देहरादून के छात्रों ने नामी कंपनियों को पार्सल किया उनके उत्‍पादों का प्‍लास्टिक कचरा

छात्रों ने शहर के पर्यटक स्थलों से विभिन्न कंपनियों के पैकेज प्लास्टिक को करीब 35 पेटियों में अलग-अलग इकटठा किया और फिर शुक्रवार को डाक विभाग के माध्यम से नामी गिरामी इन कंपनियों के मुख्यालय को उनका प्लास्टिक कचरा भेज दिया.

Sunil Navprabhat | News18 Uttarakhand
Updated: November 11, 2018, 1:48 PM IST
Sunil Navprabhat
Sunil Navprabhat | News18 Uttarakhand
Updated: November 11, 2018, 1:48 PM IST
देहरादून के जागरूक छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक अनोखा अभियान छेड़ा है. छात्रों ने शहर के पर्यटन स्थलों से विभिन्न कंपनियों के प्लास्टिक पैकेट्स को करीब 35 पेटियों में अलग-अलग इकट्ठा् किया और फिर शुक्रवार को डाक विभाग के माध्यम से इन नामी-गिरामी कंपनियों के मुख्यालय को भेज दिया.

प्लास्टिक कचरा दुनियाभर में सबसे बड़ी समस्या बना हुआ है. एक मोटे अनुमान के अनुसार अकेले हिमालयी राज्य उत्तराखंड में रोज तीस लाख टन प्लास्टिक कचरा निकलता होता है, जिसमें बड़ी कंपनियों के विभिन्न उत्पादों के रैपर, बॉटल आदि का कचरा सबसे अधिक है. राजधानी देहरादून में प्रगतिशील छात्रों की संस्था 'मैड' ने 'घर वापसी' नाम से यह अभियान शुरू किया है.

शुक्रवार को छात्रों ने पहले कचरे से भरी ऐसी 35 पेटियों के साथ गांधी पार्क से घंटाघर तक जुलूस निकाला. उसके बाद छात्र पोस्ट ऑफिस पहुंचे और संबंधित नामी-गिरामी कंपनियों के मुख्यालय को कचरे से भरी ये पेटियां पार्सल कर दी गईं. इन छात्रों का कहना कि उनकी मुहीम का मकसद है कि कंपनियां अपने-अपने उत्पादों से पैदा होने वाले कचरे के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं.

छात्रों के इस प्रयास को शहरवासियों ने भी जमकर समर्थन दिया. नियमानुसार कंपनियों पर जिम्मेदारी होती है कि वे अपने द्वारा पैदा किए गए कूड़े का निस्तारण स्वयं करेंगी, लेकिन कंपनियां अपनी जिम्मेदारी निभाती नहीं हैं. नतीजा प्लास्टिक कचरा दिनों दिन विकराल रूप लेता जा रहा है.

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First published: November 10, 2018, 9:15 PM IST
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