इस फ़्लाई ओवर पर 800 मीटर में खाने पड़ते हैं 170 बार हिचकोले

मूलतः इसे फोर लेन के लिए डिज़ायन किया गया था लेकिन 2016 में जब बनकर तैयार हुआ तो टू लेन ही निकला.

Sunil Navprabhat | News18 Uttarakhand
Updated: April 27, 2019, 11:40 AM IST
इस फ़्लाई ओवर पर 800 मीटर में खाने पड़ते हैं 170 बार हिचकोले
हालत यह हो गई है कि लोग इन ब्रेकर से बचने के लिए अब फ़्लाई ओवर पर जाने से ही तौबा कर रहे हैं.
Sunil Navprabhat
Sunil Navprabhat | News18 Uttarakhand
Updated: April 27, 2019, 11:40 AM IST
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के बल्लीवाला में बना फ़्लाई ओवर ख़राब प्रयोगों की प्रयोगशाला बन गया है. इस फ़्लाई ओवर के डिज़ाइन में तो गड़बड़ी है ही, 13 लोगों की मौत की वजह से इसे खूनी फ़्लाई ओवर भी कहा जाता है. अब अपनी ग़लतियों को ढकने के लिए पीडब्ल्यूडी ने एक और प्रयोग किया है जिससे इस फ़्लाई ओवर से गुज़रना यात्रियों के लिए और मुसीबत हो गया है. 800 मीटर के इस फ़्लाई ओवर को पार करने के लिए 170 बार झटके खाने पड़ेंगे.

VIDEO : 13 मौतों के बाद जागे सीएम, बल्लीवाला फ्लाईओवर में तत्काल सुधार के दिए निर्देश

एनएच 72 पर वाडिया इंस्टीट्यूट से चंद कदमों की दूरी पर 26 करोड़ रुपये की लागत से 2016 में बल्लीवाला फ़्लाई ओवर बनाया गया था. करीब आठ सौ मीटर लंबे इस टू लेने फ़्लाई ओवर की एक लेन पर 17 जगहों पर रंबल स्ट्रिप ब्रेकर बनाए गए हैं. दोनों लेन पर कुल 34 जगहों पर रंबल स्ट्रिप ब्रेकर हैं जिसमें एक रंबल स्ट्रिप में दस पट्टियां हैं. इसका मतलब यह है कि अगर आपको फ़्लाई ओवर क्रॉस करना है तो आपको 170 बार झटके खाने होंगे.

VIDEO: सावधान !!! आगे देहरादून का खूनी फ्लाइओवर है..

दुर्घटना रोकने के लिए इंजीनियरों के दिमाग की इस उपज ने आम आदमी की नाक में दम कर दिया है. हालत यह हो गई है कि लोग इन ब्रेकर से बचने के लिए अब फ़्लाई ओवर पर जाने से ही तौबा कर रहे हैं.

 

एनएच 72 पर बना यह हाईवे शुरू से ही नाकाम होने वाले प्रयोगों का गिनी पिग बना रहा. मूलतः इसे फोर लेन के लिए डिज़ायन किया गया था लेकिन 2016 में जब बनकर तैयार हुआ तो टू लेन ही निकला. 2017-18 में इसे फिर फ़ोन लेन बनाने की कवायद शुरू हुई लेकिन 113 करोड़ रुपये की लागत आने से शासन ने हाथ खड़े कर दिए.
Loading...

बल्लीवाला फ्लाईओवर पर एक और मौत, एक की हालत नाजुक

डिज़ाइनिंग की ग़बड़ी की वजह से यह फ़्लाई ओवर शुरू होते ही मनहूसियत का शिकार हो गया. 2016 में यातायात चालू होते ही फ़्लाई ओवर में दुर्घटनाओं का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ कि अब तक 13 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. अब इसे खूनी फ़्लाई ओवर कहा जाता है. दुर्घटनाओं से बचने के लिए अब तक इस फ़्लाई ओवर पर कई प्रयोग हो चुके हैं लेकिन दुर्घटनाएं थमी नहीं.

मोहकमपुर फ़्लाइओवर जनता को समर्पित... CM ने किया रिबन काटकर उद्घाटन

इसलिए अब यहां एक और प्रयोग रंबल स्ट्रिप ब्रेकर के रूप में किया गया जो फिर उलटा पड़ गया है. लोगों के भारी विरोध के बाद अब रंबल स्ट्रिप ब्रेकर की कुछ पट्टियां हटाई जा रही हैं. इसके अलावा सीएम के निर्देश पर अब एक बार फिर इसका फ़ोर लेन बनाने के प्रस्ताव पर विचार हो रहा है.

PHOTOS: तड़पाए-तरसाए रे और जाम लगवाए रे... हाय,  देहरादून की सर्दी

VIDEO: सड़क धंसने से झील में समाई माल रोड, यातायात ठप

Facebook पर उत्‍तराखंड के अपडेट पाने के लिए कृपया हमारा पेज Uttarakhand लाइक करें.

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स
First published: April 27, 2019, 11:30 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...