हरीश रावत की उपेक्षा को केंद्रीय नेतृत्व तक ले जा सकते हैं प्रदेश नेतृत्व से नाराज़ विधायक

राज्य में कांग्रेस के 11 में से ज़्यादातर विधायक हरीश रावत को एक्टिव मोड में देखना चाहते हैं. (फ़ाइल फ़ोटो)
राज्य में कांग्रेस के 11 में से ज़्यादातर विधायक हरीश रावत को एक्टिव मोड में देखना चाहते हैं. (फ़ाइल फ़ोटो)

धारचूला से विधायक हरीश धामी ने तो हरीश रावत को नज़रअंदाज करने के विरोध में निर्दलीय चुनाव लड़ने तक का ऐलान कर दिया है.

  • Share this:
देहरादून. उत्तराखंड में हरीश रावत के बगैर कांग्रेस का काम नहीं चल सकता. इस बात को लेकर कांग्रेस के अंदर हंगामा मचा है. राज्य में कांग्रेस के 11 में से ज़्यादातर विधायक हरीश रावत को एक्टिव मोड में देखना चाहते हैं. हरीश रावत के समर्थक माने जाने वाले ये विधायक यहां तक कह रहे हैं कि संगठन के बड़े नेता हरीश रावत को एक्टिव पॉलिटिक्स से बाहर करना चाहते हैं और इस मसले को अब केंद्रीय नेतृत्व तक ले जाने की बात कह रहे हैं.

हरीश रावत हैं ज़रूरी 

कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी का सिखाया हुआ पाठ उत्तराखंड कांग्रेस के नेता 4 दिन में भूल गए. प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और नेता विपक्ष इंदिरा हृदयेश की कोशिश तो 2022 चुनाव जीतने की है लेकिन उत्तराखंड के 70 में से महज़ 11 विधायकों वाली पार्टी के ज्यादातर विधायक इनसे सहमत नहीं.



कांग्रेस के ज़्यादातर विधायक प्रीतम सिंह और इंदिरा हृदयेश से ज्यादा हरीश रावत को पार्टी के लिए ज़रूरी मानते हैं. धारचूला से विधायक हरीश धामी ने तो हरीश रावत को नज़रअंदाज करने के विरोध में निर्दलीय चुनाव लड़ने तक का ऐलान कर दिया है. वह हरीश रावत की उपेक्षा का मामला हाईकमान ले जाने की बात कर रहे हैं.
2022 की तैयारी ज़रूरी 

उत्तराखंड कांग्रेस के ज्यादातर विधायकों को लगता है कि संगठन हरीश रावत को नेता नहीं मान रहा तो संगठन के बड़े नेता आज भी हरीश रावत को सबसे बड़ा नेता बता रहे हैं और आपसी लड़ाई से ज्यादा 2022 के चुनाव को ज़रूरी बता रहे हैं.

इधर कांग्रेस की कलह ने बीजेपी को मुस्कराने का मौका मिल गया है और बीजेपी के नेता इस मौके पर चुटकी लेने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं.

कांग्रेस का हर नेता उत्तराखंड में 2022 का चुनाव जीतना चाहता है लेकिन पार्टी में वर्चस्व की लड़ाई इतनी बड़ी हो चुकी है कि कांग्रेस के विधायक ही संगठन के बड़े नेताओं के खिलाफ खुलकर बोलने लगे हैं. ऐसे में लगता है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी की बात किसी नेता के समझ में नहीं आई.

ये भी देखें: 

हरीश रावत के बयानों से गरमाई उत्तराखंड की राजनीति... 

हरीश रावत के फ़ेसबुकिया वार से उत्तराखंड कांग्रेस में हलचल 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज