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Uttarakhand: रावत ने सरकार को डेनिश प्रेमी बताया तो मंत्री हरक ने कहा- ये तो हरीश का पर्यायवाची

डेनिस शराब का मुद्दा एक बार फिर उत्तराखंड की सियासत को गर्मा रहा है.(File Photo)

डेनिस शराब का मुद्दा एक बार फिर उत्तराखंड की सियासत को गर्मा रहा है.(File Photo)

डेनिस शराब को लेकर 2014 में उपजा विवाद एक बार फिर चर्चा में है. इस बार हरीश रावत के एक ट्वीट के बाद बीजेपी ने कड़ा जवाब दिया है. हालांकि सभी आरोपों को हरीश रावत ने सिरे से नकार दिया है और इसे बीजेपी का प्रोपेगेंड करार दिया.

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देहरादून. राज्य में हरीश रावत सरकार के दौरान 2014 में उपजा डेनिस शराब का विवाद एक बार फिर सामने आ गया है. पूर्व सीएम रावत ने सरकार को डेनिस प्रेमी बताकर ट्वीट किया तो मंत्री हरक रावत गुस्सा गए और उन्होंने डेनिस को हरीश रावत का पर्यायवाची बता दिया. उन्होंने कहा कि डेनिस और हरीश रावत एक दूसरे के पर्यायवाची बन गए थे. हरक का कहना है कि कुमाऊं में तब डेनिस का नाम हरदा ब्रांड तो गढ़वाल में हरीश रावत ब्रांड नाम पड़ गया था.
गौरतलब है कि 2014 में डेनिस नामक शराब का ब्रांड उत्तराखंड में आया. उस दौरान रही हरीश रावत की सरकार पर अन्य ब्रांड को छोड़ डेनिस को प्रमोट करने के आरोप लगे. अन्य शराब कंपनियां मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले गईं, सुप्रीम कोर्ट ने मामला सीसीआई को सौंपा और जांच का आदेश दिया. इसके बाद सीसीआई ने उत्तराखंड सरकार की मंडी परिषद पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया.

बीजेपी ने बनाया था चुनावी मुद्दा
मामले में करप्‍शन के कई आरोप लगे. उस दौरान मुख्यमंत्री हरीश रावत को भी आरोपों में घेरा गया. इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनावों के दौरान बीजेपी ने इसे कांग्रेस और खासकर हरीश रावत के खिलाफ एक बड़ा मुद्दा बना लिया. बीजेपी ने इसे हरदा ब्रांड का नाम दिया और हरीश रावत के विरोध में लहर चला दी.

आबकारी नीति बदलने का आरोप
2014 में हरीश रावत सरकार पर तब लगे बड़े आरोपों में से एक इस ब्रांड के लिए आबकारी नीति को बदलकर शराब गोदामों का ठेका मंडी समिति को देने का आरोप था. तब मंडी समिति के मुखिया थे तत्कालीन कृषि मंत्री हरक सिंह रावत. ऐसे में कांग्रेसी हरक सिंह रावत पर भी ऊंगलियां उठा रहे हैं. लेकिन, हरक सिंह रावत का कहना था कि उन्हें मामले का कुछ पता तक नहीं था. हरीश रावत कैबिनेट में आए और सीधे कह दिया कि उन्होंने शराब गोदामों का अधिकार मंडी समिति को दे दिया है.
दूसरी ओर हरीश रावत ने पूरे मामले में तीखा जवाब दिया है. रावत का कहना है कि ये सिर्फ बीजेपी का प्रोपेगेंडा है. बीजेपी मिलकर झूठ फैलाती है. हकीकत तो ये है कि उनके कार्यकाल के दौरान स्टिंग और डेनिस में कुछ भी नहीं है.

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