Lockdown में लौटे प्रवासियों को CM की चेतावनी- Quarentine के नियम मानें, नहीं तो जेल

प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने मंत्रिमंडल के काम करने या नहीं करने पर यह बात कही है. (फाइल फोटो)
प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने मंत्रिमंडल के काम करने या नहीं करने पर यह बात कही है. (फाइल फोटो)

उत्तराखंड में प्रवासियों के आने के बाद COVID-19 के बढ़ते संक्रमण को देख मुख्यमंत्री टीएस रावत ने लिए कड़े फैसले. मास्क न पहनने पर लगेगा जुर्माना.

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देहरादून. उत्तराखंड में 15 मार्च को कोरोना वायरस (COVID-19) का पहला मामला सामने आया और दो महीने में आंकड़ा 100 के आसपास पहुंचने वाला है. पहले जमाती और अब लॉकडाउन (Lockdown) के बीच दूसरे राज्यों से लौट रहे प्रवासी COVID-19 के बढ़ते आंकड़ों की वजह बन रहे हैं. इन प्रवासियों को क्वारंटाइन रखने में सरकार को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. खासकर उन लोगों के साथ ज्यादा परेशानी है, जिन्हें गांवों में होम-क्वारंटाइन में रहने को कहा जा रहा है. ऐसे में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (CM Trivendra Singh Rawat) ने प्रवासियों को दोटूक लहजे में चेतावनी दी है. सीएम रावत ने दूसरे राज्यों से आने वालों से कहा है कि क्वारंटाइन के नियमों को मानें, नहीं तो एपिडेमिक एक्ट के तहत 6 महीने की जेल की सजा भुगतनी पड़ सकती है.

कोरोना के मद्देनजर कई फैसले

मुख्यमंत्री रावत ने न्यूज 18 के साथ बातचीत में कहा कि दूसरे राज्यों से उत्तराखंड लौटे प्रवासियों के कारण प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े हैं. इसको देखते हुए सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं. उन्होंने कहा कि अब हमें कोरोना के साथ जीना सीखना होगा. इसलिए जरूरी है कि हम लॉकडाउन के प्रोटोकॉल का पालन करें. मास्क पहनें और क्वारंटाइन के नियमों का पालन करें. अगर कोई प्रवासी इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर कार्रवाई होगी. मास्क न पहनने पर जुर्माना लगेगा. सीएम ने कहा कि प्रवासियों की सुविधा के लिए सरकार ने उन्हें राशन किट देने का इंतजाम किया है.



क्वारंटाइन का कड़ाई से पालन हो
कोरोना की रोकथाम को लेकर गांवों में होम-क्वारंटाइन को लेकर कई जगहों से विवाद की खबरों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि महामारी को रोकने के लिए इन नियमों का कड़ाई से पालन जरूरी है. उन्होंने कहा कि एपिडेमिक एक्ट के नियम का पालन न करने पर 6 महीने की सजा का प्रावधान है. सीएम ने इसको लेकर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह और डीजीपी अनिल रतूड़ी के साथ बैठक भी, जिसमें उन्होंने दिशा-निर्देश दिए. इस बैठक के बाद शासन और पुलिस के मुखिया ने यह बात दोहराई कि होम-क्वारंटाइन के नियम न मानने पर कड़ी सजा होगी.

लॉकडाउन-4 में छूट को लेकर भी हुई बात
सीएम टीएस रावत ने इन बातों के अलावा लॉकडाउन-4 को लेकर उठ रहे सवालों के भी जवाब दिए. लॉकडाउन-4 के दौरान रोजाना सुबह 7 से शाम 4 बजे तक मिल रही रियायत का समय बढ़ाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग को बरकरार रखना ज़रूरी है. अगर वक्त बढ़ाए जाने पर भीड़ कम होती है, तो इस बात पर विचार किया जा सकता है. वहीं, सीएम ने दूसरे राज्यों में वापसी का इंतजार कर रहे लोगों को भरोसा भी दिलाया कि इसके लिए सरकार काम कर रही है. प्रवासी जहां हैं, वहीं पर संयम से रहें, सरकार उनके साथ है.

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