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कांग्रेस की चार धाम श्राइन बोर्ड विधेयक को प्रवर समिति में भेजने की मांग, कहा- सरकार ही नहीं समझ पाई

Kishore Kumar Rawat | News18 Uttarakhand
Updated: December 10, 2019, 5:27 PM IST
कांग्रेस की चार धाम श्राइन बोर्ड विधेयक को प्रवर समिति में भेजने की मांग, कहा- सरकार ही नहीं समझ पाई
पर्यटन और धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने दावा किया कि विधेयक में तीर्थ-पुरोहितों का ध्यान रखा गया है तो नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने इसे प्रवर समिति के पास भेजने की मांग की.

नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदयेश ने पूछा कि आखिर श्राइन बोर्ड की क्या ज़़रूरत पड़ गई? पुरोहितों के अधिकार छीनने की क्या ज़़रूरत है?

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देहरादून. तीर्थ पुरोहितों (tirth purohit) और हक-हकूकधारियों के विरोध के बीच विधानसभा में चार धाम श्राइन बोर्ड प्रबंधन विधेयक (char dham shrine board management bill) पर चर्चा शुरु हो गई. राज्य सरकार ने दावा किया है कि विधेयक में तीर्थ-पुरोहितों के अधिकार सुरक्षित रखे गए हैं. कांग्रेस (congress) ने विधेयक के औचित्य पर ही सवाल उठाते हुए विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजने की मांग की है. विधेयक पर चर्चा से पहले सदन ने ध्वनि मत से दण्ड प्रक्रिया संहिता (उत्तराखंड संशोधन) विधयेक 2019, को पास कर दिया. इसके कानून बनने के बाद उत्तराखंड में अग्रिम जमानत लेना संभव हो जाएगा.

अधिकार सुरक्षित 

भोजनावकाश के बाद सदन में चारधाम श्राइन बोर्ड बिल पर चर्चा शुरु हुई. पर्यटन मंत्री और धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि यात्रियों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए बोर्ड की ज़़रूरत है. उन्होंने कहा कि यह विधेयक बनाने के लिए सोमनाथ, शिर्डी, वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ट्रस्ट का अध्य्यन किया गया था.

धर्मस्व मंत्री ने दावा किया कि इस विधेयक में पंडे-पुजारियों और हक-हकूकधारियों के अधिकार सुरक्षित रखे गए हैं. उन्होंने कहा कि विधेयक में हक-हकूकधारियों की परिभाषा भी साफ़ की गई है.

ज़रूरत क्या पड़ी 

बहस में हिस्सा लेते हुए नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदयेश ने पूछा कि आखिर श्राइन बोर्ड की क्या ज़़रूरत पड़ गई? पुरोहितों के अधिकार छीनने की क्या ज़़रूरत है? प्रतिपक्ष ने इस विधेयक को प्रवर समिति को भेजने की मांग करते हुए कहा कि सरकार चार धाम श्राइन बोर्ड बिल को समझाने में नाकाम साबित हुई है.

इंदिरा हृदयेश ने कहा कि इस विधेयक पर पुरोहितों को भरोसे में नहीं लिया गया. उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि धार्मिक स्थान राजनीति और झगड़े का केंद्र न बनें.ये भी देखें: 

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First published: December 10, 2019, 5:22 PM IST
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