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भाजपा संगठन और काऊ में सहमति नहीं बनी... नहीं हुए रायपुर विधानसभा में मंडल अध्यक्षों के चुनाव

News18 Uttarakhand
Updated: December 3, 2019, 6:46 PM IST
भाजपा संगठन और काऊ में सहमति नहीं बनी... नहीं हुए रायपुर विधानसभा में मंडल अध्यक्षों के चुनाव
उमेश शर्मा काउ रायपुर से बीजेपी विधायक हैं.

रायपुर में जनाधार वाले काऊ (Umesh Sharma Kau) भले ही खुद भाजपाई रंग में रंग गए हों लेकिन उनके सपोर्टर आज भी बड़ी संख्या में कांग्रेसी ही हैं.

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देहरादून. कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए देहरादून (Dehradun) की रायपुर विधानसभा सीट (Raipur Assembly Seat) से विधायक उमेश शर्मा काऊ (Umesh Sharma Kau) और भाजपा संगठन के आमने-सामने होने से संगठन चुनाव ही प्रभावित हो गए हैं. बता दें कि रायपुर से विधायक उमेश शर्मा काऊ कांग्रेस के उन बागी विधायकों में से हैं जो 2016 में भाजपा में शामिल हो गए थे लेकिन आज तक पार्टी  की रीति-नीति के अनुसार खुद को ढाल नहीं पाए हैं. शायद इसी वजह से वह पार्टी लाइन से अलग चलते दिख रहे हैं और खिंचाव पैदा हो रहा है.

इन मंडलों पर विवाद 

ताज़ा मामला पार्टी संगठन के मंडल अध्यक्षों के चुनाव का है. भाजपा ने पूरे प्रदेश में 251 में से 230 मंडलों में चुनाव कराए. जिन 21 मंडलों में विवाद के कारण चुनाव नहीं हो पाए उनमें रायपुर विधानसभा के सभी चार मंडल भी शामिल हैं. इसी विधानसभा से काऊ विधायक हैं.

भाजपा प्रवक्ता वीरेंद्र बिष्ट कहते हैं कि उन सभी मंडलों में चुनाव हो करवा दिए गए जहां कोई विवाद नहीं था. जिन मंडलों में थोड़ी बहुत समस्या थी उनके चुनाव टाल दिए गए हैं. बिष्ट दावा करते हैं कि जल्द ही बाकी बचे मंडलों में विवाद सुलझा लिए जाएंगे और वहां भी चुनाव होंगे.

सपोर्टर अब भी कांग्रेसी 

रायपुर मंडल में विवाद क्या था यह मसूरी विधायक गणेश जोशी बताते हैं. दरअसल रायपुर विधानसभा में पार्टी के पहले दो मंडल थे. इस बार पार्टी ने इनको तोड़कर रायपुर, अजबपुर, राजीव नगर और तपोवन चार मंडल बना दिए. पार्टी के इस फामूर्ले से काऊ सहमत नहीं थे. नतीजा संगठन और विधायक में असहमति के चलते भाजपा यहां चुनाव ही नहीं करा पाई.

जानकार कहते हैं कि रायपुर में जनाधार वाले काऊ भले ही खुद भाजपाई रंग में रंग गए हों लेकिन उनके सपोर्टर आज भी बड़ी संख्या में कांग्रेसी ही हैं. यही एक कारण है कि निकाय चुनाव हों या फिर पंचायत चुनाव काऊ पर पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ काम करने के आरोप लगते रहे हैं. पंचायत चुनाव में तो उनको बकायदा पार्टी के नोटिस का सामना तक करना पड़ा था.ये भी देखें: 

 

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First published: December 3, 2019, 6:46 PM IST
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