हरीश रावत के ख़िलाफ़ बगावतः बागियों को अयोग्य ठहराना सही- SC

News18India
Updated: November 14, 2017, 8:13 PM IST
हरीश रावत के ख़िलाफ़ बगावतः बागियों को अयोग्य ठहराना सही- SC
file photo: मार्च 2016 में कांग्रेस से बगावत करने वाले विधायक
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Updated: November 14, 2017, 8:13 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने हरीश रावत सरकार के दौरान बगावत करने वाले कांग्रेसी विधायकों को अयोग्य ठहराने के नैनीताल हाईकोर्ट के फ़ैसले को सही ठहराया है.

उत्तराखंड में 19 मार्च, 2016 को वित्त विधेयक पेश करने के दौरान कांग्रेस के 9 विधायक बागी होकर बीजेपी के साथ खड़े हो गए थे. इसके बाद तत्कालीन स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल ने इन्हें अयोग्य घोषित कर दिया था.

हाई वोल्टेज पॉलिटिकल ड्रामे, जिसमें दो बार राष्ट्रपति शासन लगाया गया, मामला नैनीताल हाईकोर्ट से ही सुलझा.

अदालत ने स्पीकर के फ़ैसले को सही ठहराया और हरीश रावत की सरकार बच गई जो इस साल मार्च में चुनाव होने तक चली.

उधर हाईकोर्ट के फ़ैसले के विरोध में कांग्रेस के बागी विधायक (जो बाद में बीजेपी में शामिल हो गए) सुप्रीम कोर्ट चले गए थे जिस पर फ़ैसला मंगलवार को आया है और अब माना जा रहा है कि यह अध्याय पूर्ण रूप से बंद हो गया है.

हालांकि अदालत के बाहर राजनीति अपनी रफ़्तार से चलती रही थी और इन नौ लोगों समेत बीजेपी में आने वाले कई ‘पुराने कांग्रेसी’ आज सत्ता में हैं इनमें सदन में बागियों का नेतृत्व करने वाले हरक सिंह रावत भी शामिल हैं.

 
First published: November 14, 2017
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