एक बार प्रयोग असफल होने के बावजूद लगाए जा रहे 12 से 14 फुट के पेड़

उत्तराखंड वन विभाग ग्रीन रोड के नाम पर इन दिनों साढ़े सात सौ से अधिक 12 से 14 फुट लंबे पेड़ लगा रहा है.अब सौंदर्यीकरण के नाम पर ये पेड़ कितने उपयोगी हो पाएंगे, यह चर्चा का विषय बना हुआ है.

Sunil Navprabhat | News18 Uttarakhand
Updated: September 6, 2018, 5:40 PM IST
एक बार प्रयोग असफल होने के बावजूद लगाए जा रहे 12 से 14 फुट के पेड़
17 सितंबर 2017 में रातोंरात जब लगाए गए थे पेड़ (फाइल फोटो )
Sunil Navprabhat
Sunil Navprabhat | News18 Uttarakhand
Updated: September 6, 2018, 5:40 PM IST
उत्तराखंड वन विभाग ग्रीन रोड के नाम पर इन दिनों साढ़े सात सौ से अधिक 12 से 14 फुट लंबे पेड़ लगा रहा है.अब सौंदर्यीकरण के नाम पर ये पेड़ कितने उपयोगी हो पाएंगे, यह चर्चा का विषय बना हुआ है.17 सितंबर 2017 की रातोंरात भी वन विभाग ने सचिवालय से लेकर अन्य कई स्थानों पर सौंदर्यीकरण के नाम पर डेट पाम, बॉटल ब्रुश समेत करीब तीन सौ से अधिक पेड़ों का ट्रांसप्लांटेशन कर डाला  था. तब राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के पहली बार देहरादून दौरे पर आए थे.सुबह आंख खुलते ही बंजर भूमि पर रातों-रात उग आए इन विशाल पेड़ों को देखकर दून वासी चौंक पड़े थे लेकिन लाखों रूपये खर्च कर दिल्ली से लाए गए डेट पाम के यह पेड़ चंद महीनों में ही सूख गए.जनता इसे पैसे की बर्बादी बता रही है.

एक बार इस प्रयोग में पूरी तरह फेल होने के बावजूद भी वन विभाग फिर जिद पर अड़ा है.इस बार मौका इन्वेस्टर समिट का है.वन विभाग फिर से लाखों रूपये खर्च कर इन दिनों करीब आठ सौ पेड़ों का ट्रांसप्लांटेशन कर रहा है.यह ऑरनामेंट प्लांट बकायदा सहारनपुर के बिहारीगढ़ से मंगाए जा रहे हैं.इनमें मैगनोलिया, टैकोमा, केसिया फिसटुला, केसिया ग्लोका, जकरेंडा, गोल्ड मोहर के पेड़ शामिल हैं. जॉलीग्रांट एयरपोर्ट से लेकर रायपुर स्टेडियम तक सौंदर्यीकरण के नाम पर बड़ी संख्या में यह पेड़ लगाए जा रहे हैं.उधर वन विभाग का कहना है कि वो रायपुर बाईपास को ग्रीन रोड के रूप में विकसित कर रहा है.इसका इनवेस्टर समिट से कोई लेना देना नहीं है.
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