उत्तराखंड में कोरोना का कहर! मौतों का आंकड़ा 1800 पार, कोविड पॉजिटिव की संख्या डेढ़ लाख

उत्तराखंड में कोरोना पॉजिटिव मरीजों और बीमारी से होने वाली मौतों की संख्या में वृद्धि से चिंता.

उत्तराखंड में कोरोना पॉजिटिव मरीजों और बीमारी से होने वाली मौतों की संख्या में वृद्धि से चिंता.

Uttarakhand COVID-19  Update: उत्तराखंड में सरकार के तमाम दावों के बावजूद कोरोना संक्रमित मरीजों और महामारी से होने वाली मौतों की संख्या में बढ़ोतरी से बढ़ी चिंता. राष्ट्रीय औसत से 27 गुना ज्यादा डेथ-रेट.

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देहरादून. उत्तराखंड में कोविड के बढ़ते केसों के बीच डेथ रेट ने सबको हिलाकर रख दिया है. उत्तराखंड में कोरोना से मृत्यु की दर राष्ट्रीय औसत से 27 फीसदी अधिक है. इसके साथ ही प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की तादाद भी बढ़ती जा रही है. उत्तराखंड में कोविड पॉजिटिव का कुल आंकड़ा डेढ़ लाख पर पहुंचने वाला है. वहीं महामारी से मौतों का आंकड़ा 1800 को पार कर गया है. कोविड के एक्टिव केसों से भी अस्पताल भरने लगे हैं.

कोरोना वायरस संक्रमण से मौत की दर राष्ट्रीय औसत 1.19 से करीब 27 गुना अधिक 1.51 फीसदी पर पहुंच गई है. जानकार कहते हैं कि यदि सरकार ने सख्ती नहीं बरती तो मौत का आंकड़ा और खतरनाक स्तर पर पहुंच सकता है. दून मेडिकल कॉलेज के कोविड नोडल अफसर डॉ. अनुराग अग्रवाल कहते हैं कि इस डबल म्यूटेंट वायरस की स्प्रेडिंग पावर स्ट्रांग होने के कारण मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है.

इधर, उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी कोरोना पॉजिटिव मामलों की बढ़ोतरी के पीछे कुछ और कारण बताते हैं. नेगी का कहना है कि ये भी हो सकता है कि उत्तराखंड में टेस्टिंग की रफ्तार तेज हुई है. उत्तराखंड में राष्ट्रीय औसत से 40 फीसदी अधिक टेस्टिंग हो रही है. हालांकि मृत्यु दर के बढ़ने के मामले पर उनका कहना है कि सरकार इसे कम करने का प्रयास कर रही है.

बहरहाल, उत्तराखंड में कोविड पॉजिटिव केस आने से लेकर इस महामारी से मृत्यु तक अभी तक के सभी आंकड़े ध्वस्त हो चुके हैं. सरकार ने संक्रमण की रोकथाम के लिए सख्ती बरतनी भी शुरू कर दी है. नाईट कर्फ्यू से लेकर वीकेंड कर्फ्यू भी लागू कर दिया गया है. फिर भी सकारात्मक परिणाम सामने आते नहीं दिख रहे हैं.
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