Corona Warriors: बेटे के जन्म पर भी घर नहीं गया यह पुलिसकर्मी, फोन पर ही जाना मां-बेटे का हाल
Dehradun News in Hindi

Corona Warriors: बेटे के जन्म पर भी घर नहीं गया यह पुलिसकर्मी, फोन पर ही जाना मां-बेटे का हाल
देहरादून के प्रेमनगर थाने में तैनात कॉंस्टेबल नरेंद्र रावत प्रदेश में लॉकडाउन शुरु होने के दिन, 22 मार्च से ही घर नहीं गए हैं.

नरेंद्र रावत जो अपने बेटे के जन्म पर भी घर नहीं गए क्योंकि अभी प्रदेश को, देश को उनकी ज़्यादा ज़रूरत है.

  • Share this:
देहरादून. उत्तराखंड में 22 मार्च से जारी लॉकडाउन (Lockdown) को एक महीना पूरा हो चुका है. देश भर की तरह यहां भी घरों में कैद लोग बाहर निकलने को, काम-धंधा शुरू करने को और बोरियत मिटाने के लिए छटपटा रहे हैं. कुछ यदि बाहर निकल भी रहे हैं तो फिर पुलिस को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ रही है. यह हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि कोरोना वायरस संक्रमण (COVID-19) अगर देश में नियंत्रण में है तो इसके पीछे ऐसे कोरोना वॉरियर्स की तपस्या है जो दिन-रात लॉकडाउन को सफल बनाने में जी-जान से लगे हुए हैं. ऐसे ही एक कोरोना वॉरियर हैं उत्तराखंड पुलिस के कॉन्स्टेबल नरेंद्र रावत जो अपने बेटे के जन्म पर भी घर नहीं गए क्योंकि अभी प्रदेश को, देश को उनकी ज्यादा जरूरत है.

महिला शक्ति के हवाले घर

देहरादून के प्रेमनगर थाने में तैनात कॉन्स्टेबल नरेंद्र रावत लॉकडाउन शुरू होने के दिन यानी 22 मार्च से ही घर नहीं गए हैं. पिछले महीने जब वो घर से ड्यूटी के लिए निकले थे तो उनकी बीवी का आठ महीने का गर्भ पूरा हो चुका था. नरेंद्र यह जानते हुए निकले थे कि किसी भी दिन, किसी भी समय उन्हें फोन आ सकता है कि अब बच्चा होने वाला है. लेकिन उनके लिए कर्तव्य हमेशा पहले रहा.



नरेंद्र रावत के कार्यस्थल प्रेमनगर थाने से बंजारावाला स्थित उनके घर की दूरी करीब 18 किलोमीटर या आधे घंटे की है. लेकिन पूरे महीने एक दिन भी उनसे यह दूरी नापी नहीं जा सकी. उनके घर पर पत्नी वैशाली रावत और दो साल के बेटे के अलावा भाभी और उनके दो बच्चे (8 साल का बेटा और 5 साल की बेटी) के साथ बहू (छोटे भाई की पत्नी) हैं. इन्हीं दोनों महिलाओं ने न सिर्फ तीनों बच्चों को संभाला बल्कि प्रसव पीड़ा होने पर गर्भवती को अस्पताल भी ले गईं.



भगवान भी साथ देते हैं

बुधवार 22 अप्रैल को लॉकडाउन का एक महीना तो पूरा हुआ ही, नरेंद्र रावत को खुशखबरी के साथ बड़ी राहत भी मिली. बेटा पैदा होने की खुशखबरी के साथ ही सब कुछ सकुशल हो जाने की राहत. नरेंद्र ने न्यूज़ 18 को बताया कि बच्चा नॉर्मल डिलीवरी से हुआ और मां और बेटा दोनों स्वस्थ हैं. इस बात कि, चलिए आपको ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ा वर्ना आज कल तो नॉर्मल डिलिवरी मुश्किल ही होती है. नरेंद्र रावत ने जवाब दिया- देखो जी, भगवान भी ऊपर से सब देख रहे हैं. वो भी काम करने वालों का साथ देते हैं.

whatsapp status, नरेंद्र रावत का वॉट्सऐप स्टेटस उनके कर्तव्य और परिवार के प्रति प्रेम को दर्शा रहा है.
नरेंद्र रावत का वॉट्सऐप स्टेटस उनके कर्तव्य और परिवार के प्रति प्रेम को दर्शा रहा है


बेटे से कब मिलेंगे?

यह पूछने पर कि अब उनकी अपने नन्हे बेटे से कब मुलाकात होगी? नरेंद्र कहते हैं कि अभी तो पता नहीं है. दरअसल यहां राशन और खाना बांटने की जिम्मेदारी भी मेरी ही है इसलिए बिल्कुल भी कहीं जाना नहीं हो पाता. और जब तक इसकी जरूरत रहेगी तब तक तो जाना नहीं हो सकता.

मैंने गौर किया कि नरेंद्र रावत का वॉट्सऐप स्टेटस, 'वर्क इज वरशिप' यूं ही नहीं है. और हां, शायद कल या आज से ही उनकी डिस्प्ले पिक्चर मां और बेटे की है. शायद ऐसे ही सही यह कर्मयोद्धा परिवार के प्रति अपने कर्तव्य को पूरा कर कर रहा है.

ये भी पढ़ें- 

Corona Warriors: इस DySP और कॉन्स्टेबल ने शादी पोस्टपोन कर दी, क्योंकि COVID-19 से लड़ना है

Corona Warriors: गर्भवती बीवी और अस्पताल से लौटी बेटी को अकेला छोड़ ड्यूटी पर तैनात है यह पुलिसकर्मी
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading