आज से उत्तराखंड बोर्ड के 10वीं और 12वीं की बाकी बचे पेपर, एग्जाम देने से पहले पढ़ लें नियम
Dehradun News in Hindi

आज से उत्तराखंड बोर्ड के 10वीं और 12वीं की बाकी बचे पेपर, एग्जाम देने से पहले पढ़ लें नियम
कोरोना वायरस के चलते लागू लॉकडाउन में उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा पूरी नहीं करवाई जा सकी थी (फाइल फोटो)

शिक्षा विभाग (Education Department) ने दसवीं (10th Board Exam) और बारहवीं की एग्जाम एक ही दिन दो शिफ्ट में करवाने का फैसला लिया है. जिसमें पहले दिन दसवीं का उर्दू का पेपर और और इंटरमीडिएट (Intermediate) के 12वीं का जीव विज्ञान का एग्जाम होना है, परीक्षा में एक लाख 30 हजार से ज्यादा छात्र शामिल होंगे

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 22, 2020, 12:42 AM IST
  • Share this:
देहरादून. कोरोना वायरस (COVID-19) के चलते लागू लॉकडाउन (Lockdown) से उत्तराखंड में 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं (12th Exam) अधूरी रह गई थीं. लेकिन अब सोमवार 22 जून से बाकी के पेपर करवाये जाएंगे. बाकी के एग्जाम 22 से 25 जून तक चलेंगे. शिक्षा विभाग (Education Department) ने दसवीं (10th Board Exam) और बारहवीं की एग्जाम एक ही दिन दो शिफ्ट में करवाने का फैसला लिया है. जिसमें पहले दिन दसवीं का उर्दू का पेपर और और इंटरमीडिएट (Intermediate) के 12वीं का जीव विज्ञान का एग्जाम होना है, परीक्षा में एक लाख 30 हजार से ज्यादा छात्र शामिल होंगे. विभाग का पूरा जोर कोरोना से बचाव रखते हुए साफ-सुथरे तरीके से परीक्षा को संपन्न करवाना है.

इन चारों दिन सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक 10वीं के और दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक 12वीं के एग्जाम होंगे. इसके लिए 10वीं के परीक्षार्थियों को सुबह आठ बजे सेंटर पर पहुंचना होगा. जबकि दोपहर दो बजे से होने वाले पेपर के लिए छात्रों को पौने दो बजे एग्जाम हॉल में बिठाया जाएगा.

उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं पर सभी की नजर है क्योंकि कोरोना काल में बोर्ड सोशल डिस्‍टेंसिंग के साथ एग्जाम करवाएगा. बता दें कि इससे पहले डेटशीट को बदल दिया गया था. पहले 20 से 23 जून के बीच 10वी और 12वीं के पेपर करवाये जाने थे. जो अब सोमवार से शुरू होकर 25 तारीख के दरम्यान होंगे. कोरोना वायरस के बढ़ते केस को देखते हुए सरकार ने देहरादून में शनिवार और रविवार को बंदी का ऐलान किया है. इस दौरान पूरे देहरादून शहर को सैनिटाइज किया जा रहा है. इसी को देखते हुए उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा परिषद ने यह फैसला लिया था.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज