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    देहरादून के 43 प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ शिकायत दर्ज, फीस के नाम पर दबाव बनाने का आरोप

    प्राइवेट स्कूलों पर आरोप है कि वो ऑनलाइन क्लासेज के नाम पर फीस के लिए पैरेंट्स पर दबाव बना रहे थे (प्रतीकात्मक तस्वीर)
    प्राइवेट स्कूलों पर आरोप है कि वो ऑनलाइन क्लासेज के नाम पर फीस के लिए पैरेंट्स पर दबाव बना रहे थे (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    देहरादून के 43 स्कूल कोरोना वायरस (Corona Virus) के समय फीस वृद्धि से लेकर फीस न भर पाने वाले पैरेंट्स की शिकायत करने शिक्षा विभाग पहुंच गए. इस लिस्ट में छोटे स्कूल ही नहीं बल्कि बड़े स्कूलों के भी नाम शामिल रहे जो अपने नाम और पढ़ाई की वजह से विदेशों में भी जाने जाते हैं

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 6, 2020, 6:11 PM IST
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    देहरादून. कोविड 19 (COVID 19) के समय प्राइवेट स्कूलों ने ऑनलाइन क्लासेज (Online Classes) के नाम पर फीस (School Fee) के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाया इस तरह की शिकायतें आपने खूब सुनीं होंगी. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि अकेले उत्तराखंड की राजधानी देहरादून (Dehradun) में 40 से ज्यादा प्राइवेट स्कूल ऐसे रहे जो अलग-अलग मामलों में शिक्षा विभाग से लेकर बाल आयोग के निशाने पर हैं.

    देहरादून के 43 स्कूल कोरोना वायरस के समय फीस वृद्धि से लेकर फीस न भर पाने वाले पैरेंट्स की शिकायत करने शिक्षा विभाग पहुंच गए. इस लिस्ट में छोटे स्कूल ही नहीं बल्कि बड़े स्कूलों के भी नाम शामिल रहे जो अपने नाम और पढ़ाई की वजह से विदेशों में भी जाने जाते हैं.

    कौन से वो स्कूल हैं जिन पर कार्रवाई चल रही है 



    - समर वैली के खिलाफ पांच शिकायतें दर्ज हुईं जिसमें फीस न दे पाने पर छात्र का नाम काटने तक की शिकायत रही.
    - ब्राइटलैंड स्कूल के खिलाफ भी एक शिकायत दर्ज की गई
    - वेल्हम बॉयज को लेकर बोर्डिंग फीस बढ़ाने की पैरेंट्स ने शिक्षा विभाग में शिकायत की
    - गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, बिंदाल ब्रांच भी फीस के लिए परेशान करने को लेकर जांच के घेरे में है
    - दिल्ली पब्लिक स्कूल देहरादून, स्कॉलर्स होम समेत कुछ 43 स्कूल ऐसे है जिनकी जांच मुख्य शिक्षा अधिकारी स्तर से हो रही है

    इस पर राज्य की मुख्य शिक्षा अधिकारी आशा रानी कहती है कि मामले में दोनों ही पक्ष देखने को मिले, कुछ में स्कूल की गलती थी तो कुछ मैं अभिभावकों की भी गलती रही है.

    शिक्षा विभाग कोरोना काल में आई शिकायतों में 10 से ज्यादा मामले का निपटारा कर चुका है. मगर अभी भी लिस्ट लंबी है जिसकी वजह से पैरेंट्स परेशान हो रहे हैं.
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