विकास की रफ़्तार बढ़ाने का संकल्प लेकिन क्या मिल पाएगी सिद्धि

Mukesh Kumar | News18India
Updated: November 14, 2017, 6:01 PM IST
विकास की रफ़्तार बढ़ाने का संकल्प लेकिन क्या मिल पाएगी सिद्धि
Mukesh Kumar | News18India
Updated: November 14, 2017, 6:01 PM IST
उत्तराखंड सरकार विकास के एजेंडे पर खरा उतरने के लिए ठोस कवायद में जुट गई है. नीति आयोग उपाध्यक्ष राजीव कुमार के दौरे से सरकार की उम्मीदों को बल मिल गया है. ऐसे में सरकार संकल्प को सिद्धि में बदलने की दिशा में कदम बढ़ा रही है हालांकि चुनौतियां भी कम नहीं हैं.

नौ नवम्बर को उत्तराखंड 17 साल का हो गया. अट्ठारहवें साल में प्रवेश करते ही प्रदेश अब विकास की मुख्य धारा में जुड़ने के सपने देख रहा है. केदारपुरी के विकास से लेकर किसानों की आय बढ़ाने और पलायन रोकने समेत कई संकल्प पूरे करना त्रिवेन्द्र सरकार के लिए बड़ी चुनौती है.

सोमवार को नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने सीएम से मुलाकात की जिसके बाद विकास के एजेंडे को गति मिलने की उम्मीद है. मुख्यमन्त्री विकास के मुद्दे पर पहले ही अपनी मंशा जाहिर कर चुके हैं. वह कई बार 13 ज़िलों में 13 नए टूरिस्ट डेस्टिनेशन शुरू करने, पलायन रोकने के लिए खेती और बागवानी को बढ़ाने के बारे में बात कर चुके हैं.

राज्य सरकार ने प्रदेश की 670 न्याय पंचायतों को ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है. पहले चरण में 50 ग्रोथ सेंटर विकसित किए जाएंगे. प्रदेश में 99.60 फीसदी गांवों में बिजली पहुंचाई जा चुकी है शेष बचे 43 गांवों के लिए भी कार्ययोजना तैयार है. शासन स्तर पर भी सरकार के एजेंडे को अमली जामा पहनाने की पहल शुरू हो गई है.

राज्य सरकार मुख्य रूप से इन संकल्पों को पूरा करने पर फोकस कर रही है. 2018 तक केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण करना, 2019 तक राज्य के हर घर तक बिजली पहुंचाना, 2019 तक राज्य में साक्षरता दर को 100 फीसदी पहुंचाना, 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करना, सुशासन और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए जीरो टॉलरेंस, स्वच्छ्ता और नदियों की सफाई और पुनर्जीवन, पंचेश्वर बांध, ऑल वेदर रोड, चारधाम रेल लाइन, पर्यटन विकास के लिए 13 जिले 13 टूरिस्ट डेस्टिनेशन.

स्वामी विवेकानंद ने कहा था उठो, जागो और तब तक रुको नहीं जब तक लक्ष्य हासिल न हो जाए.

बहरहाल सरकार की कवायद संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में चल रही है लेकिन प्रचंड बहुमत की सरकार के सामने संसाधन जुटाने की चुनौतियां भी कम नहीं हैं क्योंकि उत्तराखंड पर पहले से ही 45 हज़ार करोड़ का कर्ज है

 
First published: November 14, 2017
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