उत्तराखंड: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में वनराज के बाद अब गजराज के कुनबे की होगी गिनती, जानें वजह
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उत्तराखंड: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में वनराज के बाद अब गजराज के कुनबे की होगी गिनती, जानें वजह
यहां हाथियों की गणना (Calculation) का काम 6, 7 और 8 जून को किया जाएगा.

साल 2014-15 में हाथियों (Elephants) की गणना का काम हुआ था. तब यहां करीब 1100 हाथी पाए गए थे.

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देहरादून. कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (Corbett Tiger Reserve) बाघों की फेज फोर की मॉनिटरिंग के बाद अब हाथियों (Elephants) की गणना की तैयारी में जुट गया है. वनराज का कुनबा कितना बड़ा है, इसकी जानकारी के लिए अभी कैमरा ट्रेप से मिले बाघों की तस्वीरों का विश्लेषण का कार्य जारी है. ऐसे में अब कॉर्बेट प्रशासन गजराज के कुनबे को गिनने की तैयारी कर रहा है. यहां हाथियों की गणना (Calculation) का काम 6, 7 और 8 जून को किया जाएगा. जिसमे कॉर्बेटकर्मी आंखों द्वारा प्रत्यक्ष विधि से हाथियों की गणना करेंगे. इसके लिए कॉर्बेट कर्मियों को 4 और 5 जून को गणना का प्रशिक्षण दिया जाएगा. यहां 2014-15 में हाथी गणना का काम हुआ था. तब यहां करीब 1100 हाथी पाये गए थे. इस गणना में नर, मादा और बच्चों की गणना के पूल बनाये जाएंगे. जिसमें नर हाथियों की संख्या, मादा की संख्या और शिशु हाथियों की संख्या अलग-अलग निकाली जा सके.

इससे जहां हाथियों की सही संख्या निकल कर सामने आएगी, वहीं नर-मादा और बच्चों का अनुपात भी पता लग सकेगा. इससे हाथियों के हैबिटेट मैनेजमेंट में मदद मिल सकेगी. आपको बता दें कि हाथियों का मूवमेंट काफी दूर-दूर तक होता है. यह माना जाता है कि हाथी धर्मशाला से लेकर शारदा नदी किनारे टनकपुर होते हुए नेपाल तक आते-जाते हैं. ऐसे में जगह-जगह इनके आने-जाने के रास्ते (कॉरिडोर) इंसानों द्वारा विकास के नाम पर बाधित कर दिए गए हैं. जहां अक्सर इनके साथ दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं.

इनका मानव के साथ टकराव बढ़ता चला जा रहा है
या यूं कहें कि इनका मानव के साथ टकराव बढ़ता चला जा रहा है. कॉर्बेट के निदेशक राहुल ने हाथी गणना की जानकारी देते हुए बताया कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में 6 से 8 जून में 3 दिवसीय गणना का कार्य किया जाएगा. जिसके लिए उनके स्तर से गाइड लाइन जारी कर दी गई है. जिसके बाद कॉर्बेट के विभिन्न क्षेत्रों में यह गणना एक साथ कि जाएगी, जिससे कि हाथियों की सही संख्या का आंकलन हो सके. इसमें हाथियों की उम्र, नर-मादा और उनकी विभिन्न विशेषताओं के साथ इस गणना का कार्य किया जाना प्रस्तावित है.
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