‘मुख्यमंत्री को शराब प्लांट अच्छा लग रहा है तो अपने गांव में क्यों नहीं लगवाते’

रतूड़ी ने कहा कि जिस देवप्रयाग से लोग गंगाजल लेकर जाते हैं वहां सरकार अब शराब परोसने जा रही है.

News18 Uttarakhand
Updated: July 9, 2019, 2:09 PM IST
‘मुख्यमंत्री को शराब प्लांट अच्छा लग रहा है तो अपने गांव में क्यों नहीं लगवाते’
बीजेपी और कांग्रेस देवप्रयाग में व्हिस्की प्लांट पर आमने सामने हैं. कांग्रेस प्रवक्ता आरपी रतूड़ी (बाएं) ने बीजेपी सरकार को शराब व्यापारियों के हित में काम करने वाला करार दिया है तो बीजेपी प्रवक्ता शादाब शम्स (बाएं) ने उसे रोज़गार देने वाला बताया है.
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Updated: July 9, 2019, 2:09 PM IST
देवप्रयाग, जहां भागीरथी और अलकनंदा के संगम से गंगा बनती है, वहां पास व्हिस्की प्लांट लगने का मामला तूल पकड़ चुका है. पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के इस पर सवाल उठाने के बाद पहले बीजेपी ने यह कहकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की कि हरीश रावत के मुख्यमंत्रित्व काल में ही इस प्लांट को मंज़ूरी मिली थी. उसके बाद सीएम ने यह कहकर इस प्लांट को जस्टीफ़ाई किया कि इससे स्थानीय लोगों को रोज़गार मिलेगा और स्थानीय उत्पादों को बाज़ार. इसके बाद कांग्रेस सरकार पर हमलावर हो गई है तो बीजेपी के दूसरे नेता डिफ़ेंसिव दिखने लगे हैं.

'शराब समर्थक है बीजेपी'

देवप्रयाग में व्हिस्की प्लांट को लेकर मुद्दाविहीन सुस्त पड़ी कांग्रेस में जान आ गई है. इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस आक्रामक तेवर अपना रही है. कांग्रेस प्रवक्ता आरपी रतूड़ी ने कहा कि इस सरकार का शराब के प्रति प्रेम शुरु से इसकी आबकारी नीति से ही ज़ाहिर होता रहा है. शराब कारोबारियों के हित में आबकारी नीति बनाई जाती रही और महिलाओं के विरोध को अनसुना किया जाता रहा.

देवप्रयाग में व्हिस्की प्लांट: सीएम ने कहा, ‘अच्छी चीज़ है, लोगों को रोज़गार मिलेगा’

रतूड़ी ने कहा कि जिस देवप्रयाग से लोग गंगाजल लेकर जाते हैं वहां सरकार अब शराब परोसने जा रही है. कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि अगर शराब अच्छी है तो सीएम अपने पुश्तैनी गांव में खैरासैंण में क्यों हीं एक प्लांट लगवाते? उन्होंने सरकार से देवप्रयाग की स्वच्छता, पवित्रता बनाए रखने की मांग की.

कांग्रेस ने झूठ बोला 

उत्तराखंड बीजेपी ने सीएम के बयान को एकदम सही बताया है. पार्टी प्रवक्ता शादाब शम्स कहते हैं कि देवप्रयाग में लगने वाला हिल टॉप व्हिस्की का सिर्फ़ बॉटलिंग प्लांट है. इससे स्थानीय लोगों को रोज़गार मिलेगा. वह यह भी कहते हैं कि कांग्रेस इस मामले में झूठ बोल रही है. शादाब शम्स के अनसार हरीश रावत के समय दिया गया लाइसेंस वाइनरी का नहीं एफ़एल2 (अंग्रेज़ी शराब) का था.
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'फ़ैसला वापस लेने पर विचार करे सरकार'

लेकिन बीजेपी के दूसरे नेता इस मामले पर संभलकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं. प्रदेश अध्यक्ष और नैनीताल-ऊधम सिंह नगर से सांसद अजय भट्ट कहते हैं कि व्हिस्की प्लांट को परमिशन कांग्रेस के राज में मिली थी. परमिशन लैटर में बॉटलिंग प्लांट लिखा है और बॉटलिंग के आलावा अगर  कुछ दूसरा काम हो रहा है तो वह ख़ारिज हो जाएगा.

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पौड़ी के सांसद तीरथ सिंह रावत इस मामले पर सरकार के स्टैंड से सहमत नहीं दिखे. उन्होंने कहा कि अगर शराब प्लांट से देवप्रयाग की गंगा नदी को नुकसान हो रहा है तो सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए.

(दिल्ली से राजीव तिवारी के साथ देहरादून के किशोर रावत, दीपांकर भट्ट की रिपोर्ट)

शराब फैक्ट्री खोलने का फैसला पूर्व की कांग्रेस सरकार का था: बीजेपी

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First published: July 9, 2019, 1:34 PM IST
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