कोरोना पर घमासान... कांग्रेस ने की बीजेपी नेताओं के टेस्ट की मांग, बीजेपी ने कहा- ज़रूरत नहीं
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कोरोना पर घमासान... कांग्रेस ने की बीजेपी नेताओं के टेस्ट की मांग, बीजेपी ने कहा- ज़रूरत नहीं
कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कोरोना संक्रमण की आशंका वाले बीजेपी नेताओं के कोरोना टेस्ट की मांग को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने खारिज कर दिया है.

बीजेपी ऑफ़िस को क्वारंटीन किए जाने के नोटिस पर भगत ने कहा कि यह तो नोटिस लगाने वालों की गलती है.

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देहरादून. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा में कोरोना वायरस के लक्षण पाए जाने के बाद उत्तराखंड कांग्रेस को बीजेपी पर हमला करने का एक और मौका मिल गया है. उत्तराखंड कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो मैसेज जारी कर कहा है कि संबित पात्रा में तो कोरोना वायरस के लक्षणु मिले हैं लेकिन उत्तराखंड में बीजेपी नेता वायरस प्रूफ़ नज़र आ रहे हैं या कम से कम सरकार तो यही मान रही है. उन्होंने मांग की कि ऐसे सभी बीजेपी नेताओं का कोरोना टेस्ट करवाया जाना चाहिए जिन्हें यह संक्रमण होने का खतरा हो सकता है ताकि उनसे कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका को खत्म किया जा सके. बीजेपी का कहना है कि अभी ऐसी ज़रूरत महसूस नहीं हो रही.

चुन-चुन कर कार्रवाई

दरअसल उत्तराखंड कांग्रेस लगातार यह आरोप लगा रही है कि राज्य सरकार कोरोना वायरस को लेकर भी राजनीति कर रही है. चुन-चुन कर कांग्रेसियों पर केस दर्ज कर किए जा रहे हैं जबकि सोशल डिस्टेंसिंग को तार-तार करने और संक्रमण की आशंका के बावजूद बीजेपी नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही.



कांग्रेस के टिहरी ज़िलाध्यक्ष हिमांशु बिजल्वाण और कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गुरुवार को क्वारंटीन कर दिया गया. दरअसल एक दिन पहले रही उन्होंने क्वारंटीन सेंटर में जाकर वहां रुके लोगों को फल बांटे थे. गरिमा दसौनी  इसी बात को उठाते हुए कहती हैं कि 15 मार्च को कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना आइसोलेशन वॉर्ड में गए तो उन्हें 28 दिन के लिए क्वारंटीन कर दिया गया लेकिन उसी दिन उसी वॉर्ड में जाने वाले बीजेपी विधायक खजानदास पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.



वायरस प्रूफ़ हैं?

इसी तरह बीजेपी विधायक सहदेव पुंडीर क्वारंटीन वॉर्ड का जायज़ा लेते हैं लेकिन उन्हें नोटिस तक नहीं दिया गया. कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के घर दिल्ली से कुछ लोग आ गए तो उनके घर को तो क्वारंटीन कर दिया गया लेकिन सतपाल महाराज अपने ऑफ़िस में बने हुए हैं, लगातार सार्वजनिक कार्यों में सक्रिय हैं.

देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा और विधायक सहदेव पुंडीर का डॉक्टरों के सम्मान का वीडियो भी वायरल हो रहा जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग तार-तार कर दी गई है. मदन कौशिक के कार्यक्रम में कोरोना पॉज़िटिव युवक पहुंच गया तो मदन कौशिक के अलावा सब को क्वारंटीन किया जा रहा है.

कांग्रेस प्रवक्ता पूछती हैं कि क्या ये वायरस प्रूफ़ हैं.

कोरोना टेस्ट करवाएं

गरिमा दसौनी कहती हैं कि कोरोना संक्रमण के दौरान भी बीजेपी सरकार की इस भेदभावपूर्ण नीति की वजह से कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है. बीजेपी महामंत्री अजय कुमार सहारनपुर से आकर देहरादून और फिर उत्तरकाशी चले गए, बीजेपी ऑफ़िस को क्वारंटीन किए जाने के बजाय इस बात को छुपाया गया और नेता-पत्रकार वहां आते-जाते रहे. क्या यह कोरोना संक्रमण को फैलाने को दावत देना नहीं है?

दसौनी ने कहा कि बीजेपी नेताओं के कोरोना संक्रमण फैलाने की आशंका बनी हुई है और इसलिए बीजेपी को चाहिए कि वह सतपाल महाराज, मदन कौशिक समेत सभी नेताओं का कोरोना टेस्ट करवाए ताकि यह आशंका खत्म हो सके.

अभी ज़रूरत नहीं: बीजेपी

कांग्रेस की मांग पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत कहते हैं कि अभी पार्टी नेताओं का कोरोना टेस्ट करवाने की कोई ज़रूरत महसूस नहीं हो रही है और अगर ऐसी ज़रूरत लगती है तो टेस्ट करवाए जाएंगे. वह कांग्रेस के बीजेपी नेताओं के 'वायरस प्रूफ़' होने के बयान पर चुटकी लेते हुए कहते हैं कि अगर ऐसा है तो कांग्रेस क्यों डर रही है?

सुनील उनियाल गामा, सहदेव पुंडीर के डॉक्टरों के सम्मान वाले वायरल वीडियो पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह सही नहीं है और उन लोगों को कह दिया गया है कि इससे बचें. बीजेपी ऑफ़िस को क्वारंटीन किए जाने के नोटिस पर भगत ने कहा कि यह तो नोटिस लगाने वालों की गलती है. अजय कुमार सहारनपुर से आए थे तो अपने घर में रहे थे, वह कार्यालय में तो रहे नहीं, उसे क्वारंटीन किया ही नहीं जाना चाहिए था.

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First published: May 29, 2020, 1:00 PM IST
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