दून निगम का भवन नहीं बन सकता ग्रीन बिल्डिंग, स्मार्ट सिटी टीम ने कहा 'नो'

स्मार्ट सिटी की सर्वे टीम ने किसी दूसरे स्थान पर ग्रीन बिल्डिंग निर्माण का सुझाव दिया है.

satendra bartwal | News18 Uttarakhand
Updated: September 7, 2018, 9:49 AM IST
दून निगम का भवन नहीं बन सकता ग्रीन बिल्डिंग, स्मार्ट सिटी टीम ने कहा 'नो'
देहरादून निगम की 100 साल पुरानी इमारत को स्मार्ट सिटी की सर्वे टीम ने ग्रीन बिल्डिंग के मानकों पर अनफिट करार दिया है.
satendra bartwal | News18 Uttarakhand
Updated: September 7, 2018, 9:49 AM IST
देहरादून नगर निगम को गुरुवार को बड़ा झटका लगा है. निगम की 100 साल पुरानी इमारत को स्मार्ट सिटी की सर्वे टीम ने ग्रीन बिल्डिंग के मानकों पर अनफिट करार दिया है. इतना ही नहीं निगम को किसी दूसरे स्थान पर ग्रीन बिल्डिंग निर्माण का सुझाव दिया गया है. इसके बाद अब निगम ग्रीन बिल्डिंग के लिए अब ज़मीन तलाश रहा है.

केंद्र सरकार के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत दून नगर निगम के भवन का चयन भी ग्रीन बिल्डिंग के तौर पर हुआ था. मंशा थी कि इस ऐतिहासिक भवन को ग्रीन बिल्डिंग के तौर पर विकसित कर इसे शहर के अन्य विभागों के बीच मॉडल के तौर पर प्रस्तुत किया जाए लेकिन यह मंशा पूरी होने की उम्मीद अब टूट गई है.

स्मार्ट सिटी की सर्वे टीम ने पिछले दिनों ग्रीन बिल्डिंग के लिहाज़ से नगर निगम की इमारत का सर्वे किया. टीम ने कहा कि नगर निगम का भवन को मानकों को पूरा नहीं करता और अगर इस भवन में तोड़फोड़ कर कुछ बदलाव किए जाते हैं तो इसे नुकसान पहुंच सकता है. स्मार्ट सिटी की सर्वे टीम ने भवन को ग्रीन बिल्डिंग के लिए उपयुक्त नहीं माना.

बता दें कि ग्रीन बिल्डिंग से अर्थ ऐसे भवन से हैं, जो पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल हो. ऐसे भवन में ऊर्जा खपत कम तो होती ही है, ऊर्जा की ज़रूरत गैर वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों, मुख्यतः सोलर एनर्जी से पूरी की जाती है.

ग्रीन बिल्डिंग का डिज़ाइन और निर्माण ऐसा होना चाहिए कि उसमें एयर कंडीशन्ड की ज़रूरत न पड़े. उसमें तापमान नियंत्रित प्राकृतिक हवा और धूप से ही किया जाता हो.

देहरादून नगर निगम के नगरायुक्त विजय कुमार जोगदंडे इस बात को स्वीकार करते हैं और कहते हैं स्मार्ट सिटी ने निगम को किसी दूसरी जगह पर ग्रीन बिल्डिंग बनाने का सुझाव दिया है.

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