उत्तराखंड में 1 नवंबर से खुल सकते हैं कॉलेज, 31 अक्टूबर तक रिजल्ट घोषित करने की तैयारी

उत्तराखंड में कॉलेज की परीक्षाएं कोविड नियमों को ध्यान में रखते हुए करवाई गई थीं. ऐसे ही कॉलेज खोलने की भी तैयारी है. (फ़ाइल फ़ोटो)
उत्तराखंड में कॉलेज की परीक्षाएं कोविड नियमों को ध्यान में रखते हुए करवाई गई थीं. ऐसे ही कॉलेज खोलने की भी तैयारी है. (फ़ाइल फ़ोटो)

उत्तराखंड के उच्च शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की गुरुवार को प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक है. इसी बैठक में राज्य के कॉलेज खोले जाने पर मंत्री और कुलपति करेंगे मंथन.

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देहरादून. नवंबर से उत्तराखंड के यूनिवर्सिटी और डिग्री कॉलेज खोलने की पूरी तैयारी है. 15 अक्टूबर तक एग्ज़ाम कम्पलीट कराने के बाद 31 अक्टूबर तक रिज़ल्ट घोषित कर दिए जाएंगे. इसके बाद नवंबर में कॉलेज ऑफलाइन मोड में खुल सकते हैं. उच्च शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धन सिंह रावत का कहना है कि अब ऑफ़लाइन पढ़ाई करवाई जायेगी. इसके लिए ऑड-ईवन मोड में भी बच्चों को कॉलेज बुलाने का विकल्प रखा गया है. अंतिम फ़ैसला 15 तारीख को सभी कुलपति के साथ मीटिंग में किया जाएगा.

ऑफलाइन का तोड़ नहीं
गुरुवार को उच्च शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक है. इसमें कॉलेज खोलने पर फाइनल मुहर लगने की पूरी उम्मीद है. हालांकि जिन यूनिवर्सिटी में बच्चे दूसरे राज्यों से आएंगे उनके लिए किस तरह से कॉलेज संचालित होंगे इस पर अभी अंतिम फ़ैसला किया जाना बाकी है. प्रैक्टिकल्स और सेशन को देखते हुए इतना ज़रूर है कि कॉलेज ऑफ़लाइन पढ़ाई कराने को तैयार हैं.

उच्च शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धन सिंह रावत ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन हुई है, मगर ऑफलाइन का कोई तोड़ नहीं है. कॉलेज में बच्चों को बुलाया जाएगा और थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइजेशन की पूरी व्यवस्था देखी जाएगी. पहाड़ों में अभी कोरोना का प्रसार कम है इसलिए पहाड़ के डिग्री कॉलेज खोलने पर विचार किया जा सकता है. सभी कुलपतियों की राय लेने के बाद ही इस पर कोई फ़ैसला लिया जा सकता है.



22 डिग्री कॉलेजों के भ्रमण के बाद रावत ने कहा कि उन्होंने टीचर्स, स्टूडेंट्स और पैरेंट्स से भी बात की है और सभी इस बात पर सहमत नजर आ रहे हैं कि डिग्री कॉलेज को खोला जा सकता है. हालांकि कोविड का खतरा अभी टला नहीं है और लोगों के मन में डर है मगर पढ़ाई को भी ध्यान में रखने हुए ही फैसला लिया जाना चाहिए.
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