रूका हुआ है जानकी पुल का निर्माण कार्य, सीएम त्रिवेंद्र रावत ने की पूरा करने की घोषणा

पर्यटन के छेत्र में अपनी विशेष पहचान बना चुके लक्ष्मण झूला - राम झूला के बाद अब जानकी पुल का बेसब्री से इंतज़ार है. इसके बनने से इन दोनों पुलों पर दबाव कम होगा. तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को भी सहूलियत होगी.

News18 Uttarakhand
Updated: December 8, 2018, 7:10 AM IST
रूका हुआ है जानकी पुल का निर्माण कार्य, सीएम त्रिवेंद्र रावत ने की पूरा करने की घोषणा
जानकी पुल का निर्माण ऋषिकेश के पूर्णानंद घाट से वेद निकेतन घाट के बीच होना है.
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Updated: December 8, 2018, 7:10 AM IST
पर्यटन नगरी ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला - राम झूला अपनी विशेष पहचान रखता है. लेकिन ये दोनों पुल पैदल आने जाने का साधन हैं. काफी लंबे समय से छेत्र में एक अन्य पुल की मांग की जा रही थी, जिसका
शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने अपने कार्यकाल में किया था. इसका नाम जानकी पुल रखा गया. लेकिन विजय बहुगुणा के हटते ही पूर्व सीएम हरीश रावत ने पुल के निर्माण को ठंडे बस्ते में डाल दिया और ये पुल राजनीति की भेंट चढ़ गया. बजट के अभाव में इस पुल का काम लटका हुआ है. वर्तमान सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस पुल का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने की बात कही है. इस पुल के बन जाने से चार जिलों को इसका सीधा लाभ मिल पाएगा.

यह पुल टिहरी, पौड़ी, ऋषिकेश, हरिद्वार जिलों के निवासियों के लिए बेहद ही खास है. लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के चलते विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी आपस में जुड़ नहीं पा रही है. ऋषिकेश से
स्वर्गाश्रम, नीलकंठ महादेव को जोड़ने के लिए जानकी पुल का निर्माण होना है. इसके निर्माण से नीलकंठ कावड़ यात्रा में जाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.

ऋषिकेश मुनि की रेती में 35 करोड़ 53 लाख की लागत से बनने वाला जानकी पुल पैदल के साथ-साथ हल्के मोटर वाहनों के लिए भी प्रयोग में आएगा. लेकिन इस पुल के निर्माण का कार्य बीते 2 साल से बंद पड़ा हुआ है. इसके नहीं बनने से लोगों को राजाजी नेशनल पार्क से होकर या फिर 15 किलोमीटर की रोज की दूरी तय करके ऋषिकेश आना पड़ता है. इससे लोगों में नाराजगी है.

जानकी पुल का निर्माण ऋषिकेश के पूर्णानंद घाट से वेद निकेतन घाट के बीच होना है जिससे स्वर्गाश्रम जाने वाले यात्रियों को लगभग 15 किलोमीटर की दूरी और पैदल जानेवालों का एक घंटे का समय
बचेगा.  बीजेपी सरकार के आने से एक बार फिर लोगों में पुल के प्रति उम्मीद जगी है. वहीँ मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द इस कार्य को पूरा किया जाएगा. हालांकि इस आश्वासन को दिए जाने के भी 9 महीने से ज्यादा समय हो गया है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एक बार फिर इस पुल के बनने के लिए ठोस बातें कर रहे हैं.
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वहीं स्वर्ग आश्रम जोक नगर पंचायत के अध्यक्ष और मुनि की रेती के नव निर्वाचित अध्यक्ष भी सरकार पर पुल निर्माण के लिए दबाव बनाने की रणनीति तैयार कर रहे हैं. स्वर्ग आश्रम जोक नगर पंचायत के
अध्यक्ष माधव अग्रवाल का कहना है कि अगर सरकार जल्द से जल्द इस पुल के निर्माण कार्य को आगे नहीं बढ़ाई तो वह इसके खिलाफ धरने पर बैठ जाएंगे. पर्यटन के छेत्र में अपनी विशेष पहचान बना चुके
लक्ष्मण झूला - राम झूला के बाद अब जानकी पुल का बेसब्री से इंतज़ार है. इसके बनने से इन दोनों पुलों पर दबाव कम होगा. तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को भी सहूलियत होगी. अब देखना है कि बेजीपी सरकार इस थमी योजना को कब तक पूरा कर पाती है.

(ऋषिकेश से आशीष डोभाल की रिपोर्ट)

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