लेकर सरकार ने बेहद सख़्त रुख अख़्तियार कर लिया है. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने साफ़ शब्दों में कहा है कि विरोध करनेवाले लोग बाहर से आए हैं और उनका इरादा राज्य में अशांति फैलाना है. सीएम ने कहा कि कश्मीर, दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से ये लोग आए हैं और इनकी जगह राज्य की जेलों में है.

हल्द्वानी, दून में प्रदर्शन 

बता दें कि हल्द्वानी के ताज चौराहे पर नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के विरोध में धरना दिया गया जिसमें आज़ादी के नारे लगे. वहां भी प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं और बच्चों भी धरने पर बैठे दिखे. हल्द्वानी में प्रदर्शनकारियों ने ऐलान कर दिया कि अगर केंद्र सरकार सीएए वापस नहीं लेती है तो हल्द्वानी के ताज चौराहे को दिल्ली का शाहीन बाग बना देंगे.

इससे पहले मंगलवार को देहरादून की मुस्लिम कॉलोनी में भी बड़ी संख्या में महिला, पुरुष धरने पर बैठे थे और सीएए और एनआरसी के खिलाफ नारेबाज़ी की थी. इस धरने में भी महिलाएं अपने बच्चों को लेकर शामिल हुई थीं.

स्थानीयों को भी नहीं बख़्शेंगे 

इसके बाद मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जामिया मिलाय इस्लामिया यूनिवर्सिटी, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और कश्मीर से शरारती तत्व प्रदेश में घुस आए हैं और वह माहौल खराब करना चाहते हैं. सीएम ने साफ़ शब्दों में कहा कि ऐसे लोगों को उत्तराखंड से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा, उनकी जगह उत्तराखंड की जेलों में है.

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगर कोई स्थानीय निवासी भी इनके बहकावे में आता है तो उस पर भी एक्शन होना चाहिए.हरीश रावत कन्फ़्यूज़्ड

सीएम ने सीएए का विरोध करने वाले कांग्रेस नेताओं पर सीएम ने सवाल खड़े किए और कहा कि इंदिरा ह्रदयेश ने तो सीएए पढ़ा ही नहीं है. दूसरी तरफ़ हरीश रावत को पता नहीं कि उन्हें करना क्या है. सीएम ने कहा कि देश और राज्य हित में व्यक्तिगत हितों से ऊपर सोचना चाहिए.

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First published: January 24, 2020, 12:56 PM IST
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