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CM रावत के दिल्ली दौरे से मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज, इस बार इसलिए ज्यादा है संभावना

CM रावत के दिल्ली दौरे से मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज, इस बार इसलिए ज्यादा है संभावना

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिलने दिल्ली गए हैं. (फ़ाइल फ़ोटो)

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिलने दिल्ली गए हैं. (फ़ाइल फ़ोटो)

इस बात के भी कयास लगाए जा रहे हैं कि सीएम को अमित शाह ने शराब और भांग के मसले पर सफाई देने के लिए भी बुलाया होगा.

    बीजेपी शासित उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार कब होगा? इस सवाल का जवाब जल्द मिलने की उम्मीद है. हालांकि जब-जब भी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत दिल्ली रवाना होते हैं तब-तब ऐसी अटकलें जोर पकड़ लेती हैं. लेकिन इस बार कुछ विशेष की संभावना दिखाई दे रही है.

    राजनीतिक गलियारों में उत्तराखंड में कुछ बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम होने की चर्चा जोरों पर है. इसे मंत्रिमंडल विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है क्योंकि मंत्रिमंडल में 3 सीटें खाली हैं. दो सीटों पर तो बीजेपी नेता मंत्रिमंडल गठन के समय से ही नज़रें गड़ाए हुए हैं. तीसरी सीट वित्त मंत्री रहे प्रकाश पंत के निधन के बाद खाली हुई है. अटकलें इस बात की भी हैं कि 7 अगस्त को लोकसभा का सत्र खत्म होते ही इस पर फैसला हो जाएगा.

    रात को अमित शाह से मुलाकात 

    दो घटनाएं इस ओर ही इशारा कर रही है. इस बार का सीएम त्रिवेन्द्र का दिल्ली दौरा कुछ अलग था. सूत्रों की मानें तो वह इस बार दिल्ली खुद नहीं गए बल्कि अमित शाह ने उन्हें बुलाया था. इसकी पुष्टि इस बात से भी होती है कि सीएम का 31 जुलाई को दिल्ली जाने का कोई प्लान नहीं था. वह तो अपनी घोषणाओं की समीक्षा करने वाले थे लेकिन उसे रद्द करके दिल्ली रवाना हुए.

    दूसरी घटना यह कि इस बार के दिल्ली दौरे में वह सिर्फ़ बिग बॉस अमित शाह से मिले. 31 जुलाई की रात मुख्यमंत्री की अमित शाह से भेंट हुई लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि आज सुबह-सुबह वह फिर से अमित शाह से मिलने जाने वाले थे. अमित शाह के घर के बाहर मीडियावालों का जमावड़ा भी लग गया था. हालांकि यह मुलाकात नहीं हो सकी और सीएम सीधे देहरादून के लिए निकल गए.

    मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा 

    अमित शाह से मुलाकात को ही प्रदेश में मंत्रिमण्डल विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है. यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि 31 जुलाई की रात हुई मुलाकात में मामला कुछ खास बना नहीं होगा इसीलिए त्रिवेन्द्र रावत अगले दिन फिर से मिलने जाने वाले थे.

    मंत्रिमण्डल विस्तार या मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की अटकलों का दूसरा मजबूत कारण भी है. मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत 1 से 8 अगस्त तक मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा कर रहे हैं. अब टाइमिंग देखिए.... जैसे ही संसद का सत्र स्थगित होगा वैसे ही त्रिवेन्द्र रावत की मंत्रियों के कामकाज की भी समीक्षा भी खत्म होगी.

    सीएम त्रिवेन्द्र ने खुद 22 जुलाई को कहा था कि मंत्रियों के कामकाज के आधार पर कुछ फैसले लिए जा सकते हैं. जाहिर है अगस्त महीने का दूसरा हफ्ता उत्तराखण्ड में राजनीतिक लिहाज से काफी गर्मागर्म रहने वाला हो सकता है.

    शराब-भांग पर सफ़ाई मांगी!

    दूसरी ओर इस बात के भी कयास लगाए जा रहे हैं कि सीएम को अमित शाह ने शराब और भांग के मसले पर सफाई देने के लिए भी बुलाया होगा. बता दें कि पिछले दिनों देवप्रयाग में शराब की फैक्ट्री लगाए जाने को लेकर काफी हो-हल्ला मचा था.

    लेकिन आलाकमान को फ़र्क पड़ा उमा भारती की बात से. विश्वस्त सूत्रों ने न्यूज़ 18 को बताया है कि 2 दिन पहले उमा भारती ने न सिर्फ़ इस मामले पर बयान दिया था बल्कि संघ के कुछ बड़े नेताओं से बात भी की थी. पूर्व सीएम बीसी खंडूरी ने तो खुलकर इस फ़ैसले का विरोध किया था और पौड़ी से सांसद तीरथ सिंह रावत ने भी इस मामले पर विपरीत प्रतिक्रिया दी थी. सूत्रों के अनुसार इसी पर सफाई देने के लिए त्रिवेंद्र रावत को दिल्ली बुलाया गया होगा.

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    Tags: Amit shah, Cabinet reshuffle, Trivendra Singh Rawat, Uttarakhand BJP, Uttarakhand news

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