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COVID-19: विधायकों के वेतन से होगी 30% कटौती, भत्तों से नहीं; 3 लाख में से सिर्फ 9 हजार का अंशदान

उत्तराखंड कैबिनेट ने विधायकों और मंत्रियों के वेतन का 30 फ़ीसदी कोविड-19 फंड में जमा करने का फ़ैसला किया है.

उत्तराखंड कैबिनेट ने विधायकों और मंत्रियों के वेतन का 30 फ़ीसदी कोविड-19 फंड में जमा करने का फ़ैसला किया है.

उत्तराखंड के विधायक और मंत्री अपने कुल वेतन-भत्तों में से करीब तीन से सात फ़ीसदी ही अंशदान देंगे. राज्य मंत्री कुल वेतन से 6.69 फ़ीसदी और कैबिनेट मंत्रियों के कुल वेतन से 7.09 फ़ीसदी योगदान देंगे

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देहरादून. उत्तराखंड सरकार ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए केंद्र सरकार के नक्शे-कदम पर चलते हुए विधायकों और मंत्रियों के वेतन का 30 फीसदी कोविड-19 फंड में जमा करने का फैसला किया है. बुधवार को कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया. कहा गया कि इस मामले में केंद्र सरकार की गाइडलाइन को फॉलो किया जाएगा. हालांकि इस बारे में पूछे जाने पर भी राज्य सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक ने कुछ स्पष्ट नहीं किया, लेकिन केंद्र सरकार के प्रवक्ता ने पहली ही स्पष्ट कर दिया है कि यह कटौती सिर्फ़ वेतन से होनी है, भत्तों में से नहीं (देखें ट्वीट). अगले दिन केंद्र से इसका नोटिफ़िकेशन भी जारी हो गया. गौर करने वाली बात यह है कि उत्तराखंड के विधायकों को वेतन और भत्ते के रूप में हर महीने लगभग 3 लाख रुपये मिलता है. कोरोना मद में सिर्फ वेतन कटौती होनी है. यानी इस फॉर्मूले के तहत उत्तराखंड के विधायक और मंत्री अपने कुल वेतन-भत्तों में से करीब तीन से सात फ़ीसदी ही अंशदान देंगे.

विधायकों के वेतन और भत्ते

बता दें कि उत्तराखंड के विधायकों को 30,000 रुपये वेतन मिलता है. इसके अलावा निर्वाचन क्षेत्र भत्ता एक लाख 50 हज़ार रुपये, चालक भत्ता 12 हज़ार रुपये, सचिवीय भत्ता 12 हज़ार रुपये, मकान किराया प्रतिकर (सुसज्जित आवास के स्थान पर) 300 रुपये, जनसेवा भत्ता 60 हज़ार रुपये (2000 रोज़) मिलता है. वेतन और भत्ते मिलाकर हर महीने विधायकों को 2,64,000 रुपये मिलते हैं.

इसके अलावा 3,55,000 रुपये के सालाना रेलवे कूपन मिलते हैं जो प्रतिमाह के हिसाब से 29,583.33 रुपये बनते हैं. विधायक अगर चाहें तो इनकी जगह प्रतिमाह डीज़ल-पेट्रोल के रूप में नकद क्लेम कर सकते हैं, जिसके एवज में उन्हें 27,083 रुपये मिलेंगे. इसे भी विधायकों को मिलने वाले वेतन-भत्तों में जोड़ने पर बनते हैं 2 लाख 91 हज़ार 083 रुपये हर महीने.

अब इसमें से 9000 रुपये प्रतिमाह कम कर दें तो हर विधायक को 2 लाख 82 हज़ार 083 रुपये अब भी मिलेंगे. दरअसल यह 9000 रुपये विधायकों को हर महीने मिलने वाले कुल वेतन का करीब 3.09 प्रतिशत ही है.

केंद्र सरकार के प्रवक्ता ने 6 तारीख को ही स्पष्ट कर दिया था कि सांसदों के सिर्फ़ वेतन से कटौती होगी, भत्तों से नहीं.

mp's salary only to be cut, not allownces, केंद्र सरकार के प्रवक्ता ने 6 तारीख को ही स्पष्ट कर दिया था कि सांसदों के सिर्फ़ वेतन से कटौती होगी, भत्तों से नहीं.

राज्य मंत्रियों का अंशदान  

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के अलावा उत्तराखंड में 7 कैबिनेट मंत्री और 2 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार हैं.) सभी विधायकों की तरह इनके भी वेतन में से 30 फ़ीसदी की कटौती की जाएगी. अब एक नज़र कैबिनेट और राज्य मंत्रियों के वेतन और भत्तों पर.

उत्तराखंड में राज्य मंत्रियों का वेतन 84000 रुपये है. इसके अलावा उन्हें निर्वाचन भत्ते के रूप में डेढ़ लाख रुपये, अखबार के लिए 500 रुपये, सचिवालय भत्ते के रूप में 12000 रुपये, दैनिक भत्ते के रूप में 3000 रुपये (प्रतिदिन) और पॉकेट मनी के लिए 60,000 रुपये मासिक मिलते हैं.

ट्रेवल अलाउंस और चिकित्सा प्रतिपूर्ति (स्वयं और आश्रित) जितना खर्च हो उतना मिलता है. अगर घर में वह चौकीदार, माली, सफ़ाईवाला किसी को रखते हैं तो उसके लिए अधिकतम 5000 रुपये मिलते हैं (इसके लिए क्लेम करना पड़ता है.) इसे मिलाकर इन्हें कुल 4 लाख 1 हज़ार 500  रुपये मिलते हैं.

इनके वेतन का 30 फ़ीसदी कोविड-19 फंड के लिए काटा जाएगा जो होगा 25200 रुपये. यह कटने के बाद उनके खाते में हर महीने आएंगे 3 लाख 76 हज़ार 300 रुपये.

इस हिसाब से राज्य मंत्रियो के बेसिक वेतन से काटी जाने वाली 30 फ़ीसदी राशि उनके कुल वेतन का 6.69 फ़ीसदी ही बैठेगा.

center's notification on mps salary cut, उत्तराखंड में भी केंद्र के फॉ़र्मूले को ही लागू किया जाएगा. केंद्र ने सांसदों के वेतन में 30 फ़ीसदी कटौती का फैसला किया है.
उत्तराखंड में भी केंद्र के फॉ़र्मूले को ही लागू किया जाएगा. केंद्र ने सांसदों के वेतन में 30 फ़ीसदी कटौती का फैसला किया है.


कैबिनेट मंत्रियों का हिस्सा

कैबिनेट मंत्रियों का वेतन राज्यमंत्रियों से 6000 रुपये ज़्यादा यानी 90,000 रुपये होता है. बाकी सभी भत्ते समान हैं. ऊपर की गणना के हिसाब से कैबिनेट मंत्रियों को हर महीने 4 लाख 7 हज़ार 500 रुपये मिलते हैं. उनके वेतन से 30 फ़ीसदी यानी 27,000 रुपये की कटौती होगी तो यह घटाकर उन्हें हर महीने 3 लाख 80 हज़ार 500 रुपये मिलेंगे.

इस तरह कैबिनेट मंत्रियों के अपने बेसिक वेतन का तो भले ही 30 फ़ीसदी कटेगा लेकिन इनके कुल वेतन में से 7.09 फ़ीसदी का अंशदान ही कोविड-19 फंड के लिए जाएगा. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी यही वेतन और भत्ते मिलते हैं.

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