IMA की पासिंग आउट परेड पर भी COVID-19 का असर, ये होंगे बदलाव....
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IMA की पासिंग आउट परेड पर भी COVID-19 का असर, ये होंगे बदलाव....
इस बार IMA की पासिंग आउट परेड में नहीं शामिल हो सकेंगे कैडेट्स के परिजन

88 साल के इतिहास में ये पहली बार देखने को मिलेगा जब ये कैडेट्स अधिकारी बन कर सीधे रेजिमेंट में भेजे जाएंगे. कोरोना महामारी (Pandemic coronavirus) के चलते इस बार होने वाली पासिंग आउट परेड (Passing out parade) में अकादमी की तरफ से किसी भी कैडेट के परिजनों को नहीं बुलाया गया है

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देहरादून. वैश्विक महामारी कोविड-19 (Pandemic Coronavirus) के असर से इंडियन मिलिट्री अकैडमी (Indian Military Academy) की पासिंग आउट परेड भी प्रभावित हो गई है. इस बार यह पहला मौका होगा जब आईएमए पासिंग आउट परेड के दौरान किसी भी जेंटलमैन कैडेट के परिजन इसमें शामिल नही होंगे. ये इंडियन मिलिट्री एकेडमी के इतिहास में पहली बार होगा जब कोरोना महामारी के दौरान किसी के परिजन इस गौरवमयी क्षण का हिस्सा नहीं बन सकेंगे.

इस बार परिजन नहीं लगा पाएंगे कन्धों पर सितारे
कोरोना महामारी के चलते इस बार होने वाली पासिंग आउट परेड (Passing out parade) में अकादमी की तरफ से किसी भी कैडेट के परिजनों को नहीं बुलाया गया है. 13 जून को होने वाली इस ऐतिहासिक परेड में 333 भारतीय और 90 विदेशी जेंटलमैन कैडेट्स पास आउट होकर अधिकारी बनेंगे. तकरीबन 88 साल के इतिहास में ये पहली बार देखने को मिलेगा जब ये कैडेट्स अधिकारी बन कर सीधे रेजिमेंट में भेजे जाएंगे. जबकि पहले पासआउट होने के बाद कैडेट्स कुछ दिनों के लिए अपने परिवार के साथ समय गुजारते थे लेकिन कोरोना महामारी के चलते अब सभी अधिकारी बन कर सीधे रेजिमेंट में तैनात होंगे. साथ ही पासिंग आउट परेड के बाद होने वाली पीपिंग सेरेमनी (Pipping Ceremony) में जहां परिजन ही अपने कैडेट्स के कंधों पर सितारे सजाते थे लेकिन पहली बार परिजन नहीं बल्कि ऑफिसर या ट्रेनिंग देने वाले गुरु कैडेट्स की वर्दी पर सितारे लगाएंगे. साथ ही इस बार कैडेट्स का एक-दूसरे का जोश बढ़ाने वाला नजारा भी कोरोना वायरस और सोशल डिस्टेंसिंग (Social distancing) के चलते आईएमए (IMA) में देखने को नहीं मिलेगा.

घर बैठे लाइव देख सकेंगे परेड
इस कोरोना महामारी के चलते परिजन डिजिटल प्लेटफार्म और मीडिया टेलीकास्ट के जरिये अपने बच्चों की परेड को घर बैठे लाइव देख सकते हैं. आईएमए के पीआरओ लेफ्टिनेंट कर्नल अमित डागर का कहना है कि कोरोना महामारी के चलते आईएमए परेड के लिए खास इंतजाम किये गए हैं इस बार परिजनों को निमंत्रण नहीं दिया जा सका है लेकिन वो लाइव देख सकें इसका इंतजाम किया गया है. इसी क्रम में मंगलवार को परेड से पहले होने वाली ऐतिहासिक चेतवोड ड्रिल का आयोजन किया गया. जिसमें 333 भारतीय और 90 विदेशी जेंटलमैन कैडेट्स ने डिप्टी कमांडेंट मेजर जनरल जेएस मंगत विशिष्ट सेवा मेडल को सलामी दी. मेजर जनरल ने सभी कैडेट्स को सेना के बेहतरीन अधिकारी बनने की शुभकामनाएं दी. बुधवार को अवार्ड सेरेमनी का कार्यक्रम आईएमए में होगा, फिर 11 जून को कमान्डेंट परेड होगी और 13 जून को कैडेट्स की पासिंग आउट परेड के साथ पीपिंग सेरेमनी होगी. जिसके बाद सभी कैडेट्स अधिकारी बन कर सीधे रेजिमेंट में तैनाती देंगे. बता दें कि अक्टूबर 1932 में 40 कैडेट्स के साथ इंडियन मिलिट्री एकेडमी की स्थापना हुई और 1934 में आईएमए का पहला बैच पासआउट हुआ था. अब तक इंडियन मिलिट्री एकेडमी से 62 हजार 139 युवा अफसर मिल चुके हैं. इनमें मित्र देशों के 2413 युवा अफसर भी शामिल हैं.



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