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Delhi-Dehradun Expressway: दिल्ली से ढाई घंटे में देहरादून पहुंचा देगा ये एक्सप्रेसवे, PM मोदी रखेंगे आधारशिला

Delhi-Dehradun Expressway: दिल्ली से ढाई घंटे में देहरादून पहुंचा देगा ये एक्सप्रेसवे, PM मोदी रखेंगे आधारशिला

दिल्ली दून एक्सप्रेस वे के बारे में सभी खास बातें जानिए.

दिल्ली दून एक्सप्रेस वे के बारे में सभी खास बातें जानिए.

Delhi-Dehradun Economic Corridor: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देहरादून दौरे के बीच चर्चा में आया यह नेशनल हाईवे वही है, जिसे लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक में मामले विचाराधीन हैं. सदियों पुराने हज़ारों पेड़ काटे जाने को लेकर चर्चित रहा यह हाईवे उत्तराखंड के आर्थिक बूम के लिए सुनहरा मौका माना जा रहा है. कितना खास है यह हाईवे? इसे 11 पॉइंट्स में जानिए.

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    देहरादून. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 दिसंबर को उत्तराखंड में 18,000 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों का शुभारंभ करेंगे, जिनमें दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की आधारशिला रखे जाने का कार्यक्रम भी शामिल होगा कहा जा रहा है कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश के साथ ही उत्तराखंड के लिए यह एक्सप्रेसवे बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा और एक्सपर्ट कह रहे हैं कि भारतमाला परियोजना के हिस्से के तौर पर उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में बूम इसी रास्ते से आएगा. दिल्ली से दून तक की 6 घंटे में तय होने वाली दूरी घटकर सिर्फ ढाई घंटे की रह जाएगी.

    पीएम मोदी 4 दिसंबर को देहरादून में इस एक्सप्रेसवे के निर्माण का शुभारंभ करेंगे, जिसके लिए पिछले दिनों ही केंद्र सरकार ने 2095 करोड़ रुपये की राशि मंज़ूर की थी. हाइब्रिड वार्षिकी मॉडल के अनुसार इस एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा. इस रास्ते पर 25 किलोमीटर की एलिवेटेड रोड होगी और 14 सुरंगें और यह 6 लेन रास्ता साफ जंगलों के हसीन नज़ारों के बीच से होकर गुज़रेगा.

    उत्तराखंड के लिए कैसे है यह विकास की राह?

    इस एक्सप्रेसवे के बनने से उत्तराखंड की इकॉनमी को बूम मिलने की संभावना है इसलिए इसे दिल्लीदेहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर नाम भी दिया गया है. माना जा रहा है कि एक्सप्रेस वे के बनने के बाद मसूरी, धनोल्टी, हर्षिल जैसे हिल स्टेशनों पर टूरिस्ट आसानी से पहुंच सकेंगे. देहरादून से हरिद्वार के बीच पहले ही फोर लेन हाईवे बनकर तैयार हो चुका है. यानी एक्सप्रेस वे के बनने से हरिद्वार तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा और हरिद्वार में ट्रैफिक जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी.

    दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे को 2024 तक पूरा कर लिए जाने का लक्ष्य रखा गया है. दिल्ली से उत्तराखंड पहुंचना इस रास्ते से बेहद आसान हो जाएगा और एक्सपर्ट मान रहे हैं कि इससे उत्तराखंड के पर्यटन को ज़बरदस्त बढ़ावा मिल सकता है. सिर्फ टूरिज़्म ही नहीं बल्कि दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड के बीच औद्योगिक विकास और व्यापार के लिहाज़ से भी यह कॉरिडोर अहम होने वाला है. इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के बारे में कुछ खास बातें पॉइंट्स् में जानते हैं :

    दिल्ली से देहरादून के बीच की 235 किलोमीटर की दूरी इस हाईवे से 210 किलोमीटर रह जाएगी लेकिन यह इतना तेज़ होगा कि सफर में समय 6.5 घंटे के बजाय 2.5 घंटे ही लगेगा.
    दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को इस तरह डिज़ाइन किया जाएगा कि यहां वाहनों की कम से कम रफ्तार 100 किमी प्रति घंटा रहे.
    8300 करोड़ रुपये की लागत से पूरा होगा प्रोजेक्ट. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रखेंगे आधारशिला.
    दिल्ली-दून आर्थिक गलियारे में हरिद्वार, मुज़फ्फरनगर, शामली, यमुनानगर, बागपत, मेरठ और बड़ोत की कनेक्टिविटी के लिए 7 इंटरचेंज होंगे.
    एक्सप्रेस वे चार फेज में डेवलपहोगा . तीसरे फेज में सहारनपुर बाईपास से गणेशपुर के बीच 40 किमी बनाया जाएगा.
    चौथे फेज़ में गणेशपुर से आगे देहरादून तक निर्माण होगा. इसकी लम्बाई करीब 19 किलोमीटर होगी.
    गणेशपुर से देहरादून के बीच एक्सप्रेस वे का ज्यादातर हिस्सा राजाजी नेशनल पार्क की सीमा से होकर गुज़रेगा.
    एशिया में सबसे बड़ा 12 किमी का एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा, ताकि वन्यजीवों को खतरा न हो.
    देहरादून के पास 340 मीटर लंबी सुरंग होगी. इसे स्टेट ऑफ द आर्ट तकनीक के तौर पर विकसित करने की योजना है.
    हरिद्वार में बनने वाली रिंग रोड की लागत करीब 1600 करोड़ रुपये होगी.
    उत्तराखंड के इकोनॉमिक कॉरिडर के रूप में बननेवाले इस एक्सप्रेसवे के तहत ऋषिकेश में लक्ष्मण झूले के पास गंगा पर एक पुल बनेगा.

    Tags: Dehradun news, Highway, Pm modi news, Uttarakhand news

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