देहरादून: बोर्डिंग स्कूल में नाबालिग छात्र का यौन शोषण, अभिभावक की शिकायत पर वॉर्डन गिरफ्तार
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देहरादून: बोर्डिंग स्कूल में नाबालिग छात्र का यौन शोषण, अभिभावक की शिकायत पर वॉर्डन गिरफ्तार
अभिभावकों ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उनके 9 साल के बेटे के साथ शारीरिक प्रताड़ना और सैक्सुअल हैरेसमेंट हुई है. (सांकेतिक फोटो)

लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान देहरादून के एक बोर्डिंग स्कूल में नाबालिग छात्र के साथ यौन शोषण करने का मामला सामने आया है.

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देहरादून. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून को शिक्षा का हब माना जाता है. देश के विभिन्न राज्यों एवं विदेशों तक के लोग अपने बच्चों को यहां पढ़ने के लिए भेजते हैं. ऐसे में यहां के एक बोर्डिंग स्कूल (Boarding School) को लेकर चौंकाने वाली
बात सामने आई है. ताजा मामला देहरादून के बेवर्लि शालिनि स्कूल का है, जहां लॉकडाउन के दौरान स्कूल में फंसे 9 साल के नाबालिग छात्र को शारीरिक तौर पर प्रताड़ि‍त (Physical Torture) किया गया. साथ ही उसके साथ अश्लील हरकतें भी की गई हैं. मामले का पता चलने के बाद पैरेंट्स ने स्कूल के वॉर्डन के ख़िलाफ देहरादून के रायपुर थाने में लिखित में शिकायत दी है. इसके बाद पुलिस ने मामले की गम्भीरता को देखते हुए वॉर्डन को गिरफ्तार कर लिया है.

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित छात्र के अभिभावक जब नोएडा से देहरादून पहुंचे तो पूरी बात पुलिस को बताई. अभिभावकों ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उनके 9 साल के बेटे के साथ शारीरिक प्रताड़ना के साथ सैक्सुअल हैरेसमेंट भी किया गया. इसकी जानकारी उन्हें तब हुई जब वह अपने बच्चे को लेने आये थे. इस दौरान बच्चे ने खुद उन्हें घटनाक्रम के बारे में बताया. इस शर्मनाक घटना की जानकारी परिजनों ने डीएम के साथ ही पुलिस को भी ट्वीट करके दी थी. पैरेंट्स ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान उनके बच्चे के साथ सैक्सुअल हैरेसमेंट हुआ है. साथ ही बच्चे संग मारपीट और उससे घरेलू काम भी कराये गये हैं. मामले की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस ने मुक़दमा दर्ज कर एक गिरफ्तारी कर दी है.

पहले भी आए हैं ऐसे कई मामले



ऐसा पहली बार नहीं है जब देहरादून के बोर्डिंग स्कूलों से इस तरह के मामले सामने आये हों. बताते चलें कि इससे पहले दून इम्पिरियल रेजीडेंसी स्कूल के हॉस्टल में रह रहे बच्चे के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था. जिसमें स्कूल प्रबंधन ने मामले को दबाने की पूरी कोशिश की थी और बच्चे को धमकाया भी था. यहां तक कि आरोपी को भगाने में भी स्कूल प्रबंधन ने मदद की थी. देहरादून के ही जीआरडी स्कूल में नाबालिग छात्रा का गर्भपात कराने के मामले ने सभी को हैरान कर दिया था. पेस्टलवीड स्कूल हो, चिल्डर्न होम एकेडमी हो या फिर मसूरी के हॉस्टल में छात्र की आत्महत्या का मामला हो. इन कई प्रकरणों में कई बार न्याय के लिए अभिभावक भटकते रहे हैं.



तमाम सुरक्षा के दावे तब धरे के धरे
देहरादून भले भी शिक्षा का हब माना जाता हो लेकिन कई स्कूलों की लापारवाही से देहरादून की शिक्षा प्रणाली पर कई सवाल समय-समय पर उठते रहे हैं. छात्रों की सुरक्षा को लेकर स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे, आई कार्ड पर माइक्रो ट्रेसिंग चिप सहित तमाम सुरक्षा के दावे तब धरे के धरे रह जाते हैं जब इस तरह की शर्मनाक अपराधिक घटनाएं लगातार सामने आती हैं.

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First published: June 7, 2020, 10:10 AM IST
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