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ऋषिकेश में पशुपालन विभाग की ज़मीन की जांच करने पहुंचे कोर्ट कमिश्नर, टिहरी विस्थापितों ने कहा- हमारी ज़मीन लौटा दो

Ashish Dobhal | News18 Uttarakhand
Updated: October 21, 2019, 3:39 PM IST
ऋषिकेश में पशुपालन विभाग की ज़मीन की जांच करने पहुंचे कोर्ट कमिश्नर, टिहरी विस्थापितों ने कहा- हमारी ज़मीन लौटा दो
कोर्ट कमिश्नर नागेश अग्रवाल ने मौके पर पहुंचकर ज़मीन की जांच की. इस दौरान विरोध से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था.

टिहरी बांध निर्माण के दौरान तिवाड़गांव, टिहरी गढ़वाल के 12 परिवारों को अधिशासी अभियंता ग्रामीण, पुनर्वास निदेशालय, ऋषिकेश ने बैराज मार्ग पर ज़मीन का आवंटन किया था.

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ऋषिकेश. देश के विकास के लिए अपना घर-बार, ज़मीन छोड़ देने वाले टिहरी बांध के विस्थापितों पर एक बार फिर विस्थापन की मार पड़ने की नौबत आ गई है क्योंकि पुनर्वास निदेशालय के लापरवाह अफ़सरों ने बिना होमवर्क के उन्हें पशुपालन विभाग की ज़मीन आवंटित कर दी थी. यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो हाईकोर्ट ने ज़मीन की जांच के लिए कोर्ट कमिश्नर नागेश अग्रवाल को नियुक्त किया. अग्रवाल ने मौके पर पहुंचकर ज़मीन की जांच की. इस दौरान विरोध से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था.

वायरल वीडियो और अधिकारियों की चुप्पी

बता दें कि ऋषिकेश के बैराज मार्ग पर टिहरी बांध विस्थापितों को पुनर्वास विभाग ने 2004 में 4.692 एकड़ ज़मीन आवंटित की थी, जो पशुपालन विभाग की थी. इस मामले में एक जनहित याचिका दायर हुई तो सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने पशुपालन विभाग को ज़मीन पर कब्ज़ा लेने के आदेश दिए थे.

करीब 10 दिन पहले भारी पुलिस बल के साथ पशुपालन विभाग ने मौके पर पहुंचकर लोगों के घरों की दीवारें तोड़ दी थीं. तब भारी हंगामा हुआ था और एक पुलिसकर्मी का महिलाओं को गाली देते, किशोर को पीटते वीडियो वायरल भी हो गया था. भारी विरोध के चलते तब घरों को तोड़ा नहीं गया था.

आज कोर्ट कमिश्नर के साथ पशुपालन विभाग के सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, प्रभागीय वन अधिकारी आदि ने मौके पर पहुंच कर ज़मीन का निरीक्षण किया. लोगों के विरोध को देखते हुए  मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है. बांध विस्थापित गुस्से में हैं कि विभागीय गलती का  खामियाजा उनको भुगतना पड़ रहा है. हालांकि अधिकारी इस पर मौन साधे हुए हैं.

rishikesh encroachment, प्रशासन ने टिहरी विस्थापितों की बाउंड्री वॉल तोड़कर तार-बाड़ कर दी है.प्रशासन ने टिहरी विस्थापितों की बाउंड्री वॉल तोड़कर तार-बाड़ कर दी है.
प्रशासन ने टिहरी विस्थापितों की बाउंड्री वॉल तोड़कर तार-बाड़ कर दी है.


यह है मामला
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टिहरी बांध निर्माण के दौरान तिवाड़गांव, टिहरी गढ़वाल के 12 परिवारों को अधिशासी अभियंता ग्रामीण, पुनर्वास निदेशालय, ऋषिकेश ने बैराज मार्ग पर ज़मीन का आवंटन किया था. उच्च न्यायालय में साल  2008 में रमेश जायसवाल की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए 21 मार्च, 2013 को ज़मीन का सीमांकन करने और पशुपालन विभाग की ज़मीन चिह्नित करने के आदेश दिए थे.

इस मामले में शासन-प्रशासन के स्तर पर ढिलाई बरती गई तो न्यायालय ने इसे अवमानना मानते हुए शासन को सख्त आदेश जारी किए थे. इसका अनुपालन करते हुए इस साल 28 सितंबर को संबंधित ज़मीन की नाप जोख की गई. पता चला कि अधिशासी अभियंता ग्रामीण पुनर्वास के द्वारा 680 एकड़ विस्थापितों को ज़मीन हस्तांतरित की गई थी.

rishikesh encroachment, टिहरी विस्थापित समर सिंह बिष्ट ने कहा कि अगर उन्हें यहां से फिर विस्थापित किया गया तो वह डीएम के सामने आत्मदाह कर लेंगे.

टिहरी विस्थापित समर सिंह बिष्ट ने कहा कि अगर उन्हें यहां से फिर विस्थापित किया गया तो वह डीएम के सामने आत्मदाह कर लेंगे.वर्तमान में यहां 684.692 ज़मीन पर कब्जा पाया गया. जांच के बाद 4.692 एकड़ ज़मीन पर अतिरिक्त अतिक्रमण की पुष्टि हुई. यह ज़मीन पुनर्वास निदेशालय ने 12 बांध विस्थापितों को आवंटित कर दी थी. प्रशासन ने उक्त ज़मीन का सीमांकन कर दिया था.

आंदोलन की तैयारी

टिहरी विस्थापित रहे संजय अग्रवाल का कहना है कि अगर विभाग उनको उनकी जमीन से उजाड़ा जाएगा तो प्रभावित उसके खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे. एक बार फिर टिहरी वाले विस्थापन की मार नहीं झेल सकते.

2004 से ऋषिकेश रह रहे टिहरी विस्थापित समर सिंह बिष्ट ने पूछा कि विभाग इतने सालों से कहां सोया हुआ था? उन्होंने कहा कि अगर उन्हें यहां से फिर विस्थापित किया गया तो वह डीएम के सामने आत्मदाह कर लेंगे. उन्होंने कहा कि पुनर्वास निदेशालय उनकी ज़मीन लौटा दे.

rishikesh encroachment, कोर्ट कमिश्नर नागेश अग्रवाल ने कहा कि वह कोर्ट के आदेश पर ज़मीन का निरीक्षण करने आए हैं और इसकी रिपोर्ट जल्द ही कोर्ट को सौंपी जाएगी.
कोर्ट कमिश्नर नागेश अग्रवाल ने कहा कि वह कोर्ट के आदेश पर ज़मीन का निरीक्षण करने आए हैं और इसकी रिपोर्ट जल्द ही कोर्ट को सौंपी जाएगी.


कोर्ट को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

ज़मीन का निरीक्षण करने पहुंचे कोर्ट कमिश्नर नागेश अग्रवाल ने कहा कि वह कोर्ट के आदेश पर ज़मीन का निरीक्षण करने आए हैं और इसकी रिपोर्ट जल्द ही कोर्ट को सौंपी जाएगी. इससे ज्यादा हम कुछ नहीं कह सकते.

लेकिन एक बात तो साफ़ है कि यहां रह रहे इन लोगों की कम से कम इस मामले में कोई ग़लती नहीं है. इन्हें विभागों की आपराधिक गलती का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है और इन लोगों की ज़िंदगी नरक बना देने वाले अफ़सर कहां, क्या कर रहे हैं, किसी को कोई इसका ध्यान नहीं.

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First published: October 21, 2019, 3:36 PM IST
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