महाराष्ट्र के गवर्नर और पूर्व CM कोश्यारी को हाईकोर्ट से अवमानना का नोटिस, 4 हफ्ते में देना है जवाब

भगत सिंह कोश्‍यारी को हाईकोर्ट की अवमानना के नोटिस का जवाब चार हफ्ते के अंदर देना है (फाइल फोटो)
भगत सिंह कोश्‍यारी को हाईकोर्ट की अवमानना के नोटिस का जवाब चार हफ्ते के अंदर देना है (फाइल फोटो)

उत्तराखंड हाईकोर्ट (Uttarakhand High Court) की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari) को सरकारी आवास और अन्य सुविधाओं के आवंटन के मामले में पिछले वर्ष तीन मई को मार्केट रेट से बकाया जमा करने के निर्देश दिए गए थे. याचिकाकर्ता का आरोप है कि कोश्यारी ने आज तक अदालत के आदेश का अनुपालन नहीं किया है

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  • Last Updated: October 20, 2020, 10:33 PM IST
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देहरादून. उत्तराखंड हाईकोर्ट (Uttarakhand High Court) ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari) को बतौर पूर्व मुख्यमंत्री आवंटित आवास का बाजार मूल्य से किराया भुगतान करने संबंधी आदेश का पालन नहीं करने का आरोप लगाने वाली अवमानना याचिका पर नोटिस जारी किया है. हाईकोर्ट के जज शरद कुमार ने इस संबंध में याचिकाकर्ता के वकील द्वारा पेश की गई दलीलों को सुनने के बाद कोश्यारी के वकील के जरिए उन्हें यह नोटिस जारी किया. उन्होंने नोटिस का जवाब जारी करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है.

देहरादून स्थित गैर सरकारी संगठन ‘रूलक’ द्वारा दायर अवमानना याचिका में पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी पर अदालत के आदेश का 'जानबूझकर अनुपालन नहीं करने' का आरोप लगाया गया है. तीन मई, 2019 को दिए अपने आदेश में कोर्ट ने उन्हें छह महीने के भीतर बतौर पूर्व मुख्यमंत्री आवंटित आवास का बाजार मूल्य पर किराये का भुगतान करने को कहा था.

याचिका में कहा गया है कि कोश्यारी ने अभी तक राज्य सरकार को बाजार मूल्य पर अपने आवास का किराया नहीं जमा कराया है. इसके अलावा प्रतिवादी ने बिजली, पानी, पेट्रोल आदि के बिलों का भी भुगतान नहीं किया है.



कोश्यारी को भुगतान के लिए 60 दिन का नोटिस दिया गया था 
याचिकाकर्ता के वकील कार्तिकेय हरि गुप्ता ने कहा कि वर्तमान याचिका दाखिल करने से पहले कोश्यारी को भुगतान के लिए 60 दिन का नोटिस भी दिया गया था. याचिका में राज्य सरकार पर भी उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री को सुविधाएं (आवासीय और अन्य सुविधाएं) अध्यादेश 2019 लाकर और उसके बाद विधानसभा से संबंधित विधेयक पारित करा कर प्रतिवादी का 'गैरकानूनी और मनमाने तरीके' से पक्ष लेने और उन्हें भुगतान से छूट देने का आरोप लगाया गया है.

बता दें कि उत्तराखंड हाईकोर्ट की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को सरकारी आवास और अन्य सुविधाओं के आवंटन के मामले में पिछले वर्ष तीन मई को मार्केट रेट से बकाया जमा करने के निर्देश दिए गए थे. याचिकाकर्ता का आरोप है कि कोश्यारी ने आज तक अदालत के आदेश का अनुपालन नहीं किया है.
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