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COVID-19: विधायकों के वेतन से होगी 30% कटौती, भत्तों से नहीं; 3 लाख में से सिर्फ 9 हजार का अंशदान

उत्तराखंड कैबिनेट ने विधायकों और मंत्रियों के वेतन का 30 फ़ीसदी कोविड-19 फंड में जमा करने का फ़ैसला किया है.

उत्तराखंड कैबिनेट ने विधायकों और मंत्रियों के वेतन का 30 फ़ीसदी कोविड-19 फंड में जमा करने का फ़ैसला किया है.

उत्तराखंड के विधायक और मंत्री अपने कुल वेतन-भत्तों में से करीब तीन से सात फ़ीसदी ही अंशदान देंगे. राज्य मंत्री कुल वेतन से 6.69 फ़ीसदी और कैबिनेट मंत्रियों के कुल वेतन से 7.09 फ़ीसदी योगदान देंगे

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देहरादून. उत्तराखंड सरकार ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए केंद्र सरकार के नक्शे-कदम पर चलते हुए विधायकों और मंत्रियों के वेतन का 30 फीसदी कोविड-19 फंड में जमा करने का फैसला किया है. बुधवार को कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया. कहा गया कि इस मामले में केंद्र सरकार की गाइडलाइन को फॉलो किया जाएगा. हालांकि इस बारे में पूछे जाने पर भी राज्य सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक ने कुछ स्पष्ट नहीं किया, लेकिन केंद्र सरकार के प्रवक्ता ने पहली ही स्पष्ट कर दिया है कि यह कटौती सिर्फ़ वेतन से होनी है, भत्तों में से नहीं (देखें ट्वीट). अगले दिन केंद्र से इसका नोटिफ़िकेशन भी जारी हो गया. गौर करने वाली बात यह है कि उत्तराखंड के विधायकों को वेतन और भत्ते के रूप में हर महीने लगभग 3 लाख रुपये मिलता है. कोरोना मद में सिर्फ वेतन कटौती होनी है. यानी इस फॉर्मूले के तहत उत्तराखंड के विधायक और मंत्री अपने कुल वेतन-भत्तों में से करीब तीन से सात फ़ीसदी ही अंशदान देंगे.

विधायकों के वेतन और भत्ते

बता दें कि उत्तराखंड के विधायकों को 30,000 रुपये वेतन मिलता है. इसके अलावा निर्वाचन क्षेत्र भत्ता एक लाख 50 हज़ार रुपये, चालक भत्ता 12 हज़ार रुपये, सचिवीय भत्ता 12 हज़ार रुपये, मकान किराया प्रतिकर (सुसज्जित आवास के स्थान पर) 300 रुपये, जनसेवा भत्ता 60 हज़ार रुपये (2000 रोज़) मिलता है. वेतन और भत्ते मिलाकर हर महीने विधायकों को 2,64,000 रुपये मिलते हैं.

इसके अलावा 3,55,000 रुपये के सालाना रेलवे कूपन मिलते हैं जो प्रतिमाह के हिसाब से 29,583.33 रुपये बनते हैं. विधायक अगर चाहें तो इनकी जगह प्रतिमाह डीज़ल-पेट्रोल के रूप में नकद क्लेम कर सकते हैं, जिसके एवज में उन्हें 27,083 रुपये मिलेंगे. इसे भी विधायकों को मिलने वाले वेतन-भत्तों में जोड़ने पर बनते हैं 2 लाख 91 हज़ार 083 रुपये हर महीने.

अब इसमें से 9000 रुपये प्रतिमाह कम कर दें तो हर विधायक को 2 लाख 82 हज़ार 083 रुपये अब भी मिलेंगे. दरअसल यह 9000 रुपये विधायकों को हर महीने मिलने वाले कुल वेतन का करीब 3.09 प्रतिशत ही है.

केंद्र सरकार के प्रवक्ता ने 6 तारीख को ही स्पष्ट कर दिया था कि सांसदों के सिर्फ़ वेतन से कटौती होगी, भत्तों से नहीं.

mp's salary only to be cut, not allownces, केंद्र सरकार के प्रवक्ता ने 6 तारीख को ही स्पष्ट कर दिया था कि सांसदों के सिर्फ़ वेतन से कटौती होगी, भत्तों से नहीं.

राज्य मंत्रियों का अंशदान  

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के अलावा उत्तराखंड में 7 कैबिनेट मंत्री और 2 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार हैं.) सभी विधायकों की तरह इनके भी वेतन में से 30 फ़ीसदी की कटौती की जाएगी. अब एक नज़र कैबिनेट और राज्य मंत्रियों के वेतन और भत्तों पर.

उत्तराखंड में राज्य मंत्रियों का वेतन 84000 रुपये है. इसके अलावा उन्हें निर्वाचन भत्ते के रूप में डेढ़ लाख रुपये, अखबार के लिए 500 रुपये, सचिवालय भत्ते के रूप में 12000 रुपये, दैनिक भत्ते के रूप में 3000 रुपये (प्रतिदिन) और पॉकेट मनी के लिए 60,000 रुपये मासिक मिलते हैं.

ट्रेवल अलाउंस और चिकित्सा प्रतिपूर्ति (स्वयं और आश्रित) जितना खर्च हो उतना मिलता है. अगर घर में वह चौकीदार, माली, सफ़ाईवाला किसी को रखते हैं तो उसके लिए अधिकतम 5000 रुपये मिलते हैं (इसके लिए क्लेम करना पड़ता है.) इसे मिलाकर इन्हें कुल 4 लाख 1 हज़ार 500  रुपये मिलते हैं.

इनके वेतन का 30 फ़ीसदी कोविड-19 फंड के लिए काटा जाएगा जो होगा 25200 रुपये. यह कटने के बाद उनके खाते में हर महीने आएंगे 3 लाख 76 हज़ार 300 रुपये.

इस हिसाब से राज्य मंत्रियो के बेसिक वेतन से काटी जाने वाली 30 फ़ीसदी राशि उनके कुल वेतन का 6.69 फ़ीसदी ही बैठेगा.

center's notification on mps salary cut, उत्तराखंड में भी केंद्र के फॉ़र्मूले को ही लागू किया जाएगा. केंद्र ने सांसदों के वेतन में 30 फ़ीसदी कटौती का फैसला किया है.
उत्तराखंड में भी केंद्र के फॉ़र्मूले को ही लागू किया जाएगा. केंद्र ने सांसदों के वेतन में 30 फ़ीसदी कटौती का फैसला किया है.


कैबिनेट मंत्रियों का हिस्सा

कैबिनेट मंत्रियों का वेतन राज्यमंत्रियों से 6000 रुपये ज़्यादा यानी 90,000 रुपये होता है. बाकी सभी भत्ते समान हैं. ऊपर की गणना के हिसाब से कैबिनेट मंत्रियों को हर महीने 4 लाख 7 हज़ार 500 रुपये मिलते हैं. उनके वेतन से 30 फ़ीसदी यानी 27,000 रुपये की कटौती होगी तो यह घटाकर उन्हें हर महीने 3 लाख 80 हज़ार 500 रुपये मिलेंगे.

इस तरह कैबिनेट मंत्रियों के अपने बेसिक वेतन का तो भले ही 30 फ़ीसदी कटेगा लेकिन इनके कुल वेतन में से 7.09 फ़ीसदी का अंशदान ही कोविड-19 फंड के लिए जाएगा. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी यही वेतन और भत्ते मिलते हैं.

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देहरादून जेल के कैदी तैयार कर रहे इम्युनिटी बूस्टर, छू भी नहीं सकेगा कोरोना!

देहरादून जेल में 30 प्रजाति के औषधीय पौधे लगाए गए हैं.

सुद्धोवाला जेल प्रशासन ने जेल परिसर में कोरोना महामारी व अन्य बीमारियों से बचाव के लिए औषधीय पौधे लगाए हैं.

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कोरोनावायरस की तीसरी लहर से निपटने के लिए राज्य सरकारें अलग-अलग तैयारियां कर रही हैं. अस्पताल कोविड मामलों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं. वहीं कई लोग घरेलू इलाज पर भी जोर आजमाइश कर रहे हैं. लोग महामारी से बचाव के लिए विभिन्न तरह के नुस्खे आजमा रहे हैं और अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में लगे हुए हैं. कुछ ऐसा ही नजारा देहरादून की सुद्धोवाला जेल में देखने को मिल रहा है.

सुद्धोवाला जेल प्रशासन अपने स्टाफ और कैदियों की सुरक्षा में जुट गया है ताकि किसी भी तरह की जनहानि से बचा जा सके. प्रशासन ने पहल करते हुए जेल परिसर में औषधीय पौधे लगाए हैं. पौधे लगाने और इनके रखरखाव का जिम्मा कैदियों को ही सौंपा गया है.

जेल अधिकारी पवन कोठारी ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए, साथ ही भविष्य में स्टाफ व कैदियों की स्वास्थ्य सुरक्षा के मद्देनजर जेल प्रशासन ने परिसर में औषधीय पौधों को लगाने की पहल की है, ताकि सभी लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सके.

पवन कोठारी ने कहा, \’जेल में लगाए गए औषधीय पौधों का सेवन कैदी व स्टाफ सुबह की चाय, दोपहर व शाम के भोजन और काढ़ा के रूप में करेंगे. जेल में कुल 30 प्रजाति के औषधीय पौधे लगाए गए हैं.\’

जेल में जिन पौधों को लगाया गया है, वे हैं- शमी, अपामार्ग, कपूर, कामिनी, मुलेठी, शतावरी बेल, भृंगराज, देसी अकरकरा, सर्पगंधा, पत्थरचट्टा, पिपरमिंट, स्टीविया, जैसमिन, नीम, अजवाइन, कढ़ी पत्ता, मेंहदी, बड़ी तुलसी, हरड़, बहेड़ा, आंवला, अनार, रात की रानी, लहसुन बेल, मोगरा, हरसिंगार, पीपली, छुईमुई और पुनर्नवा.

Uttarakhand Elections 2022 में पुष्कर धामी ही होंगे BJP का सीएम चेहरा

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव बीजेपी पुष्कर धामी के नेतृत्व में ही लड़ेगी. (फाइल फोटो)

Uttarakhand News: केंद्रीय चुनाव प्रभारी दो दिन के दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे थे, इस दौरान उन्होंने मंत्रियों, कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठक की. साथ ही साफ शब्दों में कहा कि सीएम पुष्कर धामी के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा जाएगा.

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देहरादून. उत्तराखंड में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री उम्मीदवार को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति को केंद्रीय चुनाव प्रभारी प्रहलाद जोशी ने साफ कर दिया. जोशी ने उत्तराखंड से जाते-जाते साफ शब्दों में कह दिया कि राज्य के विधानसभा चुनाव पुष्कर धामी के चेहरे पर ही लड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि इस बात पर किसी को कोई शंका नहीं होनी चाहिए.
उल्लेखनीय है कि बीजेपी के केंद्रीय चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी, चुनाव सह प्रभारी सरदार आरपी सिंह और सह प्रभारी सांसद लॉकेट चटर्जी दो दिवसीय दौरे पर देहरादून थे. दो दिनों तक उन्होंने बैक टू बैक बैठकों के दौर चलाए और सरकार, संगठन व कार्यकर्ताओं की नब्ज को टटोला.

ईमानदारी से करें काम
जोशी ने स्पष्ट तौर पर कहा कि मेरा काम सिर्फ को ऑर्डिनेशन का है. सब नेताओं को एकजुट होकर पार्टी के कामों को आगे बढ़ाना है. जोशी ने पार्टी नेताओं से अपील की कि पार्टी की ओर से दिए गए कामों को पूरी ईमानदारी के साथ करें.
दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार को जोशी ने सभी 70 विधानसभा सीटों के लिए बनाए गए प्रभारियों की मीटिंग भी ली. इस दौरान 60 से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल करने के लिए टिप्स दिए गए. इस दौरान जोशी ने सभी से अपील की कि दूसरी पार्टियों से जो लोग बीजेपी में आए हैं उनको भी साथ लेकर चलें.

पुष्कर के नेतृत्व में 60 सीटों का लक्ष्य
जोशी ने कहा कि युवा सीएम पुष्कर धामी के नेतृत्व में 60 सीटों पर जीत का लख्य रखा है और इसे हर हाल में हासिल करना है. उन्होंने कहा कि इसे हासिल करना तभी संभव है जब सभी एकजुट होकर कार्य करेंगे और सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाएंगे. साथ ही लोगों को उनका लाभ भी दिलवाएंगे. उन्होंने इसके साथ ही कहा कि विकास के लिए केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार होना भी बहुत जरूरी है.

धामी ने कहा- सभी घोषणाएं होंगी पूरी
सीएम पुष्कर धामी ने इस दौरान नेताओं को आश्वास्त किया कि सरकार जो भी घोषणाएं कर रही है, वो पूरी की जाएंगी. उन्होंने कहा कि विपक्ष 24 हजार नौकरियां देने को लेकर जनता के बीच भ्रम फैला रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने स्पष्ट कहा था कि हम भर्ती प्रक्रिया शुरू कर देंगे. सीएम ने कहा कि हम करीब छह हजार नौकरियों का प्रपोजल भेज चुके हैं और अगले दो महीने में छह हजार और नौकरियों की विज्ञप्ति जारी कर दी जाएगी.

Uttarakhand: 21 सितंबर से खुलेंगे प्राइमरी स्कूल, कोविड गाइडलाइन का होगा पालन

उत्तराखंड के प्राइवेट और सरकारी प्राइमरी स्कूल 21 सितंबर से खुलेंगे. (प्रतीकात्मक फोटो)

शिक्षा मंत्री ने कहा कि 21 सितंबर से कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के स्कूल खोलने का आदेश जारी कर दिया गया है. कोविड महामारी के कारण पिछले दो साल से स्कूल बंद पड़े हैं. पिछले महीने उत्तराखंड में कक्षा 6 से लेकर कक्षा 12 तक के स्कूल खुल चुके हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 21:50 IST
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देहरादून. कोविड-19 के संक्रमण के कम होते ही व्यवसाय से लेकर शिक्षा व्यवस्था तक पटरी पर आने लगी है. अब उत्तराखंड के 1 से 5 तक के स्कूल खोलने की तैयारी की जा रही है. इस बारे में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने शिक्षा सचिव राधिका झा को निर्देश दिया है. प्राइमरी स्कूल खोले जाने का यह निर्देश सीएम पुष्कर सिंह धामी के साथ हुई मीटिंग के बाद शिक्षा मंत्री ने दिया. 21 सितंबर से कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के स्कूल खोलने का आदेश जारी कर दिया गया है. कोविड महामारी के कारण पिछले दो साल से स्कूल बंद पड़े हैं. पिछले महीने उत्तराखंड में कक्षा 6 से लेकर कक्षा 12 तक के स्कूल खुल चुके हैं.

कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय का कहना है कि कोविड-19 महामारी के कारण बच्चे पढ़ाई से वंचित हो गए थे. इसी को देखते हुए शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ विचार-विमर्श कर यह फैसला किया गया है. 21 सितंबर से कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के सरकारी और गैर सरकारी स्कूल खोले जाएंगे.

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अभिभावकों की सहमति जरूरी

इस बारे में कोविड गाइडलाइन भी जारी की जा चुकी है. शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि माता-पिता की सहमति के बाद ही बच्चा स्कूल आएगा. बच्चों को स्कूल में बुलाने को लेकर प्रबंधन किसी भी हाल में कोई दबाव नहीं बनाएगा. कोविड-19 की गाइडलाइन का पूरा पालन किया जाएगा. शिक्षा मंत्री ने बताया कि स्कूलों की ओर से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की कक्षाएं आयोजित की जाएंगी.

Chardham Yatra: कल से शुरू होगी यात्रा, लेकिन पहले करवाना होगा रजिस्ट्रेशन, जानें पूरा प्रोसेस

चारधाम यात्रा के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होगा. Image - Shutterstock.com

Uttarakhand News: चारधाम यात्रा एक बार फिर शनिवार से शुरू होने जा रही है, इसके लिए अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. सीमित संख्या में ही श्रद्धालुओं को दर्शन करने की अनुमति मिलेगी.

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देहरादून. नैनीताल हाईकोर्ट से चारधाम यात्रा को लेकर इजाजत मिलने के बाद अब सरकार ने इसको लेकर तैयारियां भी पूरी कर ली हैं. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी और पर्यटन मंत्री का दावा है कि शनिवार से यात्रा शुरू होने को लेकर तैयारियां कर ली गई हैं और कोरोना प्रोटोकॉल के तहत लोगों को दर्शन करवाए जाएंगे. लेकिन इस बार कुछ प्रतिबंध रहेंगे. कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हर दिन बद्रीनाथ में 1200, केदारनाथ में 800 और यमुनोत्री में 400 लोग ही दर्शन कर सकेंगे. इसके लिए पहले रजिस्ट्रेशन भी करवाना होगा. रजिस्ट्रेशन के लिए यात्रियों को https://badrinath-kedarnath.gov.in पर लॉगइन करना होगा. रजिस्ट्रेशन के लिए कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज के सर्टिफिकेट या फिर कोरोना टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट होना अनिवार्य होगा.

नहीं कर सकेंगे स्नान
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार कोरोना के संक्रमण को देखते हुए किसी भी कुंड में श्रद्धालुओं का स्नान करना मुश्किल होगा. जानकारी के अनुसार दर्शनों की व्यवस्‍था का पूरा काम देवस्‍थानम बोर्ड देखेगा. हालांकि इसको लेकर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं. गंगोत्री से पूर्व विधायक विजय पाल सजवान ने कहा कि बोर्ड हमेशा गाइडलाइंस में उलझा देता है, इसलिए यात्रा से संबंधित काम जिलाधिकारियों को सौंपा जाए.

उल्लेखनीय है कि लगातार 2 साल से कोरोना का सीधा असर चार धाम यात्रा पर पड़ा है और यात्रा अब ऐसे वक्त पर शुरू हो रही है जब डेढ़ महीने के आसपास का वक्त बचा है. ऐसे में जहां सरकार के सामने यात्रा को बिना परेशानी के चलाने की चुनौती है, वही यात्रा से जुड़े लोगों को इस बात की उम्मीद कि डेढ़ महीने में कुछ तो रोजी रोटी का इंतजाम होगा.

गौरतलब है कि 28 जून को हाईकोर्ट ने कोविड 19 संबंधी पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण उत्तराखंड की इस महत्वपूर्ण तीर्थ यात्रा पर रोक लगाई थी. इसे हटाने के लिए राज्य सरकार लगातार कोशिशें कर रही थी और राज्य में सियासत भी गरमा गई थी. पिछले दिनों सरकार के सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापिस लेने के बाद उत्तराखंड हाईकोर्ट में इस मामले पर सुनवाई हो सकी और बीते गुरुवार को हाईकोर्ट ने यात्रा के लिए रास्ता साफ कर दिया.

Char Dham Update: बद्रीनाथ-केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में कल से जुटेंगे श्रद्धालु, CM धामी बोले- भक्तों का स्वागत

उत्तराखंड में चार धाम यात्रा शनिवार से शुरू होगी

Char Dham Yatra Update: बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ धामों की यात्रा के लिए देवस्थानाम बोर्ड करेगा यात्रियों का रजिस्ट्रेशन. यात्रियों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा. कल ही से हेमकुंड साहिब यात्रा शुरू हो जाएगी.

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  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 16:10 IST
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देहरादून. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने चार धाम यात्रा शुरू होने को लेकर कहा कि राज्य में शनिवार 18 सितंबर से चार धाम यात्रा और हेमुकंड साहिब यात्रा शुरू हो जाएगी. उन्होंने दावा किया कि सरकार की तरफ से यात्रा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

बता दें कि हाईकोर्ट ने गुरुवार को रोक हटाते हुए इस यात्रा के लिए मंज़ूरी दी थी. इस यात्रा को जिन शर्तों के साथ मंज़ूरी दी गई है, उनके अनुसार सीमित यात्री ही जा सकेंगे. करीब दो महीने का समय इस यात्रा के लिए बचा है. श्रद्धालुओं ने सीएम धामी के प्रति आभार व्यक्त किया है और सीेएम ने भी श्रद्धालुओं का स्वागत किया.

लगातार ट्वीट करते हुए सीएम धामी ने कहा, ‘चारधाम यात्रा का उत्तराखण्ड के लिए सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व है. प्रत्येक वर्ष देश-विदेश के लाखों लोगों को इस यात्रा की प्रतीक्षा रहती है. प्रदेश सरकार #COVID19 के सभी नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित और सुगम चार धाम यात्रा हेतु प्रतिबद्ध है.’ सीएम ने अपने ट्वीट में उत्तराखण्ड में 18 सितम्बर से यात्रा की शुरुआत होने के उपलक्ष्य में ट्वीट करते हुए सभी भक्तों एवं श्रद्धालुओं का राज्य सरकार की ओर से स्वागत किया.

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सीएम पुष्कर सिंह धामी के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

जन्मदिन की बधाई ली और यात्रा के लिए दी

सीएम धामी ने अपने जन्मदिन के मौके को चार धाम यात्रा के साथ जोड़ते हुए लिखा कि ‘आज चारधाम तीर्थ पुरोहितों ने भेंट कर जन्मदिन की बधाई देते हुए चारधाम यात्रा पुनः शुरू किये जाने के सन्दर्भ में प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की. मैं अपनी ओर से चारधाम पुरोहितों एवं सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार प्रकट करता हूं.’

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सरकार ने किया अदालत के प्रति आभार व्यक्त

इससे पहले धामी ने हाई कोर्ट के फैसले पर लिखा, ‘जन भावनाओं के अनुरूप माननीय उच्च न्यायालय द्वारा चार धाम यात्रा पुनः प्रारंभ करने के निर्णय पर राज्य सरकार सहृदय आभार व्यक्त करती है. इस निर्णय से न केवल धार्मिक भावनाओं का सम्मान हुआ है बल्कि प्रदेश के लाखों लोगों की आजीविका पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.’

Uttarakhand Elections : आज BJP चुनाव प्रभारियों की अहम बैठकें, टिकट समेत इन बड़े मुद्दों पर होगा मंथन

प्रहलाद जोशी का स्वागत करते सीएम धामी. (File Photo)

Assembly Election 2022 : उत्तराखंड सरकार कैसे काम कर रही है, भाजपा संगठन की क्या तैयारी है... जैसे बिंदुओं पर जानकारी जुटाने के बाद आज की बैठकों में प्रहलाद जोशी की टीम बड़े मुद्दों पर राज्य के वरिष्ठ नेताओं के साथ चिंतन करेगी.

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  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 13:54 IST
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देहरादून. उत्तराखंड बीजेपी की कोर ग्रुप की मीटिंग शुक्रवार को होने जा रही है, जो कई मायनों में अहम साबित हो सकती है. करीब पांच महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र राज्य के लिए चुनाव प्रभारी बनाए गए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी समेत सह प्रभारी लॉकेट चटर्जी और आरपी सिंह उत्तराखंड के दौरे पर हैं. दौरे के दूसरे दिन ये सभी प्रभारी उत्तराखंड भाजपा के कोर ग्रुप के साथ अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत उत्तराखंड से भाजपा के सभी सांसद और वरिष्ठ नेता शामिल रहेंगे. यह बैठक किन मुद्दों पर फोकस करेगी और इसका अंजाम क्या निकलेगा?

मुद्दा 1 : किसे मिलेगा टिकट?
चुनाव प्रभारी कोर ग्रुप के साथ ही विधानसभा प्रभारियों के साथ भी बैठक शुक्रवार को करेंगे और इस बैठक को लेर सबसे महत्वपूर्ण बात यही कही जा रही है कि यहां से इस पर राय बनने की संभावना है कि किस सीट से किसे टिकट मिलेगा. एक तरह से पार्टी इस बात का अंदाज़ा लगाने की प्रक्रिया आज की बैठक से शुरू करेगी कि कहां किस उम्मीदवार का पलड़ा भारी है.

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मुद्दा 2 : बूथ मैनैजमेंट कैसे हो?
जोशी समेत तीनों चुनाव प्रभारियों का प्रमुख एजेंडा बूथ मैनैजमेंट की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. आज की बैठक में इस बारे में रणनीति बनाने को लेकर गहन विचार हो सकता है. गुरुवार को भी जोशी ने अपने छोटे वक्तव्य में इस बात को साफ तौर पर उभारा था कि बूथ तक कार्यकर्ता को जी जान से जुट जाना है और लोगों तक केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियों को लेकर जाना है.

मुद्दा 3 : नेताओं को और कैसे जोड़ें?
चुनाव प्रभारियों के दौरे से ऐन पहले कांग्रेस के एक विधायक को उत्तराखंड बीजेपी ने अपने पाले में लेकर एक बड़ा संकेत दिया है. कहा जा रहा है कि आज की बैठक में इस सिलसिले को अगले कुछ महीनों के लिए एक रणनीति के तौर पर जारी रखने को लेकर भी मंथन हो सकता है. कांग्रेस के अलावा कुछ अन्य नेताओं के भी बीजेपी से जुड़ने की खबरों के मद्देनज़र कोर ग्रुप की मीटिंग के बाद उत्तराखंड भाजपा नेताओं के सदस्यता अभियान को बढ़ाने की तरफ रुख कर सकती है.

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गुरुवार को जोशी और अन्य प्रभारियों ने एक तरह से राज्य और पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात करते हुए परिचयात्मक बातचीत की और राज्य में पार्टी व सरकार के कामकाज के बारे में जानकारियां जुटाईं. आज रणनीति को लेकर खास तौर पर बैठक होने जा रही है और इन दो दिनों की बैठकों का पूरा ब्योरा दिल्ली में हाईकमान तक पहुंचेगा इसलिए ये काफी अहम मानी जा रही हैं.

Char Dham Yatra 2021 : CM धामी ने कहा, तैयारी पूरी; सतपाल महाराज बोले, रजिस्ट्रेशन शुरू, SOP जल्द

चार धाम यात्रा शुरू होने से श्रद्धालुओं में उत्साह है. (File Photo)

Char Dham Yatra Registration : उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि तीर्थ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. राज्य सरकार ने कोविड प्रोटोकॉल्स का पालन करने की हिदायत भी दी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 12:46 IST
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देहरादून. चार धाम यात्रा को हाई कोर्ट से गुरुवार को मंज़ूरी मिलने के बाद उत्तराखंड सरकार 18 सितंबर से इस यात्रा को शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है. कोविड 19 संक्रमण इस यात्राा के ज़रिये न फैले, इसके लिए तमाम तैयारियां पूरी करने के संबंध में दावा करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि तीर्थ यात्रा के लिए राज्य ने पर्याप्त इंतज़ाम कर लिये हैं. वहीं, राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने चार धाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन संबंधी डिटेल्स देते हुए कहा कि इस संबंध में एसओपी जल्द जारी की जाएगी.

सीएम धामी ने दावा किया कि यात्रा के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करवाया जाएगा. वहीं, न्यूज़18 से बातचीत करते हुए सतपाल महाराज ने बताया कि श्रद्धालु किस तरह यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. महाराज के मुताबिक चार धाम यात्री रजिस्ट्रेशन के लिए देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट www.badrinathkedarnath.gov.in पर प्रक्रिया पूरी करें. इस बारे में न्यूज़18 ने आपको विस्तार से बताया है कि आप कैसे रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं.

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इसके अलावा, अपने ट्विटर हैंडल से जारी किए एक वीडियो में सतपाल महाराज ने कहा कि कोविड संबंधी तमाम गाइडलाइनों का पालन सुनिश्चित करवाया जाएगा. हाई कोर्ट के आदेश का स्वागत करते हुए वीडियो में उन्होंने यह भी कहा कि टेस्ट करवाने और अन्य कोविड हिदायतों के संबंध में राज्य सरकार ने तैयारी पहले ही कर ली थी.

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केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री के लिए आने वाले तीर्थयात्रियों को या तो आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट साथ में रखनी होगी या फिर कंपलीट वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट. सतपाल महाराज ने कहा कि ये दस्तावेज़ रजिस्ट्रेशन करवाने वाले श्रद्धालुओं को जमा करने होंगे. पर्यटन मंत्री का कहना है कि देवस्थानम बोर्ड जल्द एसओपी जारी करेगा, लेकिन श्रद्धालु अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. उन्होंने बद्रीनाथ में 1200, केदारनाथ में 800, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400 श्रद्धालुओं के दर्शन करने की व्यवस्था की भी पुष्टि की.

Char Dham Yatra 2021 : श्रद्धालुओं को किस वेबसाइट पर कैसे करवाना होगा रजिस्ट्रेशन? जानें पूरे डिटेल्स

उत्तराखंड में तीर्थ यात्रा 18 सितंबर से शुरू होगी.

Char Dham Yatra Registration : उत्तराखंड में तीर्थ यात्रा 18 सितंबर से शुरू होने जा रही है. इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया देवस्थानम बोर्ड के सुपुर्द की गई है, जिसकी वेबसाइट के माध्यम से तीर्थ यात्रियों को पूर्व रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा. जानिए सभी ज़रूरी डिटेल्स.

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  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 10:50 IST
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देहरादून. उत्तराखंड में लंबे समय से प्रतीक्षित चार धाम यात्रा को हाई कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री धामों में श्रद्धालुओं के स्वागत का ऐलान करते हुए कहा कि 18 सितंबर से यात्रा शुरू हो जाएगी. चार धाम के साथ ही हेमकुंड साहिब यात्रा भी शनिवार से ही शुरू होगी. लेकिन अब सवाल यह है कि अगर आपको चार धाम यात्रा पर जाना है, तो आपके लिए क्या ज़रूरी या अनिवार्य नियम, कायदे और तरीके हैं? तीर्थ यात्रा के लिए सबसे पहले आपको पूर्व रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. आपको बताते हैं कि यह पूरी प्रक्रिया क्या है.

श्रद्धालु इस वेबसाइट पर करवाएं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
अगर आप उत्तराखंड में तीर्थ यात्रा के लिए जा रहे हैं तो पहले ही देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करवाना आपके लिए अनिवार्य होगा. बोर्ड को रजिस्ट्रेशन की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है और इस रजिस्ट्रेशन के बगैर यात्रियों को धाम में अनुमति नहीं मिलेगी. रजिस्ट्रेशन करवाने की पूरी प्रक्रिया इस तरह है :

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1. सबसे पहले आप Badrinath-kedarnath.gov.in वेबसाइट पर लॉगिन करें.
2. लॉगिन करने के लिए आपको अपना वैध मोबाइल नंबर वेबसाइट पर दर्ज करना होगा.
3. इसके बाद आप एक पासवर्ड जनरेट कर सकेंगे और एक कैप्चा टाइप करने के बाद लॉगिन हो जाएंगे.
4. लॉगिन के बाद आपके दिए गए मोबाइल नंबर के ज़रिए वेरिफिकेशन होगा इसलिए अपना मोबाइल चालू रखें.
5. एक ओटीपी के साथ मोबाइल या फिर दिए गए ईमेल के माध्यम से वेरिफिकेशन प्रक्रिया होगी.

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देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट के इस पेज पर आप लॉगिन कर सकते हैं.

इस बात का खास खयाल रखें कि मोबाइल नंबर वैध भारतीय नंबर ही हो. दूसरी ज़रूरी बात है कि आपको पूजा, पाठ, आरती, भोग या रुकने ठहरने संबंधी बुकिंग आदि के लिए इसी तरह रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा. इस रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में कोई समस्या आती है तो उसके लिए बोर्ड की वेबसाइट पर एक संपर्क ईमेल भी दिया गया है.

कौन से यात्री कर सकते हैं तीर्थ यात्रा?
चार धाम यात्रा के लिए हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक आने वाले श्रद्धालुओं के संबंध में कुछ निर्देश स्पष्ट कर दिए गए हैं. शनिवार से शुरू हो रही यात्रा के तहत हर एक दिन केदारनाथ में 800, बद्रीनाथ में 1200, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400 से ज़्यादा तीर्थ यात्रियों को अनुमति नहीं दी जा सकेगी. इसके अलावा कुछ और भी बातें ध्यान में ज़रूर रखें.

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1. आप तभी यात्रा कर पाएंगे जब आपने वैक्सीन के दोनों डोज़ लगवा लिये हों, उनका सर्टिफिकेट आपके पास हो.
2. तीर्थ यात्री किसी भी कुंड में स्नान नहीं कर सकेंगे.
3. तीर्थ यात्रियों को कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट भी अपने साथ कैरी करनी होगी.
4. फेस मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य कोरोना नियमों का पालन न करने वाले तीर्थ यात्रियों पर जुर्माने और सज़ा तक के प्रावधान लागू हैं.

इन तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए आप रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन के बाद आपको एक ई-पास की तरह का दस्तावेज़ मिल जाएगा, जिसे तीर्थ यात्रा की पूरी अवधि के दौरान आपको साथ रखना होगा. ये तमाम प्रक्रियाएं और शर्तें अगले आदेश तक के लिए लागू हैं.

यूपी और उत्तराखंड में भारी बारिश के आसार, पूर्वी UP के लिए अलर्ट, कल से ढीले पड़ेंगे तेवर

यूपी उत्तराखंड में मौसम का हाल जानिए.

UP-Uttarakhand Weather : 1 जून से 15 सितंबर के बीच के आंकड़ों की मानें तो उत्तराखंड में 1072.8 मिमी और उत्तर प्रदेश में 632.5 मि​मी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो 'पर्याप्त' है. इस मानसून सीज़न के खत्म होते तक दोनों राज्य सामान्य से ज़्यादा तरबतर हो जाएंगे.

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  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 08:50 IST
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लखनऊ/देहरादून. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों ही राज्योंं में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश से उथल पुथल मची हुई है. उप्र में बारिश के चलते दीवार गिरने के हादसे में कम से कम चार लोगों की मौत हो जाने के साथ ही, दोनों ही राज्यों के कई ज़िलों में सड़कों, पु​लों व अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चरों को नुकसान पहुंचने की खबरें आ चुकी हैं. भारतीय मौसम विभाग ने गुरुवार और शुक्रवार के लिए खास तौर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में बेहद भारी बारिश की चेतावनी देते हुए रेड अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा, उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी शुक्रवार को भारी बारिश के आसार बताए गए हैं.

उत्तर प्रदेश में मौसम का हाल
बुधवार से गुरुवार के बीच रायबरेली, लांभुआ, प्रतापगढ़, प्रयागराज, अमेठी, रानीगंज, गाज़ीपुर और कानपुर समेत कुछ अन्य जगहों पर भारी बारिश की रिपोर्ट वेदर चैनल ने दी है. इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पूर्वी यूपी समेत पश्चिमी हिस्से में उत्तराखंड से सटे इलाकों में भी बारिश के आसार बने हुए हैं. गुरुवार के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए मौसम विभाग ने कहा कि शुक्रवार को पूर्वी हिस्सों को छोड़ अधिकांश यूपी के लिए यलो अलर्ट रहेगा. वहीं, 17 सितंबर के बाद से यूपी समेत उत्तराखंड में भी बारिश की तेवरों में कुछ कमी देखी जाएगी.

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शुक्रवार को बारिश के बाद शनिवार से दोनों राज्यों में मानसून ढीला पड़ सकता है.

उत्तराखंड में कैसा है मौसम?
पहाड़ी इलाकों यानी खास तौर से कुमाऊं अंचल में भारी बारिश के आसार शुक्रवार को भी बने हुए हैं. गुरुवार के लिए आरेंज अलर्ट जारी करते हुए मौसम विभाग ने कहा था कि शुक्रवार को उत्तराखंड के कुछ इलाके यलो अलर्ट पर व अन्य अलर्ट मुक्त होंगे. न्यूज़18 ने आपको ज़िलेवार यह भी खबर दी थी कि किस तरह उत्तराखंड में सितंबर के पहले 14 दिनों में करीब 13 फीसदी ज़्यादा बारिश हो चुकी थी. हालांकि इस पूरे महीने में बारिश का दौर बना रहेगा, ऐसी भविष्यवाणी मौसम विभाग कर चुका है.

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क्या है ऐसे मौसम का कारण?
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों तरफ से कम दबाव का सिस्टम बनने से चल रही नम हवाओं के चलते ऐसा मौसम बना हुआ है. वेदर चैनल के मुताबिक यह सिस्टम अगले कुछ दिनों तक मध्य प्रदेश के पूर्वी व मध्य भारत के कुछ हिस्सों तक बना रहेगा, जिससे भारी और मद्धम दर्जे की बारिश होती रहेगी. शुक्रवार के बाद यह सिस्टम उत्तर पश्चिम की तरफ रुख करेगा, जिससे उत्तराखंड और यूपी में बारिश के तेवर ढीले पड़ने की उम्मीद है.

उत्तराखंड का मौसमः सितंबर में हो चुकी 13% ज्यादा बारिश, और बरसेंगे बदरा, येलो अलर्ट जारी

उत्तराखंड में बारिश के तेवर बरकरार हैं. (File Photo)

Yellow Alert in Uttarakhand : मौसम विभाग की चेतावनी है कि कम से कम आज और भारी बारिश हो सकती है. यलो अलर्ट जारी किया गया है. राज्य में भारी बारिश को लेकर खासकर यात्रियों के लिए हिदायतें जारी की गई हैं. आंकड़ों से जानिए बारिश का पूरा मिज़ाज.

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  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 17:20 IST
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देहरादून. पिछले महीने भारी और लगातार बारिश से तबाही की तस्वीरें सामने आने के बाद लग रहा था कि सितंबर में मानसून की रफ्तार उत्तराखंड में कुछ थमेगी, लेकिन ताज़ा स्थिति यह है कि सितंबर के महीने में राज्य में 13 फीसदी तक ज़्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है और मौसम विभाग की चेतावनी यह भी है कि बाकी बचे महीने में अभी और बारिश होगी. इस महीने में बागेश्वर ज़िले में सामान्य से 200 फीसदी तक ज़्यादा बारिश दर्ज की गई है, जबकि राजधानी देहरादून समेत कुछ ज़िलों में इस महीने में औसत से कम पानी बरसा है. कुल मिलाकर उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मानसून अभी और सुर्खियां रचने के मूड में है.

1 से 14 सितंबर तक के आंकड़े जारी करते हुए मौसम विभाग ने सरप्लस वर्षा हो जाने की बात इस तरह कही कि इस अवधि में 115.9 मिमी बारिश की अपेक्षा रहती है, लेकिन 131 मिमी हो चुकी है. ये अनुमान भी ज़ाहिर किया कि आने वाले दिनों में खास तौर पर कुमाऊं अंचल में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. यहां मंगलवार से यलो अलर्ट जारी किया गया है, जो आज गुरुवार के लिए भी लागू है.

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कहां-कैसे रहे बारिश के आंकड़े?
बागेश्वर में 202 फीसदी ज़्यादा तक बारिश हो गई क्योंकि 77.4 मिमी औसत रहता है लेकिन 14 दिनों में आंकड़ा 234 मिमी का रहा. चमोली में 144 फीसदी और चंपावत में भी 58 फीसदी ज़्यादा बारिश हुई. पहाड़ी ज़िलों के उलट मैदानी इलाकों में इस दौरान कम बारिश दर्ज की गई. नैनीताल में 41%, यूएस नगर में 39%, हरिद्वार में 30% और देहरादून में औसत से 25% कम बारिश दर्ज की गई.

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क्या है और बारिश का अनुमान?
आंचलिक मौसम केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के हवाले से खबरों में कहा गया कि कम से कम 16 सितंबर तक तो राज्य में बारिश के आसार बने हुए ही हैं. ‘कुमाऊं अंचल के ज़िलों में गढ़वाल अंचल के ज़िलों से ज़्यादा बारिश होगी.’ गौरतलब है कि भारी बारिश के चलते लगातार खबरें बनी हुई हैं कि आम रास्ते और हाईवे ठप हो रहे हैं. सड़कों, पुलों के टूटने और भूस्खलन होने की सुर्खियां भी बनी हुई हैं. सिर्फ पौड़ी गढ़वाल ज़िले में ही 36 सड़कें ठप होने की खबर आ चुकी है, जिसमें पीएम ग्रामीण सड़क योजना की करीब दो दर्जन सड़कें चौपट हो चुकी हैं. यानी भारी बारिश का कहर सबसे ज़्यादा गांवों और ग्रामीणों पर टूट रहा है.

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