उत्तराखंड सरकार की नीतियों से होटल इंडस्ट्री को हो रहा नुकसान- प्रदीप टम्टा

कांग्रेस नेता प्रदीप टम्टा. (फाइल फोटो)

कांग्रेस नेता प्रदीप टम्टा. (फाइल फोटो)

कोरोना वायरस महामारी की वजह से उत्तराखंड में पर्यटन कारोबार और होटल इंडस्ट्री को हो रहे नुकसान को लेकर कांग्रेस नेता ने तीरथ सिंह रावत सरकार को घेरा. सरकार पर कारोबारियों की मदद न करने का लगाया आरोप.

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  • Last Updated: April 10, 2021, 12:58 PM IST
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देहरादून/नई दिल्ली. देशभर में कोरोना वायरस के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं. इसका असर सभी राज्यों के साथ-साथ उत्तराखंड में भी देखने को मिल रहा है. उत्तराखंड एक ऐसा राज्य जहां सरकार को राजस्व का एक बड़ा हिस्सा पर्यटन से आता है. इसमें सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है होटल इंडस्ट्री. लेकिन जिस तरीक़े से लगातार कोविड के केस बढ़ते जा रहे हैं उससे होटल इंडस्ट्री को बड़ा नुकसान हो रहा है. चार धाम के यात्रा के लिए भी होटलों को बुक किया गया था, लेकिन अब उसमें से एक बड़ा वर्ग ऐसा है जिन्होंने कोविड के कारण अपनी बुकिंग रद्द कर दी है. इससे उत्तराखंड के पर्यटन विभाग के साथ होटल इंडस्ट्री को बड़ा नुकसान पहुंचा है.

उत्तराखंड में कांग्रेस के नेता प्रदीप टम्टा का कहना है कि इस सबके लिए उत्तराखंड के राज्य सरकार की नीतियां ज़िम्मेदार हैं. सरकार की नीतियां स्पष्ट ही नहीं है, जिससे लोग भी पशोपेश में हैं. टम्टा ने कहा कि सरकार कभी कहती है कि कोविड टेस्ट कुम्भ के लिए करवाना अनिवार्य नहीं है तो कभी कहती है अनिवार्य है. इससे लोग भी ये सोच नहीं पाते कि उत्तराखंड में कोविड के क्या प्रोटोकाल फ़ॉलो करने हैं. इसी वजह से यहां आने वाले पर्यटक अंतिम समय में अपनी बुकिंग कैन्सल करवा रहे हैं. इसके लिए सरकार ही ज़िम्मेदार है.

टम्टा ने कहा कि पिछले साल भी कोविड मार्च में चरम पर था और ये समय पर्यटन के लिए सबसे अच्छा समय होता है. कोरोना के कारण पिछले साल भी पर्यटन कारोबार को बड़ा नुकसान हुआ, इस बार भी ऐसा ही हो रहा है. लेकिन सरकार ने पिछले साल भी होटल इंडस्ट्री की कोई सहायता नहीं की थी और ना ही कोई पैकेज दिया था. इस साल भी ऐसा ही हो रहा है. इससे उत्तराखंड में होटल इंडस्ट्री की रीढ़ की हड्डी टूटती जा रही है.

टम्टा ने कहा कि होटल खोलने और पर्यटकों के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने नियम-कानून तय किए हैं, उसके बावजूद लोग होटल नहीं जा रहे है, जिससे व्यवसाय चौपट है. लेकिन बिजली, पानी, टैक्स, कर्मचारियों के वेतन, मरम्मत आदि पर मालिकों और संचालकों को हर माह लाखों खर्च करने पड़ रहे हैं. कोरोना के कारण व्यवसाय पूरी तरह ठप है, लेकिन वेतन देना होटल मालिकों की मजबूरी है. कमाई कुछ हो नहीं रही है. उन्होंने कहा कि एक अनुमान के अनुसार पर्यटन उद्योग को करीब 800 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है. उत्तराखंड में आबादी का एक बड़ा हिस्सा पर्यटन से ही जुड़ा है. ऐसे में सरकार को जल्द ही इस ओर ध्यान देना चाहिए.
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