उत्तराखंड: अटल आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा, इन निजी अस्पतालों को मिला आखिरी अल्टीमेटम

उत्तराखंड (Uttarakhand) के 8 अस्पतालों पर 'अटल आयुष्मान योजना' में फ्रॉड करने को लेकर कार्रवाई की गई है. इनमें से 7 निजी अस्पताल (Hospital) स्वास्थ्य विभाग (Health Department) को पैसा लौटाने तैयार नहीं है. अब विभाग इनके खिलाफ कार्रवाई की योजना बना रहा है.

Deepankar Bhatt | News18 Uttarakhand
Updated: August 13, 2019, 5:57 PM IST
उत्तराखंड: अटल आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा, इन निजी अस्पतालों को मिला आखिरी अल्टीमेटम
अटल आयुष्मान योजना के नाम पर फर्जीवाड़ा
Deepankar Bhatt
Deepankar Bhatt | News18 Uttarakhand
Updated: August 13, 2019, 5:57 PM IST
उत्तराखंड (Uttarakhand) में सबसे बड़ी हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम 'अटल आयुष्मान योजना' (Atal Ayushman Yojna)की आड़ में राज्य के कई निजी अस्पताल पैसा बना रहे हैं. सरकारी इंश्योरेंस की रकम से जेब गर्म करने के लिए कई प्राइवेट अस्पताल फर्जी इलाज कर रहे हैं. कहीं फर्जी बिल बनाए जा रहे हैं तो कहीं मरीज़ के घर लौटने के बाद भी आईसीयू (ICU) के बिल बनाए जा रहे हैं. जिन अस्पतालों की पोल खुली उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. उन्हें अटल आयुष्मान योजना से हटाया जा चुका है लेकिन इसके बावजूद राज्य के अस्पताल सुधर नहीं रहे हैं.

पैसा लौटाने तैयार नहीं 7 अस्पताल
अटल आयुष्मान योजना में अब तक 13 अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है. जिनमें से 8 प्राइवेट अस्पतालों में गड़बड़ियों की पुष्टि हो चुकी है. इन सभी 8 अस्पतालों को हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम से हटाया जा चुका है. फ्रॉड के दोषी अस्पतालों को अब स्वास्थ्य विभाग को पैसा वापस करना है. एक अस्पताल ने पैसा लौटाया है, जबकि 7 अस्पताल पैसा वापस करने को तैयार नहीं है. अब विभाग ने उन्हें आखिरी अल्टीमेटम में 15 दिन का वक्त दिया गया है. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य हो जाएगा.

Fraud - फर्जीवाड़ा करने वाले अस्पतालों को आखिरी अल्टीमेटम
फर्जीवाड़ा करने वाले अस्पतालों को आखिरी अल्टीमेटम


इन अस्पतालों पर लगा जुर्माना
जिन 8 अस्पतालों में फर्जीवाड़े के बाद पेनल्टी लगाई गई है, उनमें अबतक सिर्फ कृष्णा हॉस्पिटल ने 1 लाख 67 हजार चुकाए हैं. बाकी 7 अस्पताल 31 लाख 80 हजार की पेनल्टी चुकाने का नाम नहीं ले रहे हैं. इन अस्पतालों में अली नर्सिंग हॉस्पिटल, आस्था हॉस्पिटल, प्रिया हॉस्पिटल, जन सेवा हॉस्पिटल, जीवन ज्योति, विनोद ऑर्थो और देवकी नंदन हॉस्पिटल शामिल हैं. अटल आयुष्मान योजना के डायरेक्टर अभिषेक त्रिपाठी का कहना है कि अस्पतालों के पास आखिरी मौका है. अब पैसा नहीं चुकाया तो आगे कार्रवाई होगी.

बदले गए योजना के CEO
Loading...

उत्तराखंड में अटल आयुष्मान हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम की शुरुआत 25 दिसंबर 2018 को हुई थी पर 8 महीने में स्कीम नाम से ज्यादा बदनाम हुई है. ऐसे में हाल ही में स्कीम के स्टेट सीईओ को बदला गया है. IAS युगल किशोर पंत के बाद अब सीईओ की जिम्मेदारी IAS अरुणेंद्र चौहान को सौंपी गई है. नए CEO का कहना है कि राज्य की सबसे बड़ी हेल्थ स्कीम में फ्रॉड रोकना उनकी पहली प्राथमिकता है.

ये भी पढ़ें -

EXCLUSIVE: जम्मू-कश्मीर के गवर्नर का पाकिस्तान को करारा जवाब- ये दो महीने पहले का हिंदुस्तान नहीं है

खुशखबरी: 8वीं पास के लिए सरकारी जॉब पाने का मौका, सैलरी भी होगी अच्‍छी
First published: August 13, 2019, 5:37 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...